3 लाख में SI परीक्षा का सौदा:दिल्ली में बैठ सरगना ऑपरेट कर रहा गिरोह, डमी कैंडिडेट को बैठाकर परीक्षा पास करवाने का दावा, पेपर में बैठने से पहले धरे गए 2 अभ्यर्थी

भीलवाड़ाएक महीने पहले
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

पुलिस ने सब इंसपेक्टर भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी को बिठाकर परीक्षा पास करवाने वाले गिरोह से जुड़े दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एक की गिरफ्तारी भीलवाड़ा में जबकि दूसरे को अजमेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये दोनों इस बार सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के खुद अभ्यर्थी भी हैं, जिनका परीक्षा केन्द्र भीलवाड़ा में ही था। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। यह पूरा गिरोह दिल्ली से ऑपरेट किया जा रहा है। जीत नाम का सरगना प्रत्येक अभ्यर्थी की जगह डमी कैंडिडेट को परीक्षा में बैठाकर पास करवाने की एवज में 3 लाख रुपए लेता है। मंगलवार को पकड़े गए अभ्यर्थी वीरेन्द्र की जगह बुधवार के दिन कोई डमी कैंडिंडेट बैठने वाला था, लेकिन जयपुर पुलिस के इनपुट पर उसे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि मंगलवार को जयपुर कमिश्नरेट की स्पेशल टीम के इंस्पेक्टर खलील अहमद ने भीलवाड़ा में सब इंस्पेक्टर परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा दिलवाने को लेकर इनपुट दिया था। इस पर पुलिस अलर्ट हो गई। तुरन्त ही सीओ सदर रामचन्द्र चौधरी के नेतृत्व में टीम को इस मामले की जांच में लगा दिया। जयपुर के आंधी थाना क्षेत्र के दाथली पोस्ट बामनी निवासी वीरेंद्र पुत्र कैलाशचंद्र मीणा का सेंटर भीलवाड़ा में था। जिसे पुलिस ने सुभाष नगर थाना क्षेत्र में स्थित परीक्षा केन्द्र पर पहुंचने से पहले ही दबोच लिया। जांच में सामने आया कि वीरेंद्र खुद भी इसी गिरोह से जुड़ा हुआ है। बुधवार को उसके स्थान पर भी फर्जी अभ्यर्थी परीक्षा देने वाला था। दूसरे अभ्यर्थी खेमराज को अजमेर में पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसे पूछताछ के लिए आज भीलवाड़ा लाया जाएगा। दोनों आपस में दोस्त हैं। अब इस गिरोह के सरगना व अन्य सदस्यों के बारे में सरगर्मी से जांच की जा रही है।

वीरेंद्र पर पहले से थी पुलिस की नजर

पूछताछ में पता चला है कि वीरेंद्र पहले भी एक सरकारी एग्जाम में अपनी जगह फर्जी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाने का काम कर चुका है। इसी के चलते इस बार सब इंस्पेक्टर परीक्षा में नकल गिरोह के राज उजागर होने पर पुलिस ने वीरेंद्र पर भी नजरें तेज कर दी थी।

होशियार युवा बनते हैं फर्जी अभ्यर्थी

अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह द्वारा कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे कई होशियार युवाओं से संपर्क कर रखा है। इन जरूरतमंद युवाओं का फायदा गिरोह उन्हें फर्जी अभ्यर्थी बनाकर उठाता है। इसके बदले डमी कैंडिडेट को अच्छा पैसा भी दिया जाता है।

अपने व दोस्त के लिए की थी डील

पुलिस ने बताया कि वीरेंद्र और उसके एक दोस्त का संपर्क दिल्ली में इस गैंग को ऑपरेट करने वाले जीत नाम के युवक से था। सब इंस्पेक्टर परीक्षा में विरेंद्र व उसके दोस्त खेमराज भी परीक्षा देने वाला था। वीरेंद्र द्वारा ही खुद के लिए और दोस्त खेमराज के लिए फर्जी अभ्यर्थी परीक्षा में बैठाने की डील सरगना जीत से की गई थी। जीत को इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी को 3 लाख रुपए देने थे। वीरेंद्र ने अपने एक दोस्त की मदद से जीत के खाते में 15 हजार रुपए ट्रांसफर भी करवाए थे। जिसके सबूत पुलिस ने अपने पास सुरक्षित रख लिए हैं।

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