निशुल्क कोचिंग देते:10 साल पढ़ाई से दूर रहीं सुमन का आरएएस में चयन, कुशलसिंह 13 साल से शिक्षक, चौथे प्रयास में हुए कामयाब

भीलवाड़ा3 महीने पहले
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  • आरएएस भर्ती परीक्षा में सफल रहीं जिले की सुमन गुर्जर और कुशलसिंह ने विपरीत परिस्थितियों में पाया मुकाम

मुश्किल हालात इंसान के जज्बे को झुका नहीं सकते हैं। ऐसा एक बार नहीं बल्कि कई बार साबित हुआ है। ऐसी ही दो कहानियों से रुबरु कराएंगे जो इस सच को फिर साबित कर देगा। पहली कहानी एक महिला की है जिसने 10वीं कक्षा से लेकर बाद तक की परीक्षा स्वयंपाठी के तौर पर दी। वह भी तब जब दो बच्चों की जिम्मेदारी अकेले ने उठा रखी। दूसरी कहानी एक ऐसे ग्रामीण शख्स की है जो सिविल सेवा में तीन बार असफल रहने के बावजूद हार नहीं मानी।

सुमन गुर्जर को आरएएस (एमबीसी विडो) कोटे में पहली रैंक, बच्चों की परवरिश के लिए 10 साल पढ़ाई से रही थीं दूर

अतंर्राष्ट्रीय पहलवान रहे पिता स्वर्गीय मदन गुर्जर की बेटी सुमन गुर्जर के पति भंवरलाल गुर्जर का निधन वर्ष 2002 में हो गया। तब सुमन के बच्चे छोटे थे। 10 साल तक बच्चों के लालन-पालन के चलते पढ़ाई से दूर रहीं सुमन गुर्जर ने ग्यारहवें साल में जाकर 10 वीं कक्षा की परीक्षा स्वयंपाठी के तौर पर दी।

10वीं पास होने के बाद सुमन को पिता ने प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना दिखाया। इस सपने को संकल्प में बदलने और पूरा करने से पहले ही पिता दुनिया को अलविदा कह गए। मगर सुमन ने जिद नहीं छोड़ी और स्वयंपाठी के तौर पर पढ़ाई जारी रखते हुए सफलता हासिल की।

पिछले 3 महीने कोविड से लड़ने के बाद सुमन अस्पताल से उसी दिन डिस्चार्ज होकर आई जिस दिन आरएएस का रिजल्ट आया। सुमन गुर्जर की आरएएस सूची में 1926 वां रैंक और एमबीसी विडो श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है। एसडीएम पद मिलना तय माना जा रहा है। सुमन गुर्जर, वर्तमान में सरकारी स्कूल में हैडमास्टर है।

कुशलसिंह की 454वीं रैंक, गांवों में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए जागरुक करते हैं, प्रताप युवा शक्ति ने किया सम्मान

चौथे प्रयास में आरएएस में 454वीं रैंक हासिल करने वाले कुशलसिंह राणावत जहाजपुर के जामोली के रहने वाले हैं। यूं तो 2007 में सरकारी शिक्षक बनने में कामयाब रहे लेकिन सिविल सेवा में किस्मत आजमाई तो असफलता हाथ लगी।

तीन बार की असफलता को इस बार के रिजल्ट में उपलब्धि में बदल दिया। सामाजिक कार्यों में रुचि के कारण इन्होंने लॉकडाउन की पालना, बालिका शिक्षा और वैक्सीनेशन के लिए जागरुक करने में उल्लेखनीय योगदान रहा है।

प्रताप युवा शक्ति की ओर से रविवार को कार्यालय पर कुशल सिंह राणावत को सम्मानित किया। कान सिंह खारड़ा ने बताया कि राणावत ने अपनी सफलता का श्रेय परिजन, गुरु और डीटीओ ओमसिंह शेखावत, डिप्टी कमिश्नर स्टेट जीएसटी शाहजहांपुर प्रकाशसिंह शेखावत, कृषि विभाग की लेखाधिकारी खुशबू जैन को दिया है।

कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष नागेंद्र सिंह जामोली, रणजीत सिंह झालरा, नरपत सिंह रामपुरा, भूपेंद्रसिंह बिलिया, राहुल सिंह, यशपाल सिंह आदि उपस्थित रहे। कुशल सिंह प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क तैयारी भी कराते हैं।

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