दुस्साहस:घेराबंदी कर बजरी से भरे 8 डंपर छुड़ा ले गए माफिया पथराव, आईपीएस और जाब्ते ने भागकर बचाई जान

भीलवाड़ा2 महीने पहले
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  • हाईवे पर सुबह 4 बजे पुलिस टीम पर हमला, गाड़ी चढ़ाने का प्रयास, क्यूआरटी के 9 जवान थे जीप में
  • दो डंपर जब्त कर लिए, अन्य का पीछा करते घेरा पुलिस को

चित्ताैड़गढ़ हाईवे पर बजरी से भरे डंपराें का पीछा कर रहे भीलवाड़ा के सीओ सिटी के पद पर कार्यरत प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी हरिशंकर के सामने से गंगरार के पास हाेटल पर खड़े 8 डंपर माफिया भगा ले गया।

इससे पहले दाे डंपर पकड़ में आ गए। इनके ड्राइवराें काे शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। भीलवाड़ा लाैटते समय बजरी के डंपरों की एस्काॅर्टिंग करने वाले माफिया के लोग 4 कारो में आए और हाईवे पर रास्ता राेक लिया। इन अधिकारियाें और जाब्ते काे जान बचाकर फिर से गंगरार क्षेत्र की हाेटल पर पहुंचकर गंगरार पुलिस की मदद लेनी पड़ी।

घटना बुधवार तड़के करीब 4.45 बजे हुई, जिसके बाद भीलवाड़ा-चित्ताैड़गढ़ के आधा दर्जन थानों का जाब्ता माैके पर पहुंचा। गंगरार थाने में 8 नामजद लाेगाें समेत अन्य के खिलाफ राजकार्य में बाधा की रिपाेर्ट दर्ज करवाई गई है। बजरी से भरे वाहन छुड़ाने की वारदातें भीलवाड़ा के हमीरगढ़, जहाजपुर थाना क्षेत्राें में पहले भी हो चुकी हैं।

इनके खिलाफ मामला दर्ज

गंगरार पुलिस ने भीलवाड़ा जिले के हमीरगढ़ थानांतर्गत मुणपुरा निवासी संपत पुत्र काना गुर्जर, छोटू पुत्र काना गुर्जर, गंगरार थानांतर्गत देवदा निवासी गोविन्द गुर्जर, सोनियाना देवगिरीजी का खेड़ा निवासी राजूपुरी, हमीरगढ़ थानांतर्गत कीरों की झोपड़ियां निवासी राजू कीर, नारायण कीर, गंगरार थानांतर्गत फागणों का खेड़ा निवासी दिनेश पुत्र सुखदेव गुर्जर, सुखदेव पुत्र उदयलाल गुर्जर के विरुद्ध मामला दर्ज किया। वहीं, जब्त डंपराें के ड्राइवर कन्हैयालाल अहीर व बद्री गाडरी काे गिरफ्तार कर लिया।

आप बीती - माफिया ने आगे गाड़ियां लगा दीं, खुद काे नहीं बचाते ताे माफिया हमला कर देता

एसपी विकास शर्मा के निर्देश पर मैं और डीएसपी भंवर रणधीरसिंह बजरी परिवहन पर कार्रवाई के लिए निकले। मंगराेप, हमीरगढ़ क्षेत्र से चित्ताैड़ हाईवे पर पहुंचे ताे बजरी भरे डंपर नजर आए। दाे डंपर जब्त कर हमीरगढ़ थाने के लिए रवाना कर दिए।

मैं टीम काे लेकर अन्य डंपराें का पीछा कर रहा था। तड़के करीब साढ़े 4 बजे बजरी भरे एक डंपर चालक को रुकवाकर पूछताछ की। उसने बताया कि तिरंगा होटल पर कुछ और डंपर खड़े हैं। होटल पर बजरी भरे डंपर थे।

जाब्ता देखकर ड्राइवर डंपर लेकर हाईवे पर चित्ताैड़गढ़ की ओर भागने लगे। हमने पीछा किया ताे हाेटल के बाहर ही खड़े लग्जरी काराें में कुछ लाेग आ गए। उन्हाेंने हमारी बाेलेराे के आगे-पीछे उनकी कारें लगा दीं और इस तरह डंपराें काे भगाने का माैका मिल गया।

हम वापस भीलवाड़ा आने लगे ताे हाेटल से करीब पाैन किलाेमीटर दूर हाईवे पर चार काराें में सवार 10-12 लाेगाें ने कारें आगे लगा दीं। जाब्ते पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। पत्थर भी फेंके। तब हमने बाेलेराे यू-टर्न घुमाई और फिर से हाेटल तिरंगा पहुंचे।

यदि यू-टर्न नहीं जाते ताे माफिया हम पर हमला कर देता। सारी जानकारी एसपी विकास शर्मा, चित्ताैड़गढ़ एसपी राजेन्द्र प्रसाद गाेयल समेत गंगरार सीआई शिवलाल मीणा और अन्य अधिकारियाें काे दी। कुछ ही देर में गंगरार, हमीरगढ़ समेत आसपास के थानाें और पुलिस लाइन का जाप्ता भी माैके पर पहुंच गया। माफिया व भागे डंपराें की तलाश कर रहे हैं।

गाड़ी पर लोगो था न अफसर वर्दी में, माफिया था लग्जरी वाहनों में

बताया गया कि प्रशिक्षु आईपीएस जिस बोलेरो में थे, उस पर पुलिस का लोगो या लाइट नहीं थी। अधिकारी व जाब्ता भी सादा वर्दी में था। इसे लेकर सवाल भी उठ रहे है। यदि यह पकडने की गुप्त रणनीति के तहत था तो फिर पुलिस इतनी कमजोर क्यों निकली? दूसरी ओर होटल पर खड़े बजरी भरे डंपरों के साथ माफियाओं के दूसरे लोगों के पास ब्रिजा व शिफ्ट जैसी कारें भी थीं। अवैध बजरी खनन और परिवहन मुख्य रूप से बनास नदी से ही होता है। जिसका अधिकांश हिस्सा भीलवाड़ा जिले में है। वहां के गंगापुर, हमीरगढ़ और चित्तौड़ के राशमी क्षेत्र में बनास से खनन कर माफिया बजरी भरे वाहन चित्तौड़गढ़ सहित अन्य जिलों तक सप्लाई करते हैं।

फुटेज में दिखे डंपर और आराेपी, राजकार्य में बाधा का केस दर्ज

बुधवार सुबह हाेटल तिरंगा में और बाहर लगे सीसीटीवी कैमराें के फुटेज पुलिस ने खंगाले। इसमें हाेटल के बाहर बजरी से भरे डंपर खड़े नजर आ रहे हैं। इस आधार पर डंपराें के नंबर और ड्राइवराें की पहचान की कवायद की गई। फुटेज के आधार पर आरोपियों को नामजद कर लिया गया।

प्रशिक्षु आईपीएस यादव की रिपोर्ट पर पुलिस ने 10-12 आरोपियों के विरुद्ध धारा भादसं की धारा 353, 307, 147, 149 के तहत राजकार्य में बाधा और जानलेवा हमला करने का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु की। दोनों जिलों की पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की, लेकिन बुधवार दोपहर बाद तक वे हाथ नहीं आए।

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