भीलवाड़ा में बेलगाम बजरी माफिया:2 साल में IPS सहित कई अधिकारियों पर हमला, 6 माह में 38 से ज्यादा मामले दर्ज, फिर भी माफिया बेखोफ

भीलवाड़ा2 महीने पहले
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अभी खनन विभाग की लीज पर भी बजरी - Dainik Bhaskar
अभी खनन विभाग की लीज पर भी बजरी

जिले में बजरी माफिया का खौफ एक बार फिर बुधवार को सामने आ गया। इस बार बजरी माफिया ने प्रशिक्षु आईपीएस हरिशंकर को ही आंखें दिखा डाली है। जिले में बजरी माफिया का हमला करने का यह पहला मामला नहीं है। 2 सालों में बजरी माफिया ने कई बार पुलिस खनन विभाग के अधिकारियों पर जानलेवा हमले किए हैं। इन सभी के बावजूद इन 2 सालों में बजरी माफिया पर किसी भी प्रकार की सख्त लगाम नहीं कसी जा सकी है। कुछ पुलिस कर्मियों की साठगांठ के बीच बजरी माफिया बेखौफ जिले में खनन कर अपनी धौंस जमा रहा है। हालांकि ऐसा नही है कि पुलिस की ओर से बजरी माफिया पर कार्रवाई नही हो नही। लेकिन, जो कार्रवाई हो रही है वह ना काफी है। अप्रैल से अगस्त माह तक अकेले खनन विभाग ने जिले में बजरी माफिया के खिलाफ 265 कार्रवाई कर रखी है। अलग अलग पुलिस थाने में 38 से ज्यादा खिलाफ मामले भी दर्ज करवा रखे है।

हमला कर वाहन छुड़ाना, रास्ता रोकने पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश

जिले में बजरी माफिया में पुलिस का डर पूरी तरह से खत्म हो चुका है। यही कारण है कि कई बार पुलिस जाब्ते व खनन विभाग की टीम द्वारा बजरी से भरे वाहनों को जप्त करने के बाद बेखोफ बजरी माफिया उन पर हमला कर अपने वाहन छुड़ाकर ले गए है। जिले में ऐसी घटनाएं कई बार हो चुकी है। और उनके मामले भी दर्ज करवाए जा चुके हैं। कई बार इन बजरी से भरे वाहनों को रुकवाने की कोशिश में बदमाशों द्वारा वाहनों को कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर चढ़ाने की कोशिश की जा चुकी है।

रातभर क़स्बों व हाइवे पर दौड़ते रहते है बजरी से भरे डम्पर।
रातभर क़स्बों व हाइवे पर दौड़ते रहते है बजरी से भरे डम्पर।

रातभर होता है खनन, दौड़ते रहते वाहन

खनन विभाग की ओर से जिले में जहाजपुर, हमीरगढ़ व कोटडी से निकल रही बनास नदी पर बजरी खनन के लिए लीज ले रखी है। बारिश का मौसम होने के कारण अभी बजरी खनन को नहीं करने के आदेश दिए हुए हैं। इसके बावजूद भी इसकी आड़ में जहां सैकड़ों की संख्या में बजरी माफिया द्वारा डंपर व ट्रैक्टरों को भरकर रात के समय बजरी निकाली जा रही है। नदियों के रास्ते यह वाहन रात भर हाईवे व कस्बों की सड़कों पर सरपट दौड़ते नजर आते हैं। लेकिन इन पर किसी की नजर नहीं जा रही है।

पुलिस कर्मियों की साठगांठ भी हो चुकी है शिकायतें

बजरी माफिया के क्षेत्र में बेखौफ होने का सबसे बड़ा कारण कई पुलिसकर्मियों की बजरी माफिया के साथ सांठगांठ होना भी बताया जा रहा है। पुलिस कर्मियों की शह पर यह बजरी माफिया धड़ल्ले से बनास नदी को छलनी कर रहे हैं। मोटी रकम कमाने वाला यह बजरी माफिया कई पुलिसकर्मियों से सांठगांठ रख उन्हें भी खुश रखता है। इस मामले में कई पुलिसकर्मियों की शिकायत पुलिस अधीक्षक से भी की जा चुकी है। और पुलिस अधीक्षक द्वारा उन पर कार्रवाई भी की गई है।

अधिकारियों की नजर पड़ने पर करवाई, बाद में ठंडे बस्ते में मामला। फाइल फोटो
अधिकारियों की नजर पड़ने पर करवाई, बाद में ठंडे बस्ते में मामला। फाइल फोटो

इतने बेखोफ है बदमाश

- जहाजपुर थाना क्षेत्र में एसडीएम के ड्राइवर कुलदीप शर्मा को ट्रेक्टर से कुचल दिया। तहसील की गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश। बजरी से भरे ट्रेक्टर जप्त करने पर पुलिस को घेर लिया था।

- हमीरगढ़ थाना क्षेत्र माफिया के बीच गैंगवार कई बार हो चुकी है। प्रशिक्षु आईपीएस हरिशंकर को भी यही की माफिया ने घेरा था।

- हनुमान नगर में दो पुलिस कर्मियों पर बजरी माफिया से जुड़े बदमाशों ने हमला भी कर दिया था।

पुलिस कर रही बदमाशों की तलाश

बजरी माफिया द्वारा आईपीएस अधिकारी को घेरकर गाड़ी छुड़ाने के मामले में पुलिस अब सख्त नजर आ रही है। चित्तौड़गढ़ के गंगरार थाना प्रभारी शिव लाल मीणा ने बताया कि आईपीएस को घेरने वाले सभी बदमाशों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है। इन बदमाशों के करीब 50 से ज्यादा ठिकानों पर दबिश दी जा चुकी है। लेकिन, अभी तक एक भी बदमाश पकड़ में नहीं आया है।

घटना के बाद गायब बजरी माफिया

आईपीएस अधिकारी को घेरकर बजरी माफिया द्वारा वाहन छुड़ाने की घटना के बाद अब पुलिस इन पर सख्त रवैया अपनाती भी नजर आ रही है। इसी कारण बुधवार से अवैध बज्जरी खनन करने वाले बदमाश गायब हो गए है। पुलिस ने सभी नदी क्षेत्र के आसपास नाकाबंदी भी कर दी है। इसके चलते बजरी का एक भी वाहन किसी क्षेत्र से नही गुजरा है।

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