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बढ़ता शिकार:3 मृत हिरण ले जा रहे दो लोगों को ग्रामीणों ने पकड़ा, वनमंत्री तक पहुंचा शिकार का मुद्दा

लूणकरणसर22 दिन पहले
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शिकार के आरोप में पकड़े गए तीन जने। - Dainik Bhaskar
शिकार के आरोप में पकड़े गए तीन जने।
  • बिश्नोई महासभा के संरक्षक ने सरकार को घेरा

लूणकरणसर उपखंड क्षेत्र में गत 4-5 दिनों से लगातार संदिग्ध अवस्था में मृत हिरण मिलने से मामला गरमा गया है। मामला वन मंत्री तक पहुंचा तो वन विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई। क्षेत्रीय वन अधिकारी नरेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि रविवार को सुबह बजे सूचना मिली कि रोझां पंचायत के चक 4 डीएलडी में दो युवक बैलगाड़ी पर तिरपाल में छिपाकर तीन मृत चिंकारा अपने घर ले जा रहे हैं। सूचना पर वनरक्षक लेखराम गोदारा, विजयपाल, विजयसिंह और देवेन्द्र सिंह को तुरंत मौके पर भेजा गया।

चक 4 डीएलडी की आबादी में एक बैलगाड़ी पर तीन मृत हिरण मिले और दो व्यक्तियों को ग्रामीणों ने बैठा रखा था।वन विभाग टीम ने तीन मृत हिरण बरामद कर चक 4 डीएलडी निवासी रमेश सांसी, विनोद सांसी व शिवलाल मेघवाल को डिटेन किया है। क्षेत्रीय वन अधिकारी चौधरी ने बताया कि मृत हिरणों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा शिकार हुआ या नहीं लेकिन उठाकर ले जाना ही अपराध है। रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी। कल मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा कर विधिवत रूप से वन विभाग परिसर में दफनाया जाएगा।

गौरतलब है कि लूणकरणसर क्षेत्र में इस सप्ताह हापासर सोलर प्लांट में तीन दिन लगातार मृत हिरण मिलने से शुरू हुआ। ये सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को ढाणी भोपालाराम की रोही में शिकार व रविवार को चक 4 डीएलडी में एकसाथ तीन मृत हिरण मिलने से मामला और गरमा गया है।

वन मंत्री सुखराम बिश्नोई तक प्रकरण पहुंचा तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के संरक्षक कुलदीप बिश्नोई ने 4 डीएलडी लूणकरणसर की बैलगाड़ी पर मृत हिरणों की फोटो ट्वीट करते हुए कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने लिखा कि राजस्थान में ये घटनाएं आम हो गई हैं। और ये इसलिए हो रहा है क्योंकि कानून सख्त नहीं है। मैं राजस्थान सरकार से अनुरोध करता हूं कि सख्त कानून बनाएं और अब तक जो पकड़े गए हंै, उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

अगर इनकी मंशा में खोट नहीं तो मृत हिरणों को तिरपाल में छिपाकर क्यों ले जाया जा रहा था और अपने घर क्यों ले गए थे। तीन हिरणों को एक साथ कुत्ते नहीं मार सकते। एक वर्ष पहले ही इनको पाबंद किया था कि मृत हिरणों को नहीं उठाएं। इनके शव को तो वन विभाग विधिवत रूप से दफनाता है। -कालूराम डेलू, निवासी कांकड़वाला

​​​​​​चक 4 डीएलडी के कुछ लोगों ने वन विभाग को लिखित में दिया है इन्होंने हिरणों का शिकार नहीं किया। चक 4 डीएलडी के शिवलाल मेघवाल ने फोन करके इनको बुलाया था। कुत्तों के काटने से मरे हुए तीन हिरण ले जाने के लिए कहा था। -रिछपाल बिश्नोई, निवासी डीएलडी

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