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सकारात्मक नतीजा:सिटी स्काेर 17, ऑक्सीजन सेचुरेशन भी 60, कहीं बेड नहीं मिला ताे बेटी ने पिता का घर पर ही किया उपचार

भीलवाड़ा8 दिन पहलेलेखक: राकेश पाराशर
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  • नर्सिंगकर्मी बेटी ने इम्युनिटी बढ़ाने के घरेलू नुस्खे आजमाए

मांडल क्षेत्र के गांव औरजिया के कोरोना पॉजिटिव एक व्यक्ति का एचआरसीटी स्कोर 17 और ऑक्सीजन का सेचुरेशन 50 से 60 आ गया। किसी अस्पताल में ऑक्सीजनयुक्त बेड खाली नहीं था। ऐसी परिस्थिति में नर्सिंगकर्मी बेटी ने हिम्मत रखी। पिता काे घर पर ही रखकर प्राेनिंग, गर्म पानी दिया। भाप देतीं व समय-समय पर काढ़ा पिलाती व कुछ घरेलू नुस्खे आजमाए। इस बीच बेटी को भी कोरोना के लक्षण महसूस हुए लेकिन पिता और स्वयं पर इसका डर या तनाव हावी नहीं हाेने दिया। बेटी की इन काेशिशाें का नतीजा सकारात्मक रहा। पिता एक सप्ताह में स्वस्थ हो गए। अब सामान्य रूप से घूम-फिर रहे हैं। सांस लेने में कोई तकलीफ नहीं है।

पिता काे अपने प्रयासाें से स्वस्थ कर देने वाली बेटी आरजिया की नेहाकंवर गाैड़ के जुबानी पिता लाेकपालसिंह के शरीर में करीब 15 दिन पहले दर्द के साथ चलने और बोलने में भी तकलीफ होने लगी। डायबिटीज हाेने से शुगर बहुत ज्यादा आ रही थी तो पैरालिसिस बताकर कुछ दवाइयां लिखकर डॉक्टर ने घर भेज दिया। दो दिन बाद सांस लेने में तकलीफ होने लगी। सीटी स्कैन नॉर्मल आया, लेकिन कोविड टेस्ट और एचआरसीटी करवाया तो उसमें पापा कोरोना पॉजिटिव आए। एचआरसीटी स्कोर भी 17 आया और ऑक्सीजन का सैचुरेशन भी 50 से 60 आ रहा था तो हम घबरा गए। डॉक्टर ने कहा कि एडमिट करना पड़ेगा, लेकिन बेड खाली नहीं है। दूसरे हाॅस्पिटल में भी कहीं बेड नहीं मिला ताे घर ले आई। 2 ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की। ये सिलेंडर दाे दिन उपयाेग लिए। काफी कोशिश के बावजूद और सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हुई। एक छोटा सिलेंडर मिला, जाे भी खत्म हो गया।

तब ऑक्सीजन लेवल सही करने के लिए उल्टा लेटने (प्राेनिंग) की प्रक्रिया करवाई। गर्दन, पेट और पैरों के नीचे तकिया रखकर 30-40 मिनट उल्टा लेटाती। दिन में 3-4 बार काढ़ा पिलाया और 3-4 बार भाप व पीने के लिए केवल गर्म पानी देती। सोने से पहले टमाटर सूप और ताजे फल देती। परिजनाें काे भी तनाव मुक्त रखा ताकि पापा काे हिम्मत बंधी रहे। यहां तक कि तीसरे-चौथे दिन मुझे ही काेराेना के कुछ लक्षण महसूस होने लगे। सांस लेने में तकलीफ आने लगी तो डॉक्टर से सलाह ली।

उन्होंने कहा कि घर पर रहकर ही अपना इलाज करें। मैं जानती थी कि मैं कोरोना से जीत जाऊंगी और पापा काे भी स्वस्थ कर दूंगी। पापा पर जाे उपाय किए वे स्वयं के लिए भी किए। अब हम स्वस्थ हैं। पापा का ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल बढ़ने लगा। शुगर लेवल सामान्य हो गया। 10 दिन में वे चलने-फिरने, बोलने लगे और सांस लेने में भी कोई तकलीफ नहीं रही।

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