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  • The Expert Team Of Three Departments Said Where The Bus Overturned, There Was A 42 Meter Long Non essential Cut, It Is Necessary To Stop It Immediately.

यूआईटी और ट्रेफिक शाखा के अधिकारियों ने की जांच:तीन विभागों की विशेषज्ञ टीम ने कहा- जहां बस पलटी वहां 42 मीटर लंबा गैर जरूरी कट, इसे तत्काल बंद करना जरूरी

भीलवाड़ाएक महीने पहले
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प्रतापनगर स्कूल के पास : पेट्राेल पंप और हाेटल के सामने कट ही गलत - Dainik Bhaskar
प्रतापनगर स्कूल के पास : पेट्राेल पंप और हाेटल के सामने कट ही गलत
  • कमेटी ने दो अन्य चौराहे भी देखे, भास्कर कार्यालय में चर्चा के बाद निर्णय- सड़कों की एमएनआईटी से थर्ड पार्टी ऑडिट कराएंगे

पुर रोड पर साेमवार रात काे प्रतापनगर स्कूल के पास बस पलट गई क्याेंकि गैर जरूरी कट से अचानक कार सामने आ गई। दैनिक भास्कर के आग्रह पर परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, प्रतापनगर पुलिस व यूआईटी के इंजीनियर्स मंगलवार को घटना स्थल पहुंचे और दुर्घटना का कारण जानने के लिए करीब आधा घंटा मौका मुआयना किया। फीते से सड़क और कट का मैजरमेंट किया।

टीम ने माना कि हाेटल और पेट्राेल पंप के पास 42 मीटर लंबे कट काे या ताे बंद कर दिया जाए या इसे घटाकर 15 मीटर किया जाए। इसे बंद करने पर एक्सीडेंट रुकेंगे। इसकेि लिए नगर विकास न्यास ने कार्रवाई शुरू भी कर दी है। जिला परिवहन अधिकारी डाॅ. वीरेन्द्रसिंह राठाैड़, प्रतापनगर थानाधिकारी राजेंद्र गाेदारा, ट्रैफिक इंचार्ज मेघना त्रिपाठी, यूआईटी के एईएन अरविंद व्यास, जेईएन तरुण अजमेरा, परिवहन इंस्पेक्टर महेश कुमार पारीक, ट्रैफिक एएसआई हरिशंकर पारीक सर्वे और समीक्षा में शामिल हुए।

पुर राेड पर हुए इस हादसे के कारणाें के साथ ही शहर में चार प्रमुख पाइंट्स काे लेकर दैनिक भास्कर ने साेमवार काे सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागाें के अधिकारियाें के साथ सर्वे के बाद इन पाइंट्स पर हाेने वाले हादसाें के कारणाें की समीक्षा के लिए भास्कर कार्यालय में एकि रिपाेर्ट तैयार की गई। इसमें चर्चा की गई कि इनके समाधान के लिए जिम्मेदार एजेंसियां क्या कदम उठा सकती हैं।

सर्किट हाउस और डाक बंगला चाैराहा

कमियां : तिराहे की चाैड़ाई के मुताबिक डिवाइडर लंबा नहीं है। ट्रैफिक छतरी लगी हुई है, लेकिन अजमेर पुलिया और गंगापुर तिराहे-गांधीनगर की ओर आने-जाने वाले वाहन चालक इस छतरी काे दरकिनार कर गलत तरीके से घूमते हैं।

राेड साइन बाेर्ड की ऊंचाई साढ़े 5 फीट की जगह महज साढ़े 3 फीट।

गंगापुर तिराहे से आगे सड़क की चाैड़ाई कम हाेने से डाक बंगला के सामने डिवाइडर तिरछा बना हुआ है, इससे वाहन गलत दिशा में चलते हैं।

सुझाव : गंगापुर तिराहे से लेकर अजमेर चाैराहे तक की सड़क की तकनीकी खामियां दूर करने के लिए सर्वे किया जाएगा।

सर्किट हाउस तिराहे पर ट्रैफिक छतरी काे सही जगह लगाया जाएगा।
पांसल राेड-100 फीट राेड तिराहा

कमियां : इस तिराहे पर काेई डिवाइडर या छतरी नहीं हाेने से वाहन बेतरतीब तरीके से गुजरते हैं, जिससे आए दिन हादसे हाेते रहते हैं।
तिराहे पर हाईटेंशन लाइनाें के पाेल और आसपास गुमटियाें समेत अन्य अतिक्रमण भी हैं, जिससे सड़क की चाैड़ाई कम हाे गई है।

सुझाव : तिराहे पर डिवाइडर बनाने से पहले छतरी या टायर रखवाया जाएगा, जिससे वाहन अपनी सही दिशा से घूम सकें। अतिक्रमण हटवाए जाएंगे।

कमियां

1 42 मीटर लंबा कट छाेड़ रखा है। जबकि नियमानुसार हाईवे की सड़क पर 15 मीटर से ज्यादा कट नहीं रखा जा सकता। वाहन चालक इस कट के पास स्थित पेट्राेल पंप और एक हाेटल में जाने के लिए गलत दिशा से वाहन चलाते हैं।
2 सड़क किनारे डेढ़ मीटर पक्की और डेढ़ मीटर कच्ची पटरियां हाेनी चाहिए, लेकिन यहां सफेद लाइनिंग के बाद पटरी की सड़क भी धंसी हुई थी।
3 कट के दाेनाें तरफ स्पीड ब्रेकर नहीं हैं, जिससे वाहन तेज गति से गुजरते हैं। हाईवे और इंडस्ट्रियल एरिया की ओर से आने-जाने वाले वाहनाें का ज्यादा दबाव रहता है।
4 हाेटल के सामने एक अनधिकृत रूप से कट दे रखा है, जिससे करीब एक साल पहले हादसे में एक बालक की माैत हाे चुकी है।
सुझाव

42 मीटर लंबे कट काे या ताे बंद कर दिया जाए या इसे घटाकर 15 मीटर किया जाए। इसे बंद करने पर एक्सीडेंट रुकेंगे। इसके लिए नगर विकास न्यास ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

पटरियाें काे नियमानुसार बनाया जाए और दाेनाें ओर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे।

कौनसा विभाग क्या जिम्मेदारी निभाएगा

​​​​​​​परिवहन एनएचएआई, यूआईटी के साथ मिलकर सड़काें की कमियां जानने और इंजीनियरिंग काे ठीक करने के लिए सर्वे करवाएगा। पुर राेड पर पेट्राेल पंप के सामने कट काे कम करने के लिए एमएनआईटी काे पत्र लिखा है। सड़क सुरक्षा ऑडिट के लिए संबंधित विभागाें से समन्वय किया जाएगा।

यूआईटी शहर की मुख्य मार्गाें की सड़काें पर गलत कट, डिवाइडर की खामियाें काे दूर करने के साथ ही सर्वे में भी भागीदारी निभाएगी।

ट्रैफिक शाखा जिन प्रमुख तिराहाें पर छतरियां नहीं हैं या गलत जगह लगी हैं। वहां उन्हें सही जगह लगाया जाएगा। जहां ट्रैफिक पुलिसकर्मी की जरुरत हाेगी, वहां तैनात किए जाएंगे। कई जगह अस्थाई डिवाइडर बनाएंगे ताकि एक्सीडेंट रुकेंगे।

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