ऑपरेशन क्लीन यूआईटी:यूआईटी में प्लेसमेंट एजेंसी से लगे 83 कर्मचारी में से 81 हटाए, अब रिश्तेदार कर्मचारियों पर नजर

भीलवाड़ा2 महीने पहले
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  • हर काम में पैसों की साैदेबाजी पर दो रिपोर्टरों ने 5 दिन की थी पड़ताल

यूआईटी में प्लेसमेंट एजेंंसी से लगे 83 में से 81 कर्मचारी हटा दिए गए। एजेंसी को 1 अक्टूबर से नए कर्मचारी उपलब्ध कराने का निर्देश बुधवार काे दे दिया गया। यूआईटी सचिव अजयकुमार आर्य ने बताया कि बरसों से प्लेसमेंट एजेंसी के मार्फत लगे कर्मचारियाें के लिए आमजन के काम अटकाने एवं पैसा लेने की जानकारी मिलने पर प्रत्येक शाखा में बरसाें से लगे प्लेसमेंट एजेंसी के कार्मिकाें की कार्यशैली की जांच कराई। प्रारंभिक दृष्टि से अधिकारियों ने माना ही ये संविदा कर्मचारी वहां पर नियम विपरीत काम कर रहे हैं। शिविर के कारण दो कार्मिकों को निरंतर रखेंगे। कलेक्टर शिवप्रसाद नकाते के निर्देश पर कार्मिकों को बदला गया है।

अब सबसे बड़ा सवाल- 19 लाइजनर की यूआईटी में एंट्री बंद होगी या नहीं

यूआईटी अफसरों ने 19 ऐसे लाइजनर चिह्नित किए हैं जो दूसरों के काम लेकर आते हैं और कर्मचारी व अधिकारियों से मिलकर लाइजनर के रूप में उनका काम कराते हैं। यूआईटी ने ऐसे 19 लोग चिह्नित कर लिए हैं। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल है कि इनकी यूआईटी में एंट्री कब बंद होती हैं? भास्कर के स्टिंग के बाद ऐसे लोगों की चहल-पहल कम हुई है। लेकिन स्थाई समाधान इन लाइजनर की एंट्री बंद होने से होगा।

ये कैसी गोपनीयता -फाइलें लेेकर इधर-उधर घूमते रहते हैं दलाल और लाइजनर

नियमानुसार किसी फाइल पर काम होने के बाद उस पर अन्य अिधकारी के साइन कराने का काम ऑफिस के चपरासी का होता है। लेकिन लाइजनर या दलाल खुद ही वहां के कर्मचारियों से मिलीभगत के कारण एक शाखा से अन्य शाखा में लेकर घूमते रहते हैं। यूआईटी में परंपरा बन चुकी हैं कि अफसर भी दलाल या लाइजनर की ओर से लाई गई फाइलों पर तुरंत साइन कर देते हैं। जबकि आम आदमी भटकता रहता है।​​​​​​​

दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन पर चेती यूआईटी

​​​​​​​दैनिक भास्कर के दाे रिपाेर्टरों ने पांच दिन पड़ताल करते हुए प्रशासन शहरों के संग अभियान से पहले यूआईटी में नामांतरण एवं पट्टा बनवाने के काम के लिए सौदेबाजी हाेने का 28 सितंबर के अंक में खुलासा िकया था। स्टिंग में प्लेसमेंट एजेंसी के कर्मचारियाें काे खुलेआम पैसा लेते बताया था। खबर छपने पर दो कार्मिकों को ताे तत्काल हटा दिया था। स्टिंग के बाद प्लेसमेंट एजेंसी से लगे एेसे कार्मिकों की भी सूची तैयार की जा रही है जिनके निकट रिश्तेदार यूआईटी में स्थाई कर्मचारी हैं।​​​​​​​


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