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जिले की सबसे बड़ी ऑनलाइन ठगी का खुलासा:झारखंड के ठगों ने अंडे-चाय बेचने वालों से ~25 हजार में बैंक खाते खरीद कर 77 लाख रुपए की ठगी की

भीलवाड़ा16 दिन पहले
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आरोपी बाएं से दाएं राजूकुमार उर्फ प्रद्यु्म्न, मुकेश उर्फ अमितराज, सोनू कुमार, विजय प्रसाद, कुंदन कुमार व राकेश झा उर्फ छोटू। भीलवाड़ा पुलिस इन्हें झारखंड, बिहार व दिल्ली से गिरफ्तार कर लाई है। - Dainik Bhaskar
आरोपी बाएं से दाएं राजूकुमार उर्फ प्रद्यु्म्न, मुकेश उर्फ अमितराज, सोनू कुमार, विजय प्रसाद, कुंदन कुमार व राकेश झा उर्फ छोटू। भीलवाड़ा पुलिस इन्हें झारखंड, बिहार व दिल्ली से गिरफ्तार कर लाई है।
  • 16 फरवरी काे हुई थी ठगी, भीलवाड़ा पुलिस ने झारखंड व बिहार से गिरफ्तार किए 6 आरोपी, 100 बैंक खाते फ्रीज

|जिले की सबसे बड़ी 77 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का खुलासा हाे गया है। खुलासा करने भीलवाड़ा के प्रतापनगर थाना पुलिस की आठ टीमें झारखंड-बिहार समेत 8 राज्याें के 54 गांवाें में पहुंची। यहां पुलिस काे बड़ी सफलता हाथ लगी और छह शातिर ठगाें काे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने करीब छह हजार किलाेमीटर का सफर कर इन राज्याें में कार्रवाई के बाद चाैंकाने वाले खुलासे किए हैं।

दैनिक भास्कर ने जिले की इस सबसे बड़ी ऑनलाइन ठगी के खुलासे के पुलिस इन्वेस्टिगेशन काे लेकर टीम से बात की। सामने आया कि जाे लाेग देशभर से कराेड़ाें रुपए की ऑनलाइन ठगी करते हैं, वे झुग्गी-झाेपड़ियाें में रहते हैं। जिनके खाताें में हर महीने लाखाें रुपए का ट्रांजेक्शन हाेता है, उनमें से काेई चाय की थड़ी चलाता है ताे काेई अंडे का ठेला लगाता है। इनके बैंक खाते बिकते हैं, जिनकाे संचालित करने वाला काेई और है। पुलिस जब वहां पहुंची ताे कहने लगे कि हमने ताे बैंक खाते बेच दिए हैं। हमें नहीं पता काैनसी ठगी हुई है। ठग गिराेह के सदस्य गांव में खाते इकट्ठा करने वाले काे रांची, पटना या लखनऊ जैसे किसी बड़े शहर में बुलाते और दस्तावेज आदि लेकर 25 से 30 हजार रुपए प्रति खाता के हिसाब से पैमेंट कर देते हैं। इसके बाद इन दस्तावेज से ठगी करते हैं। मामले पर भास्कर की खास रिपाेर्ट-
मामला }शहर की सबसे चर्चित ठगी
कपड़ा फैक्ट्री मालिक हरकचंद लालानी के खाते से ठगाें ने 77 लाख रुपए उड़ा लिए थे। लालानी के बैंक ऑफ बड़ाैदा में दाे अकाउंट थे। 16 फरवरी 2021 की रात एक बजे पहला ओटीपी आया, जब लालानी नींद में थे। उन्हाेंने ओटीपी तक नहीं देखा। इसके बाद सुबह 8.40 बजे तक साइबर ठगाें ने एक अकाउंट से 7-8 बार के ट्रांजेक्शन में 82 लाख उड़ा लिए। हालांकि इसमें से 5 लाख कुछ देर बाद लालानी के दूसरे खाते में वापस आ गए। शेष राशि ठगों ने करीब 100 खातों ट्रांसफर कर निकाल ली। भीलवाड़ा पुलिस झारखंड-बिहार, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल गई।

सफलता } 6 गिरफ्तार, सरगना दुबई में
पुलिस ने गिराेह के 6 आराेपियाें काे झारखंड-बिहार से गिरफ्तार किया। इसमें बरबीघा बिहार के सोनू कुमार, राजू कुमार उर्फ प्रद्युमन, मुकेश उर्फ अमितराज उर्फ अजीत, पटना निवासी कुंदन कुमार, नेपाल हाल दिल्ली निवासी बिजय प्रसाद और बिहार के राजेश झा उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया है। सरगना दुबई भाग गया।

