अलर्ट:नया संकट, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर के बाद अब अस्पतालों में हो सकती है खून की कमी

भीलवाड़ा6 महीने पहले
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  • समय से नहीं चेते तो बढ़ सकती परेशानी, एमजी अस्पताल में 110 यूनिट ब्लड ही बचा
  • क्योंकि वैक्सीनेशन के बाद व्यक्ति 70 दिन तक नहीं कर सकता है रक्तदान

कोरोना काल में हम ऑक्सीजन, रेमडेसिविर और बैड की किल्लत का सामना कर रहे हैं। एक और समस्या है जो कि मई में शुरू होने वाली है। इसका समाधान और किसी के पास नहीं बल्कि हम जिलेवासियों के पास ही है। ये समस्या है ब्लड बैंक में रक्त की कमी। वैसे ही इस मौसम में ब्लड बैंक में रक्त की कमी हो जाती है।

कोरोना काल होने की वजह से लोग भी रक्तदान करने नहीं जा रहे है इसके चलते ये कमी और बढ़ने लगी है। वहीं कोरोना वैक्सीनेशन शुरू होने पर यह समस्या विकराल हो जाएगी। इसका कारण है कि मई से युवाओं के लिए कोरोना टीकाकरण शुरू होने जा रहा है और टीका लगवाने वाला व्यक्ति करीब 70 दिन तक रक्तदान नहीं कर सकता। स्वैच्छिक रक्तदान करने वालों में युवा ही सबसे ज्यादा होते हैं।

वैसे भी मई-जून में रक्तदान काफी कम होता है, क्योंकि भीषण गर्मी में कैंप नहीं होते। लेकिन इस बार वैक्सीनेशन शुरू होने से यह परेशानी और अधिक होने वाली है। क्योंकि पहली और दूसरी डोज में करीब 42 दिन का अंतराल रहेगा। दूसरी डोज के भी 28 दिन बाद तक वैक्सीनेटेड व्यक्ति का रक्तदान नहीं कर सकता है।
इन दिनों जरूरत 500 यूनिट तक, इसका चौथाई भी बैंक में नहीं...ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. अनिल कुमार लढ़ा ने बताया कि बी निगेटिव 1 यूनिट, एबी निगेटिव 1 यूनिट, ए निगेटिव 2 यूनिट, ओ पॉजिटिव 12 यूनिट, बी पॉजिटिव 47 यूनिट, एबी पॉजिटिव 15 यूनिट, ए पॉजिटिव 33 यूनिट ही रह गया है। वैसे यह आंकड़ा स्थिति के अनुसार बदलता रहता है। ब्लड बैंक की क्षमता 1500 यूनिट की है। वैसे 900 यूनिट प्रतिमाह खपत हाेती है लेकिन काेराेनाकाल में खपत पांच साै से छह साै यूनिट है।

प्लाज्मा दान की भी जरूरत कोरोना के दौरान अस्पतालों में प्लाज्मा की भी मांग है। इसलिए ऐसे लोग, जो कोरोना पॉजिटिव रह चुके हैं और कोविड-19 की दो बार जांच रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। 3 सप्ताह पहले ठीक हो चुके हैं व उम्र 18 से 60 साल के बीच, वजन 50 किलो या ज्यादा है।

स्वस्थ भी तो कोरोना रोगी का जीवन बचाने के लिए प्लाज्मा दान कर सकते हैं। गुरुवार को ऐसी पहल युवाओं ने की। महावीर नवयुवक मंडल के अर्पित कोठारी के नेतृत्व में लाइफ वेलफेयर सोसाइटी के नवीन मोटवानी ने तीसरी बार, पंकज जैन ने ओ पॉजीटिव प्लाज्मा दान किया।

टीका लगवाने से पहले रक्तदान करें जो भी युवा वैक्सीनेशन कराना चाहते है वे रजिस्ट्रेशन कराने के बाद पहले ब्लड बैंक में रक्तदान करें। फिलहाल ऑक्सीजन, बैड और रेमडेसिविर की किल्लत के कारण परेशानी बनी हुई है कहीं ऐसा न हो ब्लड बैंक में खून की कमी बड़ी समस्या बन जाए। ऑक्सीजन, रेमडेसिविर की सप्लाई तो आगे से आती है लेकिन हमारे शहर के ब्लड बैंक में रक्त की पूरी उपलब्धता बनी रहे ये हम पर निर्भर करता है। इसलिए आगे आएं और रक्तदान करें।

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