शहर में 3 इंच बारिश:जिले में अब तक हुई 80%, सीजन में औसत 629.62 एमएम बारिश हाेने की संभावना जताई

भीलवाड़ा2 महीने पहले
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मेनाली नदी टहला-श्यामगढ़ के बीच उफान पर रही। - Dainik Bhaskar
मेनाली नदी टहला-श्यामगढ़ के बीच उफान पर रही।
  • दिन व रात के तापमान में 6 डिग्री का अंतर आया

बंगाल की खाड़ी में बन रहे साइक्लाेनिक सर्कुलेशन के असर से बारिश का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। साेमवार काे शहर में 77 एमएम यानि तीन इंच बारिश दर्ज की। माैसम वैज्ञानिकाें के अनुसार इस बार अक्टूबर के पहले सप्ताह तक बारिश हाेने की संभावनाएं जताई है। शहर में सुबह से बादल छाएं रहे और रूक रूक बारिश का दाैर चलता रहा।

साेमवार काे अधिकतम तापमान 30.5 व न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं एक दिन पहले रविवार काे अधिकतम तापमान 28 व न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री दर्ज किया गया। अभी दिन व रात के तापमान में 6 डिग्री का फर्क चल रहा है। दिन भर बादल रहने व बारिश हाेने के कारण से सूरज भी नहीं निकल रहा है। इसके कारण से तापमान में भी अधिक बढ़ाेतरी नहीं हाे रही है। दिनभर बारिश व बूंदाबांदी का दाैर रहने के कारण से लाेगाें काे अधिक गर्मी का अहसास भी नहीं हाे रहा है।

साेमवार काे भीलवाड़ा में 77 एमएम, हमीरगढ़ में 2 एमएम, हुरड़ा में 5 एमएम, रूपाहेली में 5 एमएम, काेटड़ी में 8 एमएम, मांडल में 2 एमएम, बागाैर में 8 एमएम, मांडलगढ़ में 1 एमएम, काछाेला में 26 एमएम, सहाड़ा में 5 एमएम, शाहपुरा में 1 एमएम, बिजाैलिया में 4 एमए बारिश दर्ज की गई। जिले में अब तक 80.6 प्रतिशत बारिश हाे चुकी है। जिले में औसत 629.62 एमएम औसत बारिश हाेने की संभावना है। जिसमें से अभी तक 507.23 एमएम बारिश हाे चुकी है। माैसम विभाग के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा के अनुसार इस बार लगातार सितंबर में बंगाल की खाड़ी में साइक्लाेनिक सर्कुलेशन जारी है। इससे बारिश का दाैर बना हुआ है। वहीं 22 और 23 सितंबर काे फिर से बंगाल की खाड़ी में साइक्लाेनिक सर्कुलेशन के असर से हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

बारिश से बचने झोपड़े में घुसे, आकाशीय बिजली गिरी, बुजुर्ग की माैत, बेटी व दाेहिता-दाेहिती सुरक्षित
खेत पर काम करते समय शुरू हुई बारिश से बचने के लिए एक परिवार के चार लाेग दाैड़कर वहां बने झोपड़े में घुसे, लेकिन माैत ने वहां भी पीछा नहीं छाेड़ा। झोपड़े में घुसकर सुरक्षित महसूस कर रहे परिजनाें पर आकाशीय बिजली कहर बनकर गिरी जिससे परिवार के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति की माैत हाे गई, जबकि उसकी बेटी, दोहिता और दोहिती सुरक्षित बच गए।

हालांकि वे तीनों भी मामूली झुलस गए। क्षेत्र की गेगा का खेड़ा ग्राम पंचायत के गेंता पारोली गांव में सोमवार दोपहर बारिश के दाैरान यह हादसा हुआ। झोपड़े 50 वर्षीय मोडाराम पुत्र रूपा राम भील के साथ उसकी पुत्री श्रवणी 15 वर्ष, दोहिती रवीना 6 वर्ष व दोहिता अनु 4 वर्ष बैठे थे। ये लाेग खेत में काम कर रहे थे इसी दाैरान बारिश शुरू हाे गई, जिससे बचने के लिए ये चाराें लाेग झोपड़े घुसकर बैठ गए थे।

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