ठगी का ये तरीका अपनाया
बैंक खाते खरीदकर ठगी का पैसा इनमें ट्रांसफर करके निकाल लेते हैं... पुलिस जांच में पता चला कि शातिर ठग गिराेह रुपए जमा करवाने के लिए दिहाड़ी मजदूराें, किसानाें के खाताें का इस्तेमाल करते हैं। गिराेह के सदस्य किसी गांव या पंचायत के किसी ऐसे व्यक्ति काे झांसे में लेते, जाे गांव के सीधे-सादे दिहाड़ी मजदूर या किसानाें के दस्तावेज आदि लेकर उनके बैंक खाते खुलवाता। ये व्यक्ति 25 हजार रुपए देकर खाताधारक से उसकी बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, सस्ता माेबाइल फाेन, सिम कार्ड ले लेता। 10-15 खाताें के दस्तावेज, एटीएम आदि इकठ्ठा कर लेता है।

भूमिका एसपी कर रहे थे टीम का निर्देशन
एसपी विकास शर्मा ने इस ऑनलाइन ठगी के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साेशल मीडिया पर एक ग्रुप बनाकर सबके संपर्क में रहे। साथ ही जिन भी राज्याें में समस्या आई वहां के एसपी से बातचीत की। टीम में प्रतापनगर सीआई भजनलाल, सब इंस्पेक्टर स्वागत पांड्या, एएसआई आशीष मिश्रा, हेड कांस्टेबल हरीश गाैतम, इंद्रमल, परसाराम, जगराम, अनिरुद्ध सिंह, चंद्रभाल छिल्लर, उमराव, मनाेहर, दीपक, संजय, पवन, महावीर, सुनील, अविनाश, सत्यनारायण पारीक समेत करीब 25 जनाें की टीमाें ने जाल बिछाया तब सफलता मिली।

कार्रवाई } ~77 में से 52 लाख निकाले, 25 लाख बैंक खाताें में थे, फ्रीज करवाए
पुलिस ने बिहार और झारखंड के संदिग्ध लाेगाें के बैंक खाताें की जांच की ताे पता चला कि उड़ाए गए 77 लाख रुपए में से 52 लाख रुपए निकाल लिए गए, जबकि 25 लाख रुपए खाताें में हैं। इस पर इन खाताें काे फ्रीज करा लिया। अब यह खाता मामला निस्तारण होने पर ही संचालित होगा।

बैंक अकाउंट नंबर में दिए एड्रेस के आधार पर उनके ठिकानाें पर पहुंची पुलिस
शहर की सबसे बड़ी ऑनलाइन ठगी का खुलासा करना हमारे लिए चैलेंज था। हमने आठ टीमें बनाई र फरीदाबाद, लखनऊ,दिल्ली, शेखपुरा बिहार, चैन्नई, मुंबई, गया बिहार, काेलकाता व पटना रवाना की। ये टीमें अकाउंट नंबर में दिए एड्रेस के आधार पर उनकेि ठिकानाें पर पहुंची। जिनके खाते थे वे ताे मजदूरी करते मिले।

उनसे पूछा ताे बताया कि खाते बेच दिए हैं। पूछताछ के बाद जिनकाे बेचा उन तक पहुंचे। ऐसे पूरी चैन बनी हुई है जाे दस्तावेज ही दूसरे काे दे देती है। पहाड़ाें व नक्सली गांवाें में पहुंची हमारी टीमें आपस में जुड़ी रही। जहां जिसकाे जरुरत थी वहां पहुंचे। ऐसे करके शेखपुरा से दाे, मुंबई से एक, मधुपुर झारखंड से दाे व उत्तराखंड से एक जने काे गिरफ्तार किया। इनकी पूरी चैन बनी हुई है। नक्सली क्षेत्राें में जहां माेबाइल नेटवर्क ही पूरा नहीं था, वहां से इनकाे लाना मुश्किल था लेकिन सफल रहे। झारखंड व बिहार के कई गांव ऐसे हैं जहां इस तरह का अपराध ही हाेता है। जिनके खाते हैं वे गरीब हैं पर उनके नाम से गिराेह काम करते हैं। जैसा प्रतापनगर थानाधिकारी भजनलाल ने दैनिक भास्कर काे बताया

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