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कोरोना महामारी:फैक्ट्रियां चल रहीं लेकिन, कॉलोनियां बंद, मालिकों का आना-जाना मुश्किल

भीलवाड़ाएक महीने पहले
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काशीपुरी में गेट के बाहर पहरा देते हुए पुलिसकर्मी। - Dainik Bhaskar
काशीपुरी में गेट के बाहर पहरा देते हुए पुलिसकर्मी।

शहर की पॉस कॉलोनी काशीपुरी-वकील कॉलोनी के उद्योगपति इन दिनों अजीब उलझन में फंसे हुए हैं। कोरोना महामारी के संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी गाइडलाइन के मुताबिक, उद्योग धंधों को लॉक डाउन से बाहर रखा है। यानि, यह व्यवसाय 24 घंटे संचालित हो सकते हैं। इनमें काम करने वाले श्रमिकों सहित उद्योग संचालकों को आवागमन में भी में छूट दी। लेकिन, काशीपुरी वकील कॉलोनी का उद्योगपति वर्ग 10 दिन से कॉलोनी में बंद हैं।

प्रशासन ने 27 अप्रैल को काशीपुरी-वकील कॉलोनी को मिनी कंटेंनमेंट घोषित किया। काशीपुरी में प्रवेश के सभी गेट बंद हैं। पुलिसकर्मी तैनात हैं। काशीपुरी कॉलोनी में दो पेट्रोल पंप संचालकों सहित करीब 3 सौ से 5 सौ के करीब कपड़ा व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों के मकान है। इन संचालकों को भी कॉलोनी से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। रेड अलर्ट अनुशासन पखवाड़ा में छूट भी लागू नहीं हो रही हैं। जिससे फैक्ट्री मालिक एवं बैंकिंग सेक्टर के लोग भी नहीं जा पा रहे हैं। क्षेत्र में भय का माहौल बन रहा है।

काशीपुरी डिस्पेंसरी से बनी ऐसी स्थिति...जिला प्रशासन की ओर से काशीपुरी वकील कॉलोनी को हॉट स्पॉट घोषित करने के पीछे मुख्य कारण यहां की डिस्पेंसरी है। यहां की डिस्पेंसरी काशीपुरी के नाम से संचालित होने से इसके एरिया में आने वाले कोरोना संक्रमितों को काशीपुरी जोन के नाम से ही पहचाना जाता है। जबकि काशीपुरी जोन में नगर परिषद के आठ वार्ड में फैला है। लेकिन केवल काशी पुरी कॉलोनी को ही सीज किया गया। ऐसे में केवल काशीपुरी वकील कॉलोनी के लोग ही परेशान है।

ट्रांसपोर्ट कारोबार बंद रहने से फैक्ट्रियों में माल का ढेर...इधर, ट्रांसपोर्ट कारोबार बंद रहने से फैक्ट्रियों में तैयार का उठाव नहीं हो रहा। माल के ढेर लगे हैं। जबकि, देश भर में माल की डिमांड हो रही है। कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रारंभ नहीं हुआ तो शीघ्र ही फैक्ट्री मालिक भी शट डाउन ले सकते हैं।

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