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इंवेस्टमेंट समिट आज:देश-विदेश की 50 से ज्यादा कंपनियां और 175 निवेशक एमओयू करेंगे, पहली बार एक साथ 4000 करोड़ + का निवेश

भीलवाड़ाएक महीने पहले
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शिवप्रसाद एम नकाते, कलेक्टर - Dainik Bhaskar
शिवप्रसाद एम नकाते, कलेक्टर

20 हजार कराेड़ रुपए सालाना के कपड़ा काराेबार वाली इंडस्ट्री में शुक्रवार काे िनवेश का नया उदय हाेगा। जिला प्रशासन, जिला उद्याेग केंद्र व रीकाे के सहयाेग से प्रदेश में पहली जिला स्तरीय इन्वेस्टमेंट समिट शुक्रवार काे सुबह 10.30 बजे हरणी महादेव के पास हाेटल ग्लाेरिया इन में हाेगी। इसमें स्थानीय व देशभर की करीब 50 से ज्यादा कंपनियां करीब 175 निवेशक करीब चार हजार कराेड़ के निवेश के एमओयू करेंगे।

इसमें वर्तमान में जाे इंडस्ट्रीज है वे विस्तार भी करेगी और नई कंपनियां भी आएंगी। कलेक्टर शिवप्रसाद एम नकाते ने बताया कि इन्वेस्टमेंट समिट मे सबसे खास बात यह है िक इस बार टेक्निकल टेक्सटाइल व रेडिमेड गारमेंट पर फाेकस रहेगा। इस कार्यक्रम में प्रवासी राजस्थान भी ऑनलाइन जुड़ेंगे। समिट में उद्याेग मंत्री शकुंतला रावत, प्रभारी मंत्री महेश जाेशी, राजस्व मंत्री रामलाल जाट माैजूद रहेंगे। उद्याेग आयुक्त अर्चनासिंह, उद्याेग सचिव आशुताेष एटी पेडनेकर भी माैजूद रहेंगे।

भीलवाड़ा में समिट इसलिए क्याेंकि यहां उद्याेग विस्तार की अच्छी संभावना

जिला स्तरीय इन्वेस्टमेंट समिट का प्लान आया ताे टेक्सटाइल सिटी के लिहाज से हमसे भी पूछा ताे हमने हां कर दिया क्याेंकि यहां इंडस्ट्री के ग्राेथ करने के अाॅप्शन है। सबसे बड़ी बात है िक टेक्सटाइल बदलाव की अाेर है। अब डेनिम, रेडिमेड गारमेंट के साथ-साथ टेक्निकल टेक्सटाइल की तरफ इंडस्ट्री के कदम बढ़ रहे हैं। अभी 20 हजार कराेड़ सालाना टर्नओवर है। अब चार हजार कराेड़ का िनवेश हाेने वाला है। यहां कुछ समस्याअाें काे छाेड़कर इंडस्ट्रीलियस्ट भी कैपेबल है क्याेंकि आधुनिक मशीनरी के साथ ही प्रतिस्पर्धा में आगे रहते हैं।

एेसे में यह टर्नओवर अगले तीन-चार साल में 50 हजार कराेड़ भी पहुंच सकता है। टेक्सटाइल के साथ-साथ एग्राे फूड, डेयरी आदि में करीब 250 कराेड़ का िनवेश अा रहा है। यह भीलवाड़ा के लिए नया सेक्टर है जाे अच्छा राेजगार देगा। माइनिंग में भी अब बाहर की कंपनियां आ रही है जाे यहां कच्चा माल लेकर नए प्राॅडक्ट बनाएगी। एेसे में आने वाले पांच साल िजले के लिए अच्छे रहेंगे क्याेंकि निवेश हाेगा ताे लाेगाें काे राेजगार भी मिलेगा।

समिट को सफल बनाने के 3 प्लान

1 कमिटेड एंड डिलीवर थीम है। मतलब सब काम टाइम बाउंड फ्रेम में हाेगा। उद्याेगाें से जाे वादे हाे रहे हैं इन सबके लिए समय सीमा तय है।

2 जयपुर में वन स्टाॅप सेंटर बनाया है। जाे भी िनवेशक है उन्हें दूसरी जगह जाने के बजाय यहां जाना हाेगा ताकि सभी काम आसानी से हाे सके।

3 जिनके पास अभी जमीन उपलब्ध है उन्हीं काे िनवेश एमओयू में शामिल िकया है। जमीन हाेने पर निवेश का सपना जल्दी पूरा हाे सकेगा।

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