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खेत पर करंट लगने से जिंदा जल गया किशोर:लाेगों ने नहीं उठाने दिया शव, एईएन एपीओ, ,ग्रामीण बोले बिजली विभाग की लापरवाही से गई जान

भीलवाड़ा16 दिन पहले
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  • पुर थाना क्षेत्र के दरीबा में खेत पर हुई घटना

पुर थाना क्षेत्र के दरीबा गांव में मंगलवार को खेत पर काम करने गया 16 साल का किशाेर वहां बिजली के पोल में आ रहे करंट की चपेट में आकर जिंदा जल गया। किशाेर की माैत पर उसके परिजनाें और ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया और डिस्कॉम के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई और 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग को लेकर मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने पाेस्टमार्टम के लिए शव माैके से उठाने से इंकार कर दिया। पुलिस ने समझाइश कर शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया। इधर, इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस-प्रशासन और डिस्कॉम के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। मामले में एईएन काे एपीओ कर दिया गया है।

पुर पुलिस के अनुसार दरीबा निवासी प्रदीप (16) पुत्र ओमप्रकाश विश्नोई मंगलवार सुबह करीब 6.30 बजे अपने खेत पर खुदाई का काम करने गया था। इस दौरान खेत के पास लगे बिजली के पोल में करंट फैला हुआ था। प्रदीप विश्नाेई उस पोल की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रदीप की मौत पर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया।

बताया गया कि प्रदीप दसवीं कक्षा का छात्र था। हंगामा हाेने की सूचना पर एसडीएम ओमप्रभा, सीओ सदर रामचंद्र चौधरी, पुर थाना प्रभारी मुकेश वर्मा, तहसीलदार सहित बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्हाेंने पाेस्टमार्टम के लिए शव काे भिजवाने की बात कही, लेकिन ग्रामीण मुआवजा नहीं मिलने तक शव नहीं उठाने पर अड़ गए। दोपहर तक ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच समझाइश और बातचीत का दौर चलता रहा। बिजली विभाग के अधिकारी 5 लाख रुपए मुआवजा देने को तैयार भी हुए, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।

एईएन बैरवा एपीओ...करंट से माैत के मामले में एईएन धर्म सिंह बैरवा काे एपीओ कर दिया गया। उनका मुख्यालय अब अजमेर रहेगा। साथ ही उन्हें तुरंत प्रभाव से अजमेर में ज्वाइन करने के आदेश दिए गए हैं। अजमेर डिस्काॅम के प्रशासनिक सचिव एनएल राठी ने यह आदेश जारी किया है। डिस्काॅम के भीलवाड़ा वृत्त के एसई एसके उपाध्याय ने बताया कि घटना की जांच की जाएगी। जांच प्रभावित नहीं हाे इसके लिए एईएन बैरवा काे एपीओ किया गया है। बिजली निगम की ओर से पांच लाख रूपए का मुआवजा दिया गया। एसई उपाध्याय ने बताया कि बिजली के पाॅल पर लगे इंसुलेटर पंचर हाेने के कारण से तार टूट गया और करंट फैल गया।

4 दिन पहले की थी शिकायत, अधिकारियाें ने नहीं सुनी और बुझ गया घर का चिराग ग्रामीणों ने बताया कि बिजली पोल का तार अपनी जगह से हटकर एंगल पर अटका हुआ था। इसकी शिकायत बिजली विभाग को चार दिन पहले कर दी गई थी। इसके बावजूद सुनवाई नहीं की गई। शिकायत का निस्तारण नहीं हाेने से यह हादसा हुआ। बताया गया कि ओमप्रकाश विश्रोई के तीन संतानें थी। इनमें प्रदीप इकलौता पुत्र था। प्रदीप के दो बहनें हैं। प्रदीप की मौत होने से घर का चिराग बुझ गया। प्रदीप की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

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