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जिला परिषद सभागार में हुई वार्ता:कलेक्टर से नहीं मिलने दिया, 170 सरपंचाें ने दिया धरना; डीएमएफटी से काम स्वीकृत कराने व खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जुड़वाने की मांग

भीलवाड़ा2 महीने पहले
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कलेक्ट्री में धरना देते सरपंचों से समझाइश के लिए पहुंचे अधिकारी। - Dainik Bhaskar
कलेक्ट्री में धरना देते सरपंचों से समझाइश के लिए पहुंचे अधिकारी।

मनरेगा में कच्चे-पक्के काम स्वीकृत कराने, खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जुड़वाने और डीएमएफटी से काम स्वीकृत कराने की मांग को लेकर सरपंचाें ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में हंगामा कर दिया। कलेक्टर से मिलने नहीं दिया तो सभी कलेक्ट्रेट में ही धरने पर बैठ गए। जिला परिषद सीईओ रामचंद्र बैरवा ने समझाइश की व प्रतिनिधिमंडल से कलेक्टर की बात कराने का आश्वासन दिया।

सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष शक्तिसिंह ने बताया कि 170 सरपंच आए थे। सभी ने सरपंचों ने कलेक्टर से मिलकर मांग पत्र सौंपने की बात कही थी। इस पर कलेक्टर के प्रतिनिधि आए और मीटिंग हॉल में पहुंचने के लिए कहा। सरपंच मीटिंग हॉल में पहुंचे जहां पहले से जिला परिषद की काेई बैठक हाे रही थी।

वहां अचानक इतने सरपंचाें काे देखकर सभी चाैंक गए। कलेक्टर शिवप्रसाद नकाते ने इनसे बात की। सरपंचों ने आक्राेश जताते हुए कहा कि अधिकारी हमारे बाद आते हैं, जबकि हम जनता के प्रतिनिधि हैं। इस पर कलेक्टर नकाते ने अधिकारियों को उठाते हुए सरपंचों को कुर्सियों पर बैठाया और उनकी बात सुनी।

नकाते ने आश्वस्त किया कि पंचायत की तरफ से 20 सितंबर तक मिले एस्टीमेट को प्रशासन गांवों के संग अभियान में स्वीकृत कर दिया जाएगा। इसके बाद मिलने वाले एस्टीमेट कार्यों को 20 दिन में स्वीकृत किया जाएगा। इधर, इस हंगामे से पहले आरसी व्यास कॉलोनी स्थित सारस्वत भवन में सरपंच संघ भीलवाड़ा की बैठक हुई। इसमें सभी समस्याओं को लेकर चर्चा की गई थी। बाद में सरपंच कलेक्ट्रेट गए।

कलेक्टर के नहीं मिलने पर कुछ समय हंगामा हुआ। कलेक्टर नकाते ने बताया कि 2019-20 में मनरेगा में 561 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत हुए थे। इसकी तुलना में 2020-21 में 915 करोड़ के कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं।

पक्के कार्य के संबंध में बताया कि 60-40 के प्रतिशत के प्रस्ताव होने पर तुरंत स्वीकृत किया जाता है। एसटी-एससी व बीपीएल परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से केटल शेड के कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं। नियमानुसार प्रशासन गांवों के संग अभियान में पात्रता रखने वाले आमजन को पट्टे दिए जाएंगे।

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