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  • Case Registered Against Two Women, Mortgaged Jewelery Worth 2.5 Lakh By Giving One Lakh Loan, Could Not Repay Even After Giving Two Lakh Rupees

सूदखोरी का मकड़जाल:दाे महिलाओं पर मामला दर्ज, एक लाख उधार देकर ढाई लाख के गहने गिरवी रखवाए, दाे लाख देने पर भी नहीं चुक पाए रुपए

भीलवाड़ा20 दिन पहले
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  • प्रतापनगर थाने में दोनों महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज, सगी बहनें हैं आरोपी

सूदखाेराें का जाल मजबूर लाेगाें काे किस तरह उलझा देती है, इसकी बानगी शहर की एक महिला और उसके परिवार की हालत से पता चलती है। एक महिला ने एक साल पहले दाे सूदखोर महिलाओं से एक लाख रुपए उधार लिए थे। इसके बदले ढाई लाख रुपए से ज्यादा के गहने गिरवी रखवा दिए गए। 10 किश्ताें और 50 हजार एकमुश्त के रूप में दाे लाख रुपए देने के बावजूद उधार नहीं चुक पाया। बल्कि गिरवी रखे करीब ढाई लाख रुपए से ज्यादा कीमत के गहने भी नहीं लाैटाए जा रहे हैं। और ताे और करीब एक लाख रुपए और बकाया निकालकर धमकियां दी जाने लगी। मनमाना ब्याज अाैर पैनल्टी वसूल रही दो सूदखोर महिलाओं के खिलाफ इनसे प्रताड़ित हुई महिला ने प्रतापनगर थाने में मामला दर्ज करवाया है। ये दाेनाें महिलाएं आपस में सगी बहनें हैं। पुलिस के अनुसार आजादनगर निवासी पूनम पंवार ने न्यू पटेलनगर निवासी नीलू पत्नी गिरधारीसिंह राजपूत और उसकी बहन मूमल पत्नी भंवरसिंह नरुका के खिलाफ धाेखाधड़ी, अमानत में खयानत अाैर धमकाने का मामला दर्ज करवाया है। रिपाेर्ट में बताया गया कि प्रार्थिया पूनम काे इन दाेनाें बहनाें ने 15 जून 2020 काे एक लाख रुपए उधार दिए थे, जिन्हें 20 समान किश्ताें में वापस लेने का इकरार किया गया। इसके बदले चेक अाैर खाली स्टांप भी लिया गया। प्रार्थिया ने 15 हजार रुपए की 10 किश्तें और 50 हजार रुपए नकद के रूप में दाे लाख रुपए अदा कर दिए।

नीलू राजपूत ने दबाव बनाकर करीब 5 ताेला साेने के और 250 ग्राम चांदी के गहनाें काे अमानत के ताैर पर गिरवी रख लिया, जाे अभी भी उसके पास हैं। ली गई मूल रकम से ज्यादा गहने हाेने के बावजूद ब्याज की दर नहीं घटाई। अब गहने भी हाथ से जाने की नाैबत आ गई है। बहन से 50 हजार दिलवा 9 किश्ताें में वसूले 90 हजार...प्रार्थिया पूनम ने रिपाेर्ट में बताया कि मनमाने ब्याज पर रुपए चुकाने में देरी हुई ताे नीलू राजपूत ने एक लाख रुपए बकाया बताते हुए अपनी बहन मूमल से 50 हजार रुपए दिलवाए। इसके बदले में मूमल के पास भी गहने गिरवी रखवाए। इस राशि काे 10 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से 10 किश्ताें में अदा करना था। 9 किश्तें चुकाने के बाद 10 हजार रुपए बचे, लेकिन उस पर भी 10 हजार का ब्याज और 15 हजार की पैनल्टी लगाकर 35 हजार रुपए बकाया िनकाल दिए। इसका हिसाब करने के बावजूद 30 हजार रुपए और बकाया निकालकर राेजाना 500 रुपए की पैनल्टी लगाई जा रही है।

ऐसे फंसते हैं जाल में...देते समय ब्याज दाे रुपए सैंकड़ा की बात, बाद में 10 तक की वसूली, पैनल्टी भी
बताया गया कि रुपए लेते समय उसे हर महीने ब्याज दाे रुपए प्रति सैंकड़ा की दर से और मूल रकम काे 10 या 12 किश्ताें के रूप में देने की बात कही जाती है। पहले महीने ब्याज और किश्त देने जाने पर कहा जाता है कि ब्याज की दर 10 रुपए प्रति सैंकड़ा की दर से ली जाएगी। इतने ब्याज में आना-कानी करने पर पूरी मूल रकम अाैर ब्याज एकमुश्त देने का दबाव बनाया जाता है। इसमें असमर्थ हाेने पर मनमाना ब्याज लेने के साथ ही प्रतिदिन की पैनल्टी भी जाेड़ दी जाती है। निर्धारित 10-12 किश्तें चुकाने से पहले ही रकम कई गुना बढ़ जाती है, जिसे चुकाना हर किसी के बस में नहीं हाेता।

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