पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

पेयजल सप्लाई नहीं:चंबल पर 90 कराेड़ खर्च फिर भी 41 फीसदी लोगों काे राेज नहीं मिलता पानी 20% आबादी तक पानी पहुंचा ही नहीं

भीलवाड़ा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • दावा: शहर में राेज पर्याप्त जलापूर्ति होगी
  • हकीकत: 85 में से केवल 50 जाेन में राेज जलापूर्ति, वितरण सिस्टम में कमी से 35 में संभव नहीं

(नरेंद्र जाट) कभी ट्रेन से पानी आने पर ही पेयजल नसीब हाेने वाले भीलवाड़ा शहर के लिए चंबल नदी से पानी आना किसी सपने से कम नहीं था लेकिन जब काम पूरा हुआ ताे पता चला कि सिस्टम की खामियाें के कारण कराेड़ाें रुपए खर्च हाेने के बावजूद पूरे शहर काे चंबल के पानी का फायदा नहीं मिला। दैनिक भास्कर की ओर से की गई ऑडिट में सामने आया कि 41 प्रतिशत आबादी काे अभी भी राेज पेयजल सप्लाई नहीं हाे रहा है।

आश्चर्यजनक है कि 20 प्रतिशत आबादी तक ताे अभी तक चंबल का पानी अफसर पहुंचा ही नहीं पाए हैं। भीलवाड़ा शहर में चंबल प्राेजेक्ट के काम पर 90 कराेड़ रुपए खर्च हाे चुके हैं। चंबल प्राेजेक्ट की डिटेल प्राेजेक्ट रिपाेर्ट (डीपीआर) में यह दावा किया गया था कि चंबल से भीलवाड़ा पानी आने के बाद शहर में राेज और पर्याप्त पेयजल सप्लाई हाेगा और काेई भी एरिया चंबल के पानी से वंचित नहीं रहेगा लेकिन यह दावा फेल साबित हुआ। यहां के नेता और चंबल प्राेजेक्ट के अधिकारी शहरवासियाें काे गुमराह करते रहे और हकीकत यह है कि काम पूरा हाेने के बाद भी 41 प्रतिशत जनता काे अभी भी राेज पानी नहीं मिल पा रहा है। 20 प्रतिशत आबादी के लिए ताे अभी भी चंबल का पानी सपने की तरह ही है।

पूरे शहर में जलापूर्ति के लिए 90 कराेड़ में यह काम हुआ

  • 24 नई टंकियां: शहर की सभी काॅलाेनियाें में बराबर-बराबर पानी पहुंचे इसके लिए सर्वे कर काॅलाेनियाें में पानी की 24 नई टंकियां बनाईं। इन सभी की पानी स्टाेरेज की क्षमता 18500 किलाेलीटर हैं।
  • 9 पंप हाउस: सभी काॅलाेनियाें में जलापूर्ति के लिए जाेन अनुसार पंप हाउस बनाए गए ताकि अलग-अलग एरिया के अनुसार पानी का स्टाेरेज कर पानी काे लिफ्ट किया जा सके।
  • 473 किलाेमीटर पाइपलाइन: अलग-अलग काॅलाेनियाें में जलापूर्ति के लिए 395 किलाेमीटर और अलग-अलग पंप हाउस से पानी की टंकियाें तक पानी पहुंचाने के लिए 78 किलाेमीटर नई पाइपलाइन बिछाई गई।
  • 4 भूजल जलाशय: पंप हाउस के आलावा पानी स्टाेरेज के लिए शहर में अलग-अलग जगह 4 नए भूजल जलाशय बनाए गए।.

आखिर कहां अफसराें ने चूक की और क्याें शहरवासियाें काे याेजना का फायदा नहीं मिल रहा

शहर में जलापूर्ति के लिए 85 से 40 जाेन बनाए : एक दिन भी सफल नहीं हुई अफसराें की यह याेजना फिर बदलनी पड़ी। शहर की करीब 20% अाबादी तक अभी चंबल का पानी पहुंच ही नहीं पाया लेकिन जाे बची आबादी है उनमें भी राेज जलापूर्ति नहीं हाे रही है। सभी काॅलाेनियाें में नियमित सप्लाई के लिए चंबल प्राेजेक्ट और जलदाय विभाग के अफसराें ने पूर्व निर्धारित 85 जाेन काे बदलकर 40 जाेन बनाए लेकिन दाेनाें विभाग के अधिकारी खुद की ओर बनाए गए प्लान काे एक दिन भी लागू नहीं कर पाए क्याेंकि यह संभव नहीं था।

