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ये गलत है:2 बाइक भिड़ी, सड़क पर लहूलुहान तड़पते रहे चारों घायल, 1 ने दम तोड़ दिया

खाजूवाला3 महीने पहले
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  • खाजूवाला में हुए हादसे में करमीसर के बुजुर्ग की मौत, 3 घायल अस्पताल में
  • मदद की बजाय 20 मिनट तक वीडियो बनाते रहे तमाशबीन

दंतौर रोड पर शनिवार शाम दो बाइक में आमने-सामने की टक्कर हो गई। दोनों बाइक पर सवार चार लहूलुहान लोग बीच सड़क पर तड़पते रहे। आने-जाने वाले उन्हें देखकर रुके भी, लेकिन सिर्फ अफसोस जताते रहे, मोबाइल से घटना का वीडियो बनाते रहे। करीब 20 मिनट तड़पने के बाद एक वृद्ध ने दम तोड़ दिया। इसी दौरान खाजूवाला पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को अस्पताल ले गई।

एएसआई किशोर सिंह ने बताया कि एक बाइक पर एक व्यक्ति था, जबकि दूसरी पर तीन लोग बैठे थे। गोपाल गोशाला के सामने दोनों बाइक टकरा गई। हादसे में करमीसर निवासी मोहनराम (60) पुत्र गिरधारीलाल जाट ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मोहनराम खाजूवाला से 4 बीजीएम भागू में अपने खेत पर जा रहा था।

दूसरी बाइक पर सवार 17 पीबी निवासी विजेंद्र (24) पुत्र सुखराम नायक, वहीं का गोपीराम (34) पुत्र दलूराम जाट और हनुमानगढ़ निवासी कृष्ण (30) पुत्र दलीप नायक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को खाजूवाला सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद पीबीएम हॉस्पिटल रैफर कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों बाइक की गति इतनी तेज थी कि टक्कर के बाद चारों उछलकर काफी दूर जा गिरे। बाइक के परखच्चे उड़ गए।
हेलमेट होता तो बच जाती जान
खाजूवाला सीओ अंजुम कायल ने बताया कि बाइक चालकों ने हेलमेट नहीं लगाया था। एक्सीडेंट के बाद डामर रोड पर गिरने से चारों के सिर में गंभीर चोट आई है। ज्यादा खून बहने से मोहनराम की मौत हो गई, यदि उसने हेलमेट लगाया होता तो जान बच सकती थी। सीएचसी के डॉ. अमरचंद बुनकर के मुताबिक, घायलों के सिर में काफी चोट आई है। तीनों ने यदि हेलमेट लगाया होता तो हेड इंजरी नहीं होती। सिर में चोट लगने से काफी खून निकल गया है।
भास्कर व्यू
घायलों की तत्काल मदद करें

मोबाइल से वीडियाे शूट करने और उसे फेसबुक पर अपलोड कर लोगों को आगाह करने की बजाय किसी की जिंदगी बचाने की सोचें। क्योंकि घायल व्यक्ति के लिए एक-एक सैकंड कीमती होता है। इस घटना में भी यही हुआ। यदि लोग घायलों की फोटो-वीडियो शूट करने और सिर्फ अफसोस जताने की बजाय अस्पताल पहुंचाते तो शायद एक जिंदगी बच जाती।
हेलमेट बोझ नहीं सुरक्षा है

अक्सर लोग हेलमेट लगाने से बचते हैं। सिर्फ चालान के डर से कभी-कभार हेलमेट लगा लेते हैं। जबकि अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट लगाना चाहिए। एक सर्वे के मुताबिक, सड़क हादसों में 75 फीसदी दोपहिया वाहन चालकों की मौत हेड इंजरी से होती है। यदि अच्छी कंपनी का हेलमेट हो तो हैड इंजरी नहीं होगी।

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