सियासत में फंसी पुलिस:प्रद्युम्न का अनशन शुरू होते ही एसपी ने विधायक रामलाल के करीबी पुर और मंगरोप एसएचओ को हटाया, 8 घंटे बाद एसपी का तबादला

भीलवाड़ा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा प्रद्युम्न को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाते हुए। - Dainik Bhaskar
एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा प्रद्युम्न को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाते हुए।
  • दोनों एसएचओ को एसआईटी में लगाया, एसपी विकास शर्मा को अजमेर भेजा, भीलवाड़ा में एसपी का पद खाली

अब थानाें का जिम्मा सैकंड अफसरों के पास रहेगा

जिले की सियासत और पुलिस महकमे में बुधवार को कई घटनाक्रम हुए। सबसे पहले दो दिन से धरने पर बैठे प्रद्युम्न सिंह के बुधवार सुबह अनशन शुरू करने के बाद शाम होते-होते एसपी विकास शर्मा ने स्वरूपगंज सरपंच पप्पूलाल रेबारी पर जानलेवा हमले के मामले में आराेपी के परिजनाें काे प्रताड़ित करने के आराेपाें से घिरे पुर थानाधिकारी गजराज चाैधरी और मंगराेप थानाधिकारी माेतीलाल रायका काे थाने से हटा दिया।

इसके बाद रात 12 बजे एसपी विकास शर्मा को ही हटाकर अजमेर एसपी लगा दिया गया। कांग्रेस नेताओं की अंदरुनी सियासत में फंसी भीलवाड़ा एसपी की कुर्सी अब खाली हो गई। फिलहाल यहां सरकार ने नया एसपी नहीं लगाया है। दोनों थानेदारों को दाे कांस्टेबलाें की हत्या के मामले की जांच और गैंगस्टर राजू फाैजी की तलाश कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) में लगाया है। प्रद्युम्नसिंह ने दोनों थानाधिकारियों को हटाने के बाद बुधवार काे अनशन खत्म कर दिया।

कांग्रेस की अंदरुनी सियासी लड़ाई में फंसी एसपी की कुर्सी पहली बार खाली

एसपी विकास शर्मा लगातार ज्वाइनिंग के बाद से ही किसी न किसी विवाद से जुड़े रहे। 8 महीने के कई विवादों के बाद कांग्रेसी नेता की ओर से पुर और मंगरोप थानेदार को हटाने के मामले में ऐसे सियासी चक्रव्यूह में फंसे कि आखिरकार उनको हटना पड़ा। चुनिंदा नेताओं के कहने पर पुलिस अफसरों के तबादले करने के भी उन पर आरोप लगे।

इसको लेकर जिले में कांग्रेस के अधिकांश नेता एसपी से असंतुष्ट चल रहे थे। पिछले दिनों उन्होंने सामूहिक रूप से यह बात जयपुर तक पहुंचाई थी। कई मामलों में कमजोर प्रदर्शन और नेताओं की नाराजगी भी इस तबादले का एक कारण मानी जा रही है।

कुछ जानकारों का कहना है कि एसपी को पुर व मंगरोप थानेदारों को हटाना महंगा पड़ा है। एसपी को अचानक हटाने के पीछे गुटों में बंटे नेताओं के अपने-अपने तर्क भी है। यहां कांग्रेस में इतनी सियासत हो चुकी है कि पहली बार एसपी के तबादले के बाद कुर्सी खाली रह गई। अब सब नेता नए एसपी के नाम पर सक्रिय हो गए हैं।

एसआईटी प्रभारी और दाेनाें एसएचओ के खिलाफ जांच अधिकारी भी एएसपी मिश्रा...

इस आदेश के बाद एक संयाेग ये भी बना है कि एसआईटी में लगाए गए दाेनाें थानाधिकारियाें की प्रभारी एएसपी चंचल मिश्रा रहेंगी। वहीं इन दाेनाें थानाधिकारियाें के खिलाफ लगे आराेपाें की जांच अधिकारी भी एएसपी चंचल मिश्रा ही हैं। इंस्पेक्टर गजराज चाैधरी तस्कर राजू फाैजी की गैंग द्वारा की गई फायरिंग के वक्त रायला थानाधिकारी के रूप में पदस्थ थे। अपने थाने के सिपाही पवन चाैधरी की हत्या के समय माैजूद गजराज अब आराेपी तस्कर राजू फाैजी की तलाश भी करेंगे।

पूर्व सरपंच से मारपीट से शुरू हुआ मामला एसपी के लिए गलफांस बना और सियासी उठापटक से तबादले तक पहुंचा

प्रद्युम्नसिंह राणावत, कांग्रेस नेता पुर व मंगरोप थानेदारों को हटाने के आदेश काे कांग्रेस नेता प्रद्युम्न सिंह राणावत और समर्थकों ने अपनी जीत बताते हुए अनशन खत्म कर दिया। थानाधिकारियाें काे हटाने की मांग काे लेकर दाे दिन धरना दिया और एक दिन अनशन किया।
रामलाल जाट, मांडल विधायक मंगराेप व पुर थानाधिकारियाें काे संरक्षण देने के आराेप लग रहे थे। इनको हटाने के बाद एसपी के तबादले को भी इस घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालाकि इस मामले में जाट ने कुछ भी बयान नहीं दिया है।
विकास शर्मा, एसपी कलेक्ट्रेट के सामने चल रहा धरनाऔर आमरण अनशन एसपी शर्मा के लिए भी चुनाैती बना हुअा था। उन्हाेंने थानाधिकारी पर सीधे काेई कार्रवाई के बजाय एसआईटी में लगा दिया। जिसे बचाव करना भी मान रहे हैं।

खबरें और भी हैं...