समस्या:खाद की किल्लत, खाद वितरण केंद्रों पर किसान लगा रहे हैं चक्कर

लूणकरणसर2 महीने पहले
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  • पानी,बिजली के बाद अब खाद संकट, डीएपी से लेकर यूरिया तक की किल्लत

क्षेत्र में डीएपी ओर यूरिया खाद की किल्लत होने से किसान परेशान है। किसानों को रबी की फसल की बुवाई के लिए डीएपी ओर यूरिया खाद नहीं मिल रहा है। किसान खाद की दुकानों से लेकर वितरण केंद्रों तक लगातार चक्कर काट रहे हैं। क्षेत्र में पानी, बिजली संकट के बाद अब डीएपी और यूरिया की किल्लत खड़ी हो गई है। सहकारी समितियों में किसानों की भीड़ जुट रही है। गेहूं, सरसों, चना की फसल में छिड़काव के लिए किसानों को यूरिया की जरूरत है।

लूणकरणसर में केवल तहसील क्रय विक्रय सहकारी समिति ने ही यूरिया के लिए 15 दिन पहले विभाग को मांग पत्र भेजा था और 40 हजार थैला की जरूरत पर मात्र 3300 थैला यूरिया अब तक मिली है। वहीं क्षेत्र में 20 ग्राम सेवा सहकारी समितियां संचालित है लेकिन किसी ने समय पर यूरिया के लिए मांग पत्र भी नहीं भेजा और तो और अब भी केवल 06 ग्राम सेवा सहकारी समितियों ने ही जरूरत बताई है।

लूणकरणसर क्षेत्र में रबी के लिए लगभग 60 हजार थैला यूरिया व 10-12 हजार थैला डीएसपी की खपत होती है। फसल में छिड़काव के लिए इन दिनों यूरिया की डिमांड बढ़ी है। किसान यूरिया के लिए सहकारी समितियों में पहुंच रहे हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से यूरिया की कमी होने से दिक्कतें आ रही हैं।

लूणकरणसर तहसील क्षेत्र में यूरिया व डीएपी की मांग
तहसील क्रय विक्रय सहकारी समिति 2000 एम टी यूरिया व 500 एमटी डीएसपी, नाथवाणा जीएसएस ने 150 एमटी यूरिया व 75 एमटी डीएपी, लूणकरणसर जीएसएस ने 750 एमटी यूरिया व 250 एमटी डीएपी, रोझां जीएसएस ने 100 एमटी यूरिया व 50 एमटी डीएपी, अर्जुनसर जीएसएस ने 100 एमटी यूरिया व 50 एमटी डीएपी, सूई जीएसएस ने 250 एमटी यूरिया व 50 एमटी डीएपी तथा शेखसर जीएसएस ने 200 एमटी यूरिया व 60 एमटी डीएपी की जरूरत बताते हुए मांग की है।

रबी फसल की बुवाई का समय नजदीक
लूणकरणसर तहसील में डीएपी ओर यूरिया खाद की किल्लत होने से किसान परेशान हैं। रबी फसल की बुवाई के लिए समय से डीएपी और यूरिया खाद ही नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते किसान खाद वितरण केंद्रों पर लगातार चक्कर काट रहे हैं। दरअसल रबी की फसलों में गेहूं और सरसों की बुवाई होनी शुरू हो गई है. इन फसलों के विकास में खाद एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।लूणकरणसर सरसों उत्पादन में जिले में अग्रणी क्षेत्र है ऐसे में खाद नहीं मिलने पर किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि विभाग ने सरसों के लिए सबसे उपयोगी खाद एनपीके केन्द्रों पर उपलब्ध भी करवा रखी है लेकिन महंगी होने के कारण कम ही किसान खरीद रहे हैं।

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