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30 हजार में पिस्टल बेच रहे बदमाश:UP, MP के रास्ते भीलवाड़ा में आ रहे अवैध हथियार, पहले रुतबे के लिए ओर अब अपराध के लिए आ रहे काम

भीलवाड़ा13 दिन पहले
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उत्तरप्रदेश से पिस्टल लेकर बेचने पहुंचा बदमाश पुलिस की गिरफ्त में। - Dainik Bhaskar
उत्तरप्रदेश से पिस्टल लेकर बेचने पहुंचा बदमाश पुलिस की गिरफ्त में।

भीलवाड़ा में यूपी और एमपी के रास्ते जिले में धड़ल्ले से अवैध हथियारों की सप्लाई हो रही है। हाल ही में जिले में हुई घटनाओं के बाद इस बात से नकारा नहीं जा सकता कि इन दोनों प्रदेशों से ओने पौने दामों पर अवैध हथियार लाकर यहां अपराधियों को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। जिले में अवैध हथियारों का मामला नया नहीं है। कुछ सालों पहले तक इन अवैध हथियारों को यहां के लोग अपना रुतबा जमाने के लिए मंगवाते थे। लेकिन, धीरे-धीरे कर अब इन हत्यारों की बदौलत अपराध बढ़ गया है। पुलिस ने कई बार इन हथियारों को सप्लाई करने वाले लोगों को पकड़ा भी है। लेकिन, अभी भी पुलिस इन दोनों प्रदेशों से आ रहे हथियारों की चैन को नहीं तोड़ पाई है।

खाखला व्यापारी देवीसिंह की हत्या में भी 25 हजार में खरीदी पिस्टल का हुआ था उपयोग।
खाखला व्यापारी देवीसिंह की हत्या में भी 25 हजार में खरीदी पिस्टल का हुआ था उपयोग।

हाल ही में काछोला थाना क्षेत्र के धामनिया गांव में खाखला व्यापारी देवी सिंह की हत्या में प्रयुक्त की गई पिस्टल हार्डकोर अपराधी कुलदीपसिंह ने 25 हजार रुपए में किसी हनुमान नाम के आदमी से खरीदना कबूल किया है। इसके बाद पुलिस भी इस बात को मैन रही है कि जिले में अवैध हथियार को सप्लाई हो रही है। तीन महीने में प्रताप नगर इलाके से पुलिस ने 2 लोगों को भी गिरफ्तार किया है। यह दोनों यूपी व एमपी से 10 से 15 हजार रुपए में पिस्टल खरीदकर लाए। ओर यह 25 से 30 हजार रुपए में बेचने की फिराक में थे। पुलिस की ओर से एक बार फिर से जिले में आ रहे अवैध हथियारों पर लगाम कसने की तैयारी की जा रही है। लेकिन, सबसे बड़ी चुनौती यहां रहने वाले इन दोनों प्रदेशों के हजारों लोगों में से हथियार लाने वाले लोगों को चिन्हित करना है।

पहले रुतबे के लिए, अब अपराध के लिए

जिले में अवैध हथियार लाना और खरीदने का सिलसिला काफी पुराना है। पहले यहां पर उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश से अवैध हथियार मंगाकर लोग अपने क्षेत्र में अपना रुतबा दिखाते थे। लेकिन धीरे-धीरे कर इन हत्यारों से अपराध बढ़ने लगा। अब यहां अपराधी सस्ते दामों पर पिस्टल व देसी कट्टे खरीद कर गंभीर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

30 हजार तक पिस्टल

उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश से आने वाले यह हथियारा काफी सस्ते दामों में अपराधियों को उपलब्ध करवाए जा रहे है। यह 15 हजार तक देशी कट्टा ओर 30 हजार तक पिस्टल अवैध रूप से बिक रही है।

10 सितम्बर को पिस्टल के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ा ट्रक चालक।
10 सितम्बर को पिस्टल के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ा ट्रक चालक।

