73 साल के बुर्जुग को डेढ़ साल का कठोर कारावास:उम्र के अंतिम पड़ाव पर कर रहा था डोडा पोस्त की तस्करी, चार साल में 8 गवाह

भीलवाड़ा2 महीने पहले
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।

जिले की एनडीपीएस कोर्ट ने बुधवार को एक 73 साल के बुजुर्ग लाकडा सिंह को डोडा पोस्त तस्करी मामले में डेढ साल का कठोर कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। बुजुर्ग को सजा सुनाने के बाद इस मामले को लेकर खासी चर्चा भी चलती रही। लेकिन कोर्ट ने न्याय सभी के लिए बराबर होने का संदेश देते हुए यह सजा सुनाई। करीब चार साल तक चले इस मामले में पीपी कैलाश चौधरी ने 6 गवाह व 50 दस्तावेज बुजुर्ग के खिलाफ पेश किए गए। जिसके बाद कोर्ट इस सजा का निर्धारण कर पाई।

पीपी कैलाश चौधरी ने बताया कि 20 जनवरी 2018 को मांडलगढ़ थाने के एसआई रतनसिंह रात्री गश्त पर थे। सुबह ढाई बजे डाक बंगला चौराहे के बाद अपने हाथों में दो बैग लेकर बुजुर्ग पुलिस को देखकर छिपने की कोशिश करने लगा। उससे पूछताछ करने उसने अपनी पहचार मथुरा गेट महदेव की गली भरतपुर निवासी लाडकासिंह पुत्र भोजासिंह सिंख के रूप में बताई। पुलिस ने जब उसके हाथ में रखे बैग के बारे में पूछा तो उसने डोडा पोस्त होने की बात बताई। जिसके बाद उसे थाने लाकर बैग की जांच करने पर उसमें 14 किलो 300 ग्राम डोडा पोस्त पाया गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार मामला दर्ज किया गया।

चार साल तक चला मामला

लाडकासिंह के खिलाफ चार साल तक एनडीपीएस कोर्ट में मामला चला। जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। तब वह 70 साल का था। बुधवार को जब उसे सजा सुनाई तो उसकी उम्र 73 हो चुकी थी। उम्र के अंतिम पडाव में लाडका सिंह के चेहरे पर इस सजा को सुनने के बाद भी कोई बदलाव नहीं आ रहा था।