आखिर क्याें समस्या आई: शहर के जलापूर्ति सिस्टम काे न ताे सुधारा गया और न ही चंबल प्राेजेक्ट में बनाए गए सिस्टम काे शहर के हिसाब से बनाया गया। इसमें कई कमियां छाेड़ दी गई। अाखिरकर दाेनाें विभागाें के अफसराें काे उनकी खुद की ही याेजना काे बदलना पड़ा और शहर में जलापूर्ति के लिए पुरानी 85 जाेन की याेजना काे यथावत चालू रखा गया लेकिन 85 में से केवल 50 जाेन में ही राेज जलापूर्ति हाे रही है बाकी 35 जाेन में एक दिन छाेड़कर पानी सप्लाई हाेता है।

चंबल से पानी की कमी नहीं है लेकिन सिस्टम सही डवलप नहीं किया : जानकाराें का कहना है कि चंबल से आ रहे पानी की कमी नहीं है लेकिन डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम काे सही डवलप नहीं किया अाैर उसमें इतनी खामियां है कि 90 कराेड़ रुपए खर्च करने के बावजूद यहां नियमित रूप से जलापूर्ति नहीं हाे सकती। शहर में अभी राेज 700 लाख लीटर पानी की सप्लाई की जा रही है। इसमें से चंबल से 650 लाख लीटर अाैर स्थानीय स्राेत मेजा बांध व कंकराेलिया घाटी से करीब 50 लाख लीटर पानी लिया जा रहा है।

अफसराें के अजीब तर्क
शहर का विस्तार हाेरिजेंटल हुआ है वर्टिकल हाेना चाहिए था जलदाय विभाग और चंबल प्राेजेक्ट के अफसर अपनी बात काे सही साबित करने के लिए अब गलत तर्क दे रहे हैं। उनका तर्क है कि डीपीआर में भीलवाड़ा शहर का जितना विस्तार आंका गया था उससे ज्यादा विस्तार हाे गया। इसके अलावा यह विस्तार होरिजेंटल (क्षेतिज) न हाेकर वर्टिकल (खड़ा) हाेना चाहिए था। ताकि इससे जलापूर्ति सिस्टम अच्छा रहता है।

शहर में अभी 85 जाेन हैं। चंबल के पानी की कमी नहीं है लेकिन डिस्ट्रिब्यून सिस्टम ठीक नहीं हाेने के कारण सभी जाेन में नियमित जलापूर्ति संभव नहीं है। इस कारण अभी यह भी सुना है कि चंबल प्राेजेक्ट ने शहर में नए नल कनेक्शन देने के लिए भी मना किया हुआ है। इसके बारे में ज्यादा जानकारी चंबल प्राेजेक्ट के अधिकारी ही दे सकते हैं। क्याेंकि हम जब भी कुछ पूंछते हैं ताे वे बताते हैं कि आपकाे हमारी प्लानिंग के अनुसार ही चलना पड़ेगा। यह सही बात है कि शहर का विस्तार हाेने के कारण अभी भी कई भाग ऐसा है जहां पर हमारी ओर से जलापूर्ति नहीं की जा रही है। संतपाल सिंह डूडी, एक्सईएन, भीलवाड़ा शहर

चंबल से पर्याप्त पानी आ रहा है लेकिन नई काॅलाेनियाें काे सप्लाई नहीं कर सकते क्याेंकि ये काॅलाेनियां यूआईटी एरिया में डवलप हुई हैं। इनके डवलपमेंट का चार्ज काॅलाेनाइजर से यूआईटी ने लिया है इसलिए पहले यूआईटी पैसा जमा कराए फिर वहां पानी पहुंचाएंगे। इसके अलावा कई ऐसे एरिया हैं जिनमें पानी नहीं पहुंच रहा है क्याेंकि ये एरिया अव्यवस्थित बसे हुए हैं। यहां पर पानी पहुंचाना संभव नहीं है। वीके गर्ग, कार्यवाहक एसई, चंबल प्राेजेक्ट

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- दिन उत्तम व्यतीत होगा। खुद को समर्थ और ऊर्जावान महसूस करेंगे। अपने पारिवारिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन करने में सक्षम रहेंगे। आप कुछ ऐसे कार्य भी करेंगे जिससे आपकी रचनात्मकता सामने आएगी। घर ...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser