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मामले में जांच:काेटड़ी ब्लाॅक में एक और घपला, मर्ज हुए स्कूलों के शिक्षकों काे बिना काउंसलिंग मनचाही जगह लगाया

उदलियास6 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • शाला दर्पण पोर्टल पर भी प्रतिनियुक्ति को स्थाई नियुक्ति बता दिया

फर्जी शिक्षक बनाकर वेतन के करोड़ों रुपए उठाने के मामले में जांच चल ही रही है कि अब सरकारी शिक्षकों को मनचाहे स्थान पर नियुक्ति देने का एक और घपला काेटड़ी ब्लाॅक में सामने आया है। काेटड़ी सीबीईओ कार्यालय के कर्मचारियों ने आधा दर्जन से ज्यादा तृतीय श्रेणी शिक्षक-शिक्षिकाओं को स्कूल मर्ज हाेने से पहले ही प्रतिनियुक्ति पर अपने इच्छित स्थान पर लगा दिया। इसके बाद विभागीय काउंसलिंग के बिना स्थाई नियुक्ति दे दी।

इतना ही नहीं, शाला दर्पण पोर्टल पर भी प्रतिनियुक्ति को स्थाई नियुक्ति बता दिया। ऐसा ही एक मामला पीईईओ क्षेत्र रीठ के अधीन है। अध्यापिका नूतन सोनी की नियुक्ति 2015 में गेहूंली पंचायत के साेला का खेड़ा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में हुई थी। यह स्कूल जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर है। वर्ष 2017 में प्रोबेशन काल में उसने फतेहगढ़ के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में प्रतिनियुक्ति करवा ली, जाे कि भीलवाड़ा से करीब 40 किलोमीटर दूर ही है।

सोला का खेड़ा के स्कूल के वर्ष 2017 में मर्ज होने के बावजूद शिक्षिका को मूल पदस्थापन स्थान पर नहीं भेजा। अधिकारी व बाबू ने गड़बड़ी कर जनवरी 2018 में शाला दर्पण पोर्टल पर उसे उप्रावि फतेहगढ़ में ही स्थाई नियुक्ति पर बताया। उसकी सर्विस बुक भी गेहूंली पीईईओ के बजाय रीठ पीईईओ को दे दी। इस तरह प्रतिनियुक्ति आदेश से लगी शिक्षिका नूतन सोनी को वेतन रीठ पीईईओ से मिलने लगा।

मामला तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार ने किए थे स्कूल मर्ज

उल्लेखनीय है कि करीब 4 साल पहले तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार ने स्कूलों को मर्ज किया था। तब शिक्षकों की काउंसलिंग कराई लेकिन यहां विभाग के अधिकारी व लिपिक ने मर्ज विद्यालय के शिक्षकों काे पद स्थापन से पहले प्रतिनियुक्ति पर भेजा और बाद में उसी स्थान पर पोस्टिंग बता दी। मजे की बात यह कि प्रतिनियुक्ति पर इच्छित स्थान को मूल पद करवाने वाले शिक्षकों व संबंधित पीईईओ के पास अब तक आदेश नहीं है। बावजूद इसके प्रतिमाह बिल बनाने वाले अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर लगे शिक्षकों को स्थाई मान कर वेतन दे रहे हैं।

2017 में शिक्षकों की कमी के चलते मुझे सोला का खेडा से फतेहगढ़ भेजा था। तब से मैं यहां कार्यरत हूं। मेरी काउंसिलिंग नहीं हुई थी। और भी कोई जानकारी चाहिए तो लिखित में मांगें।
नूतन सोनी, शिक्षका, फतेहगढ़

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