ऐसे आते है जिले में हथियार

पुलिस के सामने आए मामलों के अनुसार शहर में उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश से आकर हजारों की संख्या में लोग मजदूरी कर रहे हैं। यहां अपराधी प्रवृत्ति के लोगों द्वारा इन्हीं लोगों में से संपर्क कर इन दोनों प्रदेशों में बनने वाले अवैध हथियारों को यहां पर मंगवाया जा रहा है। इन दोनों प्रदेशों में अवैध हथियार काफी सस्ते मिल जाते हैं। जिनकी उन्हें यहां अच्छी कीमत मिल जाती है। मजदूर वर्ग के लोग होने के कारण एक हथियार लाने में उन्हें 5 से 10 हजार रुपए का लालच आ जाता है। और वहां से हथियार लाकर शहर में अपराधियों को उपलब्ध करवा देते हैं।

पुलिस के सामने बड़ी चुनौती

पुलिस की ओर से इन दोनों ही प्रदेशों से आ रहे अवैध हथियारों पर लगाम कसने के लिए काफी कोशिश की जा रही है। पुलिस ने अपना मुखबिर तंत्र भी तेज किया है। और उसकी बदौलत 3 महीनों में 2 मामले भी पकड़े हैं। लेकिन, इसके बावजूद पुलिस इस चैन को नहीं छोड़ पा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण शहर में संचालित हो रही करीब 1500 से ज्यादा कपड़ा इकाइयों में 7 हजार की संख्या में इन दोनों प्रदेशों से आए श्रमिक काम कर रहे हैं। जो पूरे शहर में कमरे लेकर रहते हैं। इन लोगों को चिन्हित करना और इनमें से हथियार लाने वाले लोगों की पहचान करना। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।

तीन माह में तीन मामले

3 जुलाई - प्रताप नगर पुलिस ने उत्तरप्रदेश के जालौन जिले कालपी निवासी दिलीपसिंह को मानसरोवर झील के पास से गिरफ्तार किया था। उसके पास से।पुलिस ने एक पिस्टल बरामद की थी। पयलिस को आरोपी ने बताया था कि वह उत्तरप्रदेश से 15 हजार में पिस्टल खरीदकर लाया था। और उसे यह 30 हजार रुपए में बेचने वाला था।

10 सितम्बर - प्रताप नगर पुलिस ने झालावाड़ के खसरा खेड़ी निवासी दिलीपसिंह को गिरफ्तार किया था। इसके पास से पिस्टल व जिंदा कारतूस बरामद किए थे। आरोपी ने यह पिस्टल मध्यप्रदेश से 15 हजार में लाना बताया था। यह वह इसे 25 से 30 हजार रुपए में बेचने वाला था।

11 सितंबर - खाखला व्यापारी देवीसिंह की हत्या के मामले में काछोला पुलिस के रिमांड पर चल रहे हार्डकोर अपराधी कुलदीप सिंह ने घटना में प्रयुक्त पिस्टल 25 हजार रुपए में खरीदने की बात कबूली थी। पुलिस अब उस हथियार सप्लायर की तलाश कर रही है।

मामले पकड़ रहे है, 7 हजार लोगों पर नजर काफी मुश्किल

भीलवाड़ा सीओ सीटी भंवर रणधीरसिंह ने कहा कि पुलिस द्वारा क्षेत्र में उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश से लाए जा रहे हथियारों के मामलों में काफी निगरानी रखी जा रही है। मुखबिरी तंत्र से आरोपियों को भी पकड़ा गया है। शहर में करीब 7000 से ज्यादा उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश से आए लोग यहां मजदूरी करते हैं। इन सभी पर नजर रखना काफी कठिन है। यह लोग जब अपने गांव जाते हैं तो वहां से सस्ते दाम में एक या दो हथियार लेकर आ जाते हैं। और पैसों के लालच में यहां अपराधियों को बेच देते हैं। सबसे ज्यादा यह लोग मुनार और बस्तर से अवैध हथियार लेकर आते हैं। मुनार व बस्तर में सबसे ज्यादा अवैध हथियारों का निर्माण होता है।

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