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  • All The Members Of The Family, Brothers And Sisters Are Also Saints, Are In Non violence Journey Together, Terapanth Takes Care Of The Various Projects Of The Dharmasangh.

कई संत और साध्वियों के पास अहम जिम्मेदारियां हैं:परिवार के सभी सदस्य, भाई-बहन भी संत, अहिंसा यात्रा में हैं साथ, तेरापंथ धर्मसंघ के विभिन्न प्रकल्पाें का जिम्मा संभालते हैं

भीलवाड़ा14 दिन पहलेलेखक: फतहलाल शर्मा
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आध्यात्म में रुचि जगी ताे कई भाई-बहन व परिवार अपना कराेड़ाें का काराेबार छाेड़ दीक्षा ग्रहण कर जैन संत बन गए। यही नहीं, कुछ परिवार के सगे-भाई बहन भी है जिन्हाेंने यह मार्ग चुना और अहिंसा यात्रा में भी साथ रहकर सद्भावना का संदेश दे रहे हैं।

तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्यश्री महाश्रमण के साथ कई साधु-संत ऐसे हैं, जिनका पूरा परिवार आध्यात्म में है। कई परिवाराें की इकलाैती संतान ताे कुछ ने परिवार समेत घर-व्यवसाय छाेड़कर संयमपथ अंगीकार कर दीक्षा ग्रहण कर ली। घर्मसंघ में शामिल मुनियाें व साध्वियाें काे आचार्यश्री तुलसी, आचार्यश्री महाप्रज्ञ व आचार्यश्री महाश्रमण ने दीक्षा दिलाई। तेरापंथनगर में चातुर्मास कर रहे आचार्यश्री महाश्रमण के साथ आए जैन संत-साध्वियाें पर एक रिपाेर्ट।

इन संताें-साध्वियाें का पूरा परिवार आया अहिंसा यात्रा में... चातुर्मास में आए अधिकांश जैन संताें काे आचार्यश्री महाश्रमण ने दिलाई दीक्षा

  • तीनाें भाई-बहनाें ने चुना आध्यात्म का पथ...मुनि कुमारश्रमण, साध्वी शशिप्रभा, दाेनाें भाई-बहन ने लाडनू में आचार्यश्री तुलसी से दीक्षा ली। तीसरी बहन सुनंदाश्री ने भी लाडनू में ही आचार्यश्री महाप्रज्ञ से दीक्षा ली।
  • मुनि विश्रुत कुमार व दाे बहनाें ने ली दीक्षा...मुनि विश्रुत कुमार, साध्वी मलयश्री, दाेनाें भाई-बहनाें ने बीदासर, जबकि तीसरी बहन संबुद्धयशा ने जसाेल में आचार्यश्री से दीक्षा ली। इसी तरह मुनि विश्रुत कुमार की दाे कजिन बहनें साध्वी उदितयशा काे बीदासर में तथा ख्यातयशा ने जसाेल में दीक्षा ली थी।
  • तीनाें भाई-बहन आ गए सेवा में...मुनि केशी कुमार व उनकी दाे बहनाें साध्वी कमनीयप्रभा व आदित्यप्रभा तीनाें ने आसाम के गुवाहाटी में आचार्यश्री महाश्रमण से एक साथ दीक्षा ग्रहण की। इसमें खास बात यह है कि इनके परिवार में तीन भाई-बहन हैं और तीनाें ने ही दीक्षा ग्रहण कर ली।
  • महाश्रमण की दाे भतीजी भी बनीं साध्वियां...आचार्यश्री महाश्रमण की दाे भतीजियाें साध्वी सुमतिप्रभा ने लाडनू व साध्वी चारित्रयशा ने सरदारशहर में आचार्यश्री से दीक्षा ली है। सुमति प्रभा आचार्यश्री की पुस्तक का संपादन कर रही हैं। चारित्रयशा पुस्तक का अंग्रेजी में अनुवादन करती हैं।
  • तीन भाईयाें में एक के दाे बेटे, दाेनाें बने संत...मुनि अनुशासन कुमार व उनके भाई मृदुकुमार ने सेमड़ में आचार्यश्री महाप्रज्ञ ने दीक्षा ली थी। इन दाेनाें भाइयाें के परिवार में पिता तीन भाई हैं। तीनाें के बीच एक भाई के दाे पुत्र हैं, जिन्हाेंने भी दीक्षा ले ली। इसी तरह मुनि ऋषि कुमार व रत्नेश कुमार भाई हैं और दाेनाें ने दीक्षा ली। ऋषि कुमार ने बैंगलाेर तथा रत्नेशकुमार ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में दीक्षा ली।
  • इकलाैती संतानाें ने भी ले ली दीक्षा...मुनि याेगेश कुमार परिवार में इकलाैते थे, जिन्हाेंने लाडनूं व सत्यकुमार ने गाेवाहाटी में आचार्यश्री से दीक्षा ली थी।
  • पूरे परिवार ने ले ली दीक्षा...साध्वी सिद्धार्थप्रभा ने जसाेल में आचार्यश्री महाश्रमण से दीक्षा ग्रहण की थी। उसके बाद चेन्नई में आचार्यश्री से दूसरी बहन तेजस्वीप्रभा ने दीक्षा ली। उनके साथ माता-पिता व भाई ने भी दीक्षा ग्रहण की थी। दीक्षा से पहले मात्र सात दिन में अपना मकान, व्यवसाय आदि छाेड़कर संयमपथ अपनाया।
  • बीदासर में 43 मुमुक्षुओं की दीक्षा के दाैरान मां-बेटी ने खड़े हाेकर गृहस्थ वेष में ही ले ली दीक्षा...मुनि विवेक कुमार व बहन हिमांशुप्रभा ने पचपदरा में आचार्यश्री महाश्रमण से दीक्षा ग्रहण की। इसके बाद बीदासर में 43 मुमुक्षुओं की दीक्षा के दाैरान साध्वी विशालप्रभा की दीक्षा के दाैरान मां-बेटी ने खड़े हाेकर गृहस्थ वेष में ही दीक्षा ग्रहण कर ली। इस परिवार में मामा मुनि मनन कुमार ने अहमदाबाद में आचार्यश्री महाप्रज्ञ से दीक्षा ग्रहण की थी। वहीं माैसी नीतिप्रज्ञा समणी है।
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