आध्यात्मिक निधि:चतुर्दशी पर महाश्रमणजी ने मर्यादा पत्र का वाचन किया, तेरापंथ नगर में साध्वी गुणश्री की स्मृति सभा

भीलवाड़ा2 महीने पहले
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तेरापंथ के आचार्य महाश्रमण प्रतिपादित जिनवाणी का श्रवण ज्ञान चेतना को आत्मदर्शन की ओर अग्रसर करने वाला है। आचार्यश्री के सान्निध्य में शनिवार काे चतुर्दशी पर ‘हाजरी’ मर्यादा पत्र का वाचन हुआ। संताें ने गुरुदेव के समक्ष मर्यादा सूत्रों का उच्चारण किया। अाचार्य ने साध्वीवृंद को इक्कीस-इक्कीस कल्याणक (आध्यात्मिक निधि) की बख्शीश दी।

प्रवचन में महाश्रमण ने कहा कि भीलवाड़ा का चातुर्मास एक प्रकार से विरल चातुर्मास है। इतने साधु-साध्वियों का वर्षों बाद गुरुकुवास में चातुर्मास हो रहा है। इस समय को सभी सार्थक बनाने का प्रयास करें। उन्हाेंने कहा कि साधु का आचार उसकी संपत्ति होती है। शासनश्री साध्वी गुणश्री की स्मृति सभा का आयोजन भी हुआ। साध्वी का 5 अगस्त को बीदासर में देवलोकगमन हो गया था। मुख्यमुनि महावीर कुमार, साध्वीप्रमुखा कनकप्रभा ने भी वक्तव्य प्रदान किया। कार्यक्रम में साध्वी कल्पलता, साध्वी शुभप्रभा, साध्वी संवरप्रभा, साध्वी सुषमा कुमारी ने भी विचार व्यक्त किए।

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