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  • Kareena Snatched Her Mother As Soon As She Was Born, 81 Women Donated Milk To 10 Innocent People Suffering From Hunger In The Shade Of The Region

प्रसूताओं की माैत:जन्म लेते ही काेराेना ने मां छीनी, भूख से बेहाल 10 मासूमों काे आंचल की छांव में 81 महिलाओं ने किया दूध दान

भीलवाड़ा19 दिन पहले
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  • महात्मा गांधी अस्पताल के आंचल मदर मिल्क बैंक में अब तक 5888 महिलाएं कर चुकी हैं दूध दान

काेराेना से प्रसूताओं की माैत के बाद मां के दूध के लिए बिलखते बच्चाें काे महात्मा गांधी अस्पताल के मदर मिल्क बैंक ने नया जीवन दिया, बीते दाे महीने काेराेना के भयावह काल के दाैरान अपनी मां काे खाे चुके ऐसे 10 मासूमाें के लिए 81 महिलाओं ने मदर मिल्क बैंक पहुंचकर दूध दान किया है। एमजी अस्पताल के एमसीएच विंग स्थित आंचल मदर मिल्क बैंक हाेने से नवजाताें के दूध काे लेकर इस बार परेशानी नहीं हुई।

काेराेना के दाैरान की माैत भी हाे गई ताे कई पाॅजिटिव हाेने के कारण से बच्चाें से अलग रही ताे भी इन बच्चाें काे दूध के लिए दूसराें की तरफ नहीं देखना पड़ा। मदर मिल्क बैंक से दूध लाकर परिजनाें ने बच्चाें काे पिलाया और उनकी भूख काे शांत किया। कई महिलाएं ताे अस्पताल में भर्ती रहने के दाैरान आगे चलकर मिल्क डाेनेट करने भी इस काेराेना काल में आई है, उससे प्रेरित हाेकर कई और महिला भी आगे अाई है। महिलाएं काेराेना से डरी नहीं और अस्पताल पहुंची और दूधदान िकया।

1600 यूनिट अजमेर भेजा }4298 नवजात बच्चाें काे मिल चुका लाभ
मदर बैंक की प्रभारी डॉ. सरिता काबरा ने बताया कि अब तक 5888 महिलाएं मिल्क देने के लिए आगे आ चुके हैं। जिससे 4298 नवजात बच्चाें काे लाभ मिल चुका हैं। काेराेना से पहले भीलवाड़ा से करीब 1600 यूनिट अजमेर भी भेजा गया था। अजमेर भेजने के लिए मदर मिल्क परिवहन के लिए विशेष जीपीएस वैन का उपयोग किया गया था। भास्कर नाॅलेज } माइनस 20 डिग्री पर सुरक्षित रहता है मां का दूधमिल्क बैंक में मां का दूध संग्रहित किया जाता है। इसे माइनस 20 डिग्री पर प्रीजर्व किया जाता है। चिकित्सक की सलाह पर एक नवजात को दो एमएल तक दिया जाता हैं। बैंक से इश्यू करने के 6 घंटे में इसे उपयोग में लाना अनिवार्य होता है। इस दूध को नाक की नली, मुंह की नली अथवा नवजात स्वस्थ है तो चम्मच से पिलाया जा सकता है।

नहीं डरी काेराेना से अप्रैल में 76 व मई में 81 महिलाएं मिल्क डाेनेट करने के लिए आगे आई... एमसीएच विंग की प्रभारी डाॅ. इंदिरा सिंह ने बताया कि अभी जरुरत के अनुसार दूध मिल रहा है। काेराेना की दूसरी लहर में अप्रैल में 76 व मई में 81 महिलाएं मिल्क डाेनेट करने के लिए आगे आई है। जिससे काेराेना पाॅजिटिव महिलाओं व काेराेना से मरने वाले महिलाओं के बच्चाें काे भी दूध दिया जा सका। गत अप्रैल में 671 यूनिट व मई में 668 यूनिट मिल्क दिया गया।

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