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एक हाथ नहीं है, स्टेट लेवल पर 11 मेडल जीते:बकरियां चराते हुए जमना ने तालाब-नाडी में तैरना सीखा, अब तैराकी में वर्ल्ड रिकाॅर्ड

भीलवाड़ा14 दिन पहलेलेखक: सुनील जाेशी
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राजसमंद झील में अभ्यास करता जमनालाल। - Dainik Bhaskar
राजसमंद झील में अभ्यास करता जमनालाल।
  • लॉकडाउन में तरणताल बंद इसलिए राजसमंद झील में कर रहा अभ्यास

इनसे मिलिए। ये है जमनालाल। जन्म से एक हाथ नहीं है लेकिन अपनी इस कमजाेरी काे कभी अपने ऊपर हावी नहीं हाेने दिया। पिता किसान है। बचपन में गांव के स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ खेत पर बकरियां चराने का काम भी करता था। बकरियां चराते-चराते दिन में खेत के आसपास के तालाब व नाडी में तैरता था लेकिन लेकिन उस समय यह नहीं साेचा था कि किसी दिन वह राष्ट्रीय स्तर का तैराक बन जाएगा।

तालाब व नाडी में तैरता-तैरता जमनालाल इतना माहिर हाे गया कि अब तक वह स्टेट लेवल पर 11 मैडल जीत चुका है। उसके नाम 2019 में लगातार पांच दिन (120 घंटे) स्विमिंग करने का विश्व रिकॉर्ड भी है। जमनालाल बलाई जहाजपुर क्षेत्र के भाव का गुड़ा गांव का रहने वाला है। एमए करने के बाद जयपुर की एक कंपनी में जाॅब लग गई। वहां 2016 में एक दिन जमनालाल की मुलाकात दिव्यांग एथलीट महेश नेहरा व दिव्यांग तैराक महेंद्र गुर्जर से हुई। महेंद्र उसे जयपुर के एसएमएस स्टेडियम के तरणताल में ले गया। वहां उसके बचपन के तालाब और नाडी में तैरने की प्रैक्टिस काम आई और कुछ दिनाें बाद ही वह उस तरणताल का अच्छा तैराक बन गया।

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