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25 दिन बाद फिर धमाके के साथ आया मानसून:दोपहर बाद तेज बारिश, सड़कों पर पानी ही पानी, लेकिन मौसम विभाग के पैमाने पर दर्ज ही नहीं

भीलवाड़ा16 दिन पहले
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मानसून आगमन के 25 दिन के बाद बुधवार काे दाेपहर में करीब पाैन घंटे तक बारिश हुई। जिले में भी कई जगह बादल बरसे। 19 जून को भीलवाड़ा में मानसून ने प्रवेश किया था। उस समय भी इतनी खास बारिश नहीं हुई थी, आए दिन बूंदाबांदी ताे रही थी पर जमकर बारिय नहीं हाे रही थी। बुधवार दाेपहर में डेढ़ बजे के बाद अचानक बादल हुई और करीब पाैन घंटे तक बारिश हुई। वहीं शाम 6 बजे के बाद फिर से बारिश का दाैर शुरू हुआ।

माैसम विभाग के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा का कहना कि अभी दाे तीन तक बारिश हाेने की संभावना है। दक्षिण पश्चिम मानसून राजस्थान के सभी स्थानों पर पहुंच गया है। आगामी तीन चार दिन राज्य के कुछ भागों में मेघगरजन के साथ बारिश होने व कही-कही वज्रपात हो सकता हैै। 17-18 जुलाई से एक बार पुनः बारिश होने की संभावना है। इस बरसात से किसानों को काफी राहत मिली है। बुधवार काे अधिकतम तापमान 37 डिग्री व न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया। आर्द्रता सुबह 64 व शाम काे 63 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं एक दिन पहले मंगलवार काे अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री दर्ज की गई।

बिजली गिरी, मंदिर में दरारें

शहर के चन्द्रशेखर आजाद नगर में स्थित आदिनाथ दिंगबर जैन मंदिर के शिखर आकाशीय बिजली गिर गई। जिसके कारण से वहां पर बैठे कबूतर की माैत हाे गई। भीलवाड़ा में जैन मन्दिर पर आकाशीय बिजली गिरी। आकाशीय बिजली गिरने के कारण से मंदिर गुबंद पर दरारे आ गई।

सरस्वती सर्किल से लेकर गर्ल्स कॉलेज कोतवाली रोड पर सिर्फ पानी ही पानी

मानसूनी बारिश ने शहर में नालों और नालियों की सफाई की पोल खोल दी है। हाल ये रहा कि मार्केट के अधिकांश नाले नालियां उफान पर आ गए है। इसके चलते सड़कें नदिया बन गई तो कुछ क्षेत्र तालाब। नालों की सफाई कराने वाले नगर परिषद का ये हाल था कि मुख्य इमारत से लेकर चारदीवारी के बीच पानी ही पानी था।

चारदीवारी पर लगे दरवाजों से व्यक्ति न तो अंदर आ सकता है न ही बाहर जा सकता है। परिषद के कर्मचारियों को इमारत में रहना पड़ा। परिषद की चारदीवारी के अंदर और बाहर पानी ही पानी था। सरस्वती सर्किल से गर्ल्स कॉलेज हो या सरस्वती सर्किल से गोल प्याऊ चौराहा तक सिर्फ पानी था।

कोतवाली रोड पर लबालब पानी भरा रहा। इसके अलावा पुराना भीलवाड़ा, सीताराम जी बावड़ी से लेकर रोडवेज बस स्टैंड, कृषि उपज मंडी चौराहा से लेकर रामस्नेही अस्पताल के आगे तक जलजमाव रहा। इतनी जगह जल जमाव ने यह साबित कर दिया कि नाले-नालियों की सफाई सही से नहीं हुई है। वरना इतना अधिक जल जमाव नहीं होता है।

वर्षामापी यंत्र 10 किमी दूर संगम विवि में लगा जहां बरसात ही नहीं हुई

शहर में बुधवार काे दाेपहर के बाद अच्छी बारिश हुई लेकिन यह दर्ज नहीं की गई। शहर से दस किलाेमीटर की दूरी पर स्थित संगम विश्वद्यालय में माैसम विभाग का वर्षामापी यंत्र लगा हुआ है। बुधवार दाेपहर शहर में अच्छी बारिश हुई पर संगम विश्वद्यालय में बारिश नहीं हाेने के कारण से दर्ज नहीं हुई। वहां पर केवल बूंदाबांदी ही हुई है। जबकि मांडल में 19, हुरड़ा में 10, रूपाहेली 6, काराेई कलां 3 एमएम बारिश दर्ज की गई।

5 लाख से बना नाला 10 मिनट बारिश में बहा, चेताया तो भी ध्यान नहीं दिया

मांडल ग्राम पंचायत द्वारा मेजा रोड पर 5 लाख रुपए की लागत से निर्माणाधीन नाला बुधवार काे 10 मिनट हुई बारिश में ध्वस्त हाे गया। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत ने पांच लाख रुपए खर्च कर ठेकेदार के माध्यम से मेजा रोड सांसी बस्ती से तेजाजी चौक तक मुख्य नाले से जोड़ने के लिए निर्माण कराया जा रहा था। पंचायत के वार्ड सदस्य मुकेश जोशी ने कोरम में उस समय घटिया सामग्री का मुद्दा उठाया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब बुधवार काे आई बारिश में यह नाला ध्वस्त हाे गया। ग्राम विकास अधिकारी कजोड़मल गुर्जर ने बताया कि निर्माणाधीन नाले में अनियमितता नहीं की। निर्माण के दौरान एकाएक बारिश आने से नाले की दीवार ध्वस्त हुई है।

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