REET में लाखों का खेल:8 साल पहले भी पकड़ा गया, अकेले ही बनता था फर्जी अभ्यर्थी, परीक्षा में बैठने के लाखों रुपए की फीस भी ली

भीलवाड़ा2 महीने पहले
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पुलिस ने फर्जी अभ्यर्थी अशोक व साथियों को गिरफ्तार किया। - Dainik Bhaskar
पुलिस ने फर्जी अभ्यर्थी अशोक व साथियों को गिरफ्तार किया।

रीट की परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी के रूप में पकड़े गए सांचौर के अशोक सुथार ने गंगापुर पुलिस के सामने कई खुलासे किए हैं। 8 साल पहले तक अशोक भी ऐसे ही गिरोह से जुड़ कर फर्जी अभ्यर्थी बन परीक्षाएं दे चुका है। बांसवाड़ा में पकड़े जाने के बाद जेल से निकलकर अशोक ने अकेले ही ही काम करने की ठान ली। जिससे ना उसकी मुखबिरी हो। ना ही वह किसी की पकड़ में आए। गंगापुर पुलिस अशोक को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लेकर आई है। अभी भी अशोक से कई राज उगलवाने बाकी है। गंगापुर पुलिस अब 8 साल पहले अशोक के साथ बांसवाड़ा में पकड़े गए उसके पांच साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस का मानना है कि लाखों रुपए का सौदा कर परीक्षा में बैठने वाले इस फर्जी अभ्यर्थी गिरोह के हाथ लगने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कई राज उजागर होने वाले हैं।

गौरतलब है कि 26 सितंबर को रीट की परीक्षा के दौरान गंगापुर पुलिस ने सहाड़ा स्थित परीक्षा केंद्र से 3 युवकों को गिरफ्तार किया था। मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली थी कि किशन सिंह नाम के अभ्यर्थी के स्थान पर एक फर्जी अभ्यर्थी रीट की परीक्षा देने वाला है। पुलिस ने तीनों संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो फर्जी अभ्यर्थी के रूप में अशोक पुत्र निवासी सांचौर ने अपनी पहचान बता दी। अशोक के साथ परीक्षा अभ्यर्थी देवराम व किशन सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। अशोक ने किशन सिंह व देवराम से इस परीक्षा में बैठने के लिए 8 लाख रुपए लिए थे।

ज्यादा पैसे के लिए अकेले करता है काम

अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि 8 साल पहले बांसवाड़ा में पकड़े जाने के बाद अशोक इस गिरोह से अलग होकर अकेले ही काम कर रहा था। इससे अभ्यर्थी से अच्छी खासी मोटी रकम भी मिल रही थी। और उसे किसी भी प्रकार से मुखबिरी या पकड़े जाने का खतरा भी नहीं था।

8 साल पहले के मामले से जुटेंगे सुराग

पुलिस ने बताया कि अशोक से पहली पूछताछ में उसने अकेले ही अपने स्तर पर फर्जी अभ्यर्थी बनने का काम शुरू करने की बात बताई है। लेकिन, पुलिस रिकॉर्ड में अशोक सांचौर में सक्रिय नकल गिरोह से जुड़े होने की सूचना है। अशोक बांसवाड़ा में इसी गिरोह के साथ फर्जी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा देते हुए पकड़ा भी जा चुका है। इसी के चलते पुलिस बांसवाड़ा में पकड़े जाने वाले मामले के साथ ही सांचौर के इलाके में भी इस संबंध में पूरी जानकारी जुटा रही है।

आरपीएससी से ब्लैक लिस्ट है अशोक

पुलिस ने बताया कि बांसवाड़ा में नकल गिरोह के साथ पकड़े जाने के बाद आरपीएससी ने अशोक सुथार को प्रतियोगी परीक्षाओं से ब्लैक लिस्ट कर दिया था। अशोक ने बांसवाड़ा में फर्जी अभ्यर्थी बनने के लिए उस समय 2 लाख लिए थे।

पढ़ाई में होशियार पर पैसे के लालच ने डुबोया

पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि अशोक पढ़ाई में काफी होशियार है। फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा पास होने की पूरी गारंटी लेता था। यह खुद भी प्रतियोगी परीक्षा देकर सरकारी नौकरी लग सकता था। लेकिन सांचौर क्षेत्र में सक्रिय हुए गिरोह से जुड़ने के बाद उसे पैसों का लालच लग गया। उसने गलत रास्ता पकड़ लिया।

कई राज हो सकते है उजागर

इस मामले की जांच कर रहे गंगापुर थाना प्रभारी भजनलाल ने बताया कि फर्जी अभ्यर्थी के रूप में पकड़े गए अशोक के नकल गिरोह से सम्पर्क रह चुके है। पुलिस ने बांसवाड़ा से अशोक व उनके साथियों के बारे में जानकारी मंगवाई है। अशोक बांसवाड़ा में नकल गिरोह के साथ पकड़ा जा चुका है। अभी भी उसने फर्जी अभ्यर्थी बनने के लिए 8 - 8 लाख रुपए लिए थे। पुलिस सांचौर से भी अशोक के बारे में जानकारी जुटा रही है। आशंका है कि इस जांच के कोई बड़ा गिरोह भी हाथ आ सकता है।

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