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अपहरण के 12 दिन बाद भी मासूम नहीं मिला सुराग:25 से 30 साल के बदमाशों ने बंक्यारानी मंदिर की परिक्रमा के दौरान आरती काे उठाया, अभी भी बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगी है पुलिस

भीलवाड़ा8 महीने पहले
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सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को सिर्फ यह पता चला है कि बदमाश 25 से 30 साल के हैं। - Dainik Bhaskar
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को सिर्फ यह पता चला है कि बदमाश 25 से 30 साल के हैं।
  • 12 दिन बाद भी पुलिस नहीं ढूंढ पाई तीन साल की मासूम को
  • पुलिस की 5 टीमाें ने मंदिर व टाेल के 100 से ज्यादा फुटेज खंगाले

शक्तिपीठ बंक्यारानी माता मंदिर परिसर से 3 अक्टूबर की रात 8:40 बजे अपहरण कर ली गई 3 साल की मासूम के बारे में 12 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ है। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमराें के 100 से ज्यादा फुटेजाें से केवल इतना पता चला कि अपहर्ता 25-30 साल की उम्र के दाे युवक हैं। ये घुमंतू व डेराें में रहने वाले हाे सकते हैं।

पुलिस ने अजमेर, जयपुर, चित्ताैड़गढ़ तक के डेरे व टाेल नाकाें के फुटेज भी खंगाल लिए। आसपास के थानाें व जिलाें की पुलिस काे इतल्ला कर दी। साइबर सेल की सहायता से भी पड़ताल की जा रही लेकिन काेई सुराग नहीं मिल रहा। किसी अनहाेनी की आशंका में माता-पिता व अन्य परिजनाें का दिन का चैन व रात की नींद उड़ी हुई है।

तीन साल की आरती पिता अर्जुननाथ व मां लीला के साथ 3 अक्टूबर की शाम बंक्यारानी मंदिर दर्शन करने आई थी। आसींद थाना क्षेत्र के बागमाली निवासी पिता अर्जुननाथ भीलवाड़ा के बिलिया स्थित रीकाे सैकंड फेस में एक टेक्सटाइल यूनिट में मशीन ऑपरेटर हैं। वे भीलवाड़ा ही रहते हैं। रूपपुरा पंचायत में सरपंच पद के लिए मतदान हाेने से वे पत्नी व तीनाें संतानाें के साथ गांव गए थे।

दाे अन्य संतानाें में बड़ा बेटा अनमाेल 7 साल का व छाेटा बेटा 13 साल का है। आरती इनके बीच बहन है। मतदान समाप्ति के बाद अर्जुन व लीला बेटी आरती काे लेकर बंक्यारानी दर्शन करने गए। उसके सिर में फाेड़े-फुंसियां हाे रही हैं। जिसका भीलवाड़ा में उपचार चल रहा है। माता-पिता आस्था के चलते उसे देवी के दर्शन करवाने भी ले गए।

तीनाें ने साथ दर्शन किए। इसके बाद परिक्रमा कर रहे थे जहां कई अन्य भक्त भी थे। अर्जुननाथ बताते हैं कि परिक्रमा में बने भैरूनाथ मंदिर के नजदीक तक आरती साथ थी। कुछ सैकंड बाद ही वह नजर नहीं आई ताे मैंने समझा आरती मां के साथ हाेगी। वहीं पत्नी लीला यह समझती रही कि आरती मेरे साथ है।

हम दाेनाें परिक्रमा से बाहर आए तब आरती नहीं दिखी। हमने वापस परिक्रमा में जाकर तलाशा। इसके बाद पूरे मंदिर परिसर का काेना-काेना खंगाल लिया। तरह-तरह की आशंकाएं घेरने लगीं। अन्य कई दर्शनार्थी भी उसे तलाशने में लग गए।

भास्कर में देखिए संदिग्धों के चेहरे, यदि आपको नजर आएं तो पुलिस को सूचना दें

थानाधिकारी रामस्वरूप चौधरी ने बताया कि पुलिस ने बंक्यारानी मंदिर परिसर से सौ के करीब फुटेज देखें हैं। आसींद, परसाेली, रायला, बांदनवाड़ा आदि के टाेल नाकाें के फुटेज भी खंगाले हैं। मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर संदिग्ध नंबरों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। हमने 5 टीम बना रखी है। चित्तौड़गढ़, राजसमंद, कुंभलगढ़, जयपुर, अजमेर, टोंक तक तलाश की।

मंदिर परिसर व भीलवाड़ा जिला मुख्यालय पर विशेष कैंप लगाकर बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। बीटीएस टीम के माध्यम से मोबाइल कॉल डिटेल खंगाल रहे हैं। प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर भी सूचना भिजवाई है। लेकिन बदमाशों तक पहुंचने में सबसे बड़ी बाधा मंदिर परिसर के बाहर गांव में सीसीटीवी कैमरे लगे न होना है। बदमाश हूलिए से डेराें वाले, जरायमपेशा लगते हैं।

मंदिर प्रबंधन भी चिंतित
बंक्यारानी मंदिर के पुजारी देवीलाल गुर्जर का कहना है कि मंदिर के सदियाें के इतिहास में परिसर में इस तरह की पहली वारदात है। काेराेना गाइडलाइन के चलते मंदिर करीब साढ़े पांच महीने बंद रहा। अनलाॅक-5 के बाद कुछ दर्शनार्थी आने लगे हैं। सेनेटाइज हाेना व मास्क जरूरी किया हुआ है। हम लाेगाें ने उस रात काफी देर तक बालिका काे तलाशा।

यहां तक बंद धर्मशालाओं तक तलाश करने गए। परिसर में लगे हर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज निकाल लिए हैं जाे पुलिस काे उपलब्ध करा दिए हैं। हम ऐसी वारदात से न केवल चिंतित बल्कि दहशत में हैं। बीटीएस, बेस ट्रांसमिशन टीम यहां स्थाई कैंप लगाकर संदिग्ध माेबाइल नंबर व लाेकेशन पर नजर रख रही है।

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