ऐसे कैसे हारेगा कोरोना / ककरोलिया घाटी में मिले संक्रमित बुजुर्ग ने झाेलाछाप से इलाज लिया, लगवाया था इंजेक्शन

Infected elderly found in Kakroliya valley received treatment from Jhelchap, injected
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Infected elderly found in Kakroliya valley received treatment from Jhelchap, injected

  • पीईईओ नंदलाल का कहना है कि मौत के दिन 1 मई को भीलों की झुपड़िया जाकर परिजनों को पाबंद कर दिया था कि वे मृत्युभोज नहीं करें

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 06:50 AM IST

भीलवाड़ा. ककरोलिया घाटी के मजरे भीलों की झुपड़िया में काेराेना पाॅजिटिव को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आई है। पता चला है कि पाॅजिटिव आया बुजुर्ग दाे साल से टीबी की दवा ले रहा था। वह 15 दिन पहले काछाेला के सरकारी अस्पताल में भी इलाज के लिए गया था। नंदराय में उसने किसी झोलाछाप से इंजेक्शन लगवाया था। अब झाेलाछाप का सैंपल लेकर क्वारेंटाइन कर दिया है।
संक्रमित किसान गेगा का खेड़ा में फसल की कटाई के लिए भी गया था। इसलिए वहां भी उसके संपर्क वालाें का सर्वे कराया गया। जावल से डॉ. राजेशकुमार मीणा, नंदराय से डॉ. शिवप्रकाश प्रजापत के नेतृत्व में संबंधित गांवाें में घर-घर सर्वे किया जा रहा है। किसान नंदराय में रहने वाले बंगाली झाेलेछाप के यहां इलाज कराने गया था इसलिए वहां के लाेगाें में भी हड़कंप मचा हुआ है।
शुक्रवार सुबह कोटड़ी के ब्लाॅक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश पंड्या ने भीलों का झोपड़ा पहुंचकर जानकारी ली। बुजुर्ग काे टीबी थी। डॉक्टर पंड्या ने बताया कि बुजुर्ग के परिजनाें व संपर्क में आए लाेगाें का सर्वे शुरू कर दिया है। इधर, डॉक्टर्स और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस वक्त कोरोना वायरस के संक्रमण का बड़ा खतरा है। समय रहते डॉक्टर्स की राय नहीं लेकर झोलाछापों के फेर में पड़ने से परिवार, गांव और आसपास पूरे क्षेत्र को खतरे में डाल सकते हैं। इसलिए जैसे ही बीमारी के लक्षण आएं तो तुरंत डॉक्टर्स से परामर्श लेकर जांच कराएं ताकि संक्रमण का फैलाव होने से रूक सके।

निर्देश : मौत के दिन ही प्रशासन ने परिजनों को मृत्युभोज नहीं करने से पाबंद किया था
पीईईओ नंदलाल का कहना है कि मौत के दिन 1 मई को भीलों की झुपड़िया जाकर परिजनों को पाबंद कर दिया था कि वे मृत्युभोज नहीं करें। उस वक्त परिजनों ने आश्वासन दिया था कि वे इस तरह का आयोजन नहीं करेंगे। उसके बेटों से लिखित में लेकर अधिकािरयों दिया था।
भास्कर अपील
भीलवाड़ा जिले में अंधविश्वास और झोलाछापों से इलाज कराने की कुप्रथा है। पहले भी ऐसे मामले आते रहे हैं। इस वक्त कोरोना संक्रमण के मामले जिले में लगातार बढ़ रहे हैं। इसलिए लोगों से अपील है कि वे झोलाछापों के चक्कर में नहीं आकर बीमारी का इलाज डॉक्टर्स से करवाएं। क्योंकि कोरोना संक्रमण का फैलाव बड़ी तादाद में लोगों को प्रभावित करता है।
कोटड़ी. ककरोलिया घाटी में कोरोना पॉजिटिव राेगी हाेने की सूचना पर पहुंचे बीसीएमओ राकेश पंड्या निर्देश देते हुए।

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