बिक रहा ‘घटिया किस्म’ का नमक:हर 4 में 1 नमूना जांच में फेल, बच्चे और गर्भवती को खतरा

बीकानेर9 महीने पहलेलेखक: सुरेन्द्र स्वामी / नरेश वशिष्ठ
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बीकानेर, जयपुर, अजमेर, कोटा और नागौर समेत 33 जिलों से लिए नमक के 2800 नमूनों में से 764 में आयोडीन की मात्रा कम मिली - Dainik Bhaskar
बीकानेर, जयपुर, अजमेर, कोटा और नागौर समेत 33 जिलों से लिए नमक के 2800 नमूनों में से 764 में आयोडीन की मात्रा कम मिली

प्रदेश में बिक रहा नमक सेहत सुधारने की बजाय बिगाड़ सकता है। हर चार में से एक नमूने में आयोडीन की मात्रा मानक से भी कम यानी 15 पार्ट पर मिलियन (पीपीएम) से कम मिल रहा है। जयपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा व नागौर समेत 33 जिलों में से लिए गए नमक के 2800 नमूनों में से 764 में आयोडीन की मात्रा कम मिली है।

चौंकाने वाली जानकारी ये है कि बीकानेर, भरतपुर, श्रीगंगानगर, चूरू, अलवर और भीलवाड़ा में हर पांच में से दो सैंपल फेल हो रहे है। जिन जिलों में नमक का उत्पादन होता है, वहां पर तो हालात और भी बुरे है। जोधपुर और नागौंर में 35 फीसदी नमूने निर्धारित मापदंडों पर खरे नहीं उतरे है। यह खुलासा कंज्यूमर्स एक्शन एंड नेटवर्क सोसायटी ‘केन्स’ की ओर से सैंपल लेकर खुद की लैब में जांच के दौरान हुआ है। केन्द्र सरकार के मानकों के अनुसार नमक में आयोडीन की मात्रा ‘15 पार्ट पर मिलियन’ होनी चाहिए।

2800 सैंपलाें में से 764 मानकाें में खरे नहीं उतरे

  • प्रदेश में नमक के लिए गए 2800 सैंपलों में से 764 मानकों पर खरे नहीं उतरे है। विभाग को आमजन की सेहत को देखते हुए नमक के ज्यादा से ज्यादा नमूने लेकर मॉनिटरिंग करनी चाहिए। - डॉ.अनंत शर्मा, अध्यक्ष, कंज्यूमर्स एक्शन एंड नेटवर्क सोसायटी

जिलों की स्थिति चौंकाने वाली

  • आयोडीन की कमी से थायराइड ग्रंथि की कार्यक्षमता बाधित होने से आकार बढ़ना।
  • थायराइड ग्रंथि की गतिविधि का कम हो जाना हाइपोथाइरॉइडिज्म का शिकार, जिससे वजन घटता-बढ़ता है।
  • गर्भावस्था के दौरान माँ और बच्चे दोनों के लिए आयोडीन की कमी खतरनाक साबित हो सकती है। कमी के कारण गर्भपात की भी संभावना रहती है। रिसर्च के अनुसार 100 में से 6 गर्भपात के मामले आयोडीन की कमी के कारण होते हैं।
  • आयोडीन युक्त नमक का सबसे कम प्रयोग करने वाले 5 राज्यों में तमिलनाडु (61.90%), आंध्र प्रदेश (63.90%), राजस्थान (65.50%), ओडिशा (65.80%) और झारखंड (68.80%)
  • गुजरात देश में नमक का सबसे बड़ा उत्पादक है। यहां 71% नमक का उत्पादन होता है। गुजरात के बाद राजस्थान (17%) तथा तमिलनाडु (11%) का स्थान आता है। शेष देश में नमक का उत्पादन मात्र 1 प्रतिशत है।
  • देश में वर्ष-1992 में मानव उपभोग के लिए आयोडीन युक्त नमक को अनिवार्य किया गया था, जिसे वर्ष 2000 में शिथिल कर दिया गया। लेकिन वर्ष 2005 में फिर से लागू किया।
  • वर्ष 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने आयोडीन की कमी के नियंत्रण के लिए उपयोग को अनिवार्य कर दिया।

(अक्टूबर 2018 से मार्च 2019 के बीच हुए सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर )

किस जिले में 15 पीपीएम से कम आयोडीन
किस जिले में 15 पीपीएम से कम आयोडीन

(केन्स, जयपुर की ओर से 1 अप्रेल 2021 से 31 मार्च 2022 तक लिए गए नमूने और जांच रिपोर्ट)