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बनास भी नहीं बुझा पा रही प्यास:जल संकट पर पंचायत के बाहर महिलाओं का प्रदर्शन

भीलवाड़ाएक महीने पहले
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  • रोज एक किमी दूर से पानी ला रहीं महिलाएं
  • गांव में 10 हैंडपंप हैं इनमें से 7 सूख गए

बनास नदी किनारे बसे भरणी कलां गांव के कुछ वार्डाें में दाे साल से पानी नहीं पहुंचा। गांव में अभी 72 घंटे में जलापूर्ति हाे रही है। यह सप्लाई भी नियमित नहीं है। ऐसे में लोगों को करीब एक किमी दूर गांव के बाहर कुएं से पानी लेकर आना पड़ता है। गांव में करीब 325 नल कनेक्शन है। 10 हैंडपंप में से 7 सूख गए। तीन हैंडपंप चालू है, लेकिन इनमें फ्लोराइडयुक्त पानी होने से ग्रामीण इसे पीने के काम नहीं लेते हैं।

पेयजल संकट से परेशान महिलाओं व ग्रामीणों ने गुरुवार को ग्राम पंचायत के बाहर प्रदर्शन कर समस्या के समाधान की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जलदाय विभाग की नल योजना का लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। ग्राम पंचायत प्रशासन भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि सरपंच ने पंचायत चुनाव से पहले जलापूर्ति संबंधी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। अब तक समाधान नहीं हो पाया है। मौसमी मीणा, कैलाश धाकड़, भूरालाल धाकड़, ओमप्रकाश धाकड़, वार्डपंच अन्नू कंवर आदि ने उप सरपंच दर्शन सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन कर व्यवस्था में सुधार की मांग की।

तीन वार्डों में दो साल से नलों में नहीं आया पानी

भरणी कलां गांव के लोगों ने बताया कि गांव की आबादी करीब 4 हजार है। जलदाय विभाग ने डेढ़ लाख लीटर क्षमता वाली टंकी है। इससे भरणी कलां व रोपां गांव में जलापूर्ति होती है। भरणी कलां गांव के वार्ड नंबर 4, 6 और 9 में ज्यादा संकट है। इन तीनों वार्डों में पिछले दो साल से नलों में पानी नहीं आया है। मवेशियों के लिए तीन खेल बना रखी है। इनको भरने के लिए ग्रामीणों ने पाइप लगा रखे हैं। इंजन लगाकर ग्रामीण इनमें पानी भरते हैं, ताकि मवेशियों की प्यास बुझा सके। वहीं गांव के कई लोग उप सरपंच दर्शन सिंह के घर से पानी भरते हैं।
बनास के कुएं में पर्याप्त पानी, लेकिन अव्यवस्था ने रोका
बनास नदी में जलदाय विभाग का कुआं है। इसमें पर्याप्त पानी है। अव्यवस्था के कारण भरणी कलां के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। करीब तीन वार्डों में समस्या ज्यादा विकट है। सिस्टम ठीक नहीं होने से समस्या हो रही है। ऐसे में लोगों को टैंकरों के भरोसे रहना पड़ता है। कई लोग एक किलोमीटर दूर कुएं से पानी लाने को विवश हैं। पाइप लाइन टूटी होने से नालियों का पानी भी पाइप में भर जाता है।

जिससे जिन क्षेत्रों में सप्लाई होती है वहां दूषित पानी पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बीपीएल के लिए 330 और एपीएल के 1100 रुपए जमा कराने पर नया नल कनेक्शन दिया जाता है, लेकिन यहां तैनात कर्मचारी इससे ज्यादा राशि वसूल लेते हैं। जिसकी रसीद भी नहीं दी जाती है। इधर, सरपंच मुकेश कुमार धाकड़ का कहना है कि गांव की समस्या के समाधान के लिए जलदाय विभाग के अधिकारियों को अवगत करा रखा है। अधिकारी कोरोनाकाल का हवाला दे रहे हैं।

बनास नदी से गांव तक बिछाई गई पाइप लाइन कुछ जगह से क्षतिग्रस्त है। इससे समस्या है। तीन वार्ड ऊंचाई पर होने से यहां प्रेशर से पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जल योजना में 23 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया। जल्द समस्या का समाधान हो जाएगा। किसी को नया नल कनेक्शन चाहिए तो वे सीधे कार्यालय में संपर्क करें।
-मयंक कुमार शर्मा, एईएन जलदाय जहाजपुर

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