पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कॉलेज शिक्षा में तीन साल बाद पदोन्नति:137 प्रमोट प्रिंसिपल रिटायर्ड....नतीजा 280 कॉलेज बिना प्राचार्य के

बीकानेरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • डीपीसी के बाद भी 85% पद खाली, सिर्फ 32 कॉलेजों को मिले नए प्रिंसिपल, अब अगले सत्र की डीपीसी में ही पद भरने की उम्मीद

(दिलीपसिंह पंवार) कॉलेज शिक्षा विभाग में वर्ष 2017-18 की डीपीसी में चयनित प्रिंसिपल को पोस्टिंग देने के बाद भी राज्य के 280 कॉलेजों के पद खाली रह गए हैं। इसी महीने 14 अक्टूबर को कॉलेज शिक्षा में प्राचार्य और उप प्राचार्य पदों पर वर्ष 2017-18 की डीपीसी की गई। इस डीपीसी में प्रिंसिपल पदों पर 169 शिक्षकों का चयन हुआ। जिसमें से 137 चयनित प्रिंसिपल सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

ऐसे में विभाग को केवल 32 नए प्रिंसिपल ही मिले है। राजकीय कॉलेजों में अंतिम बार वर्ष 2016-17 की डीपीसी हुई थी। फरवरी 2018 में राजस्थान शिक्षा सेवा (महाविद्यालय शाखा) के नियमों में संशोधन होने से पिछले तीन साल से डीपीसी नहीं हो पाई थी। जिससे सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपल के रिक्त पदों का ग्राफ बढ़ गया। दरअसल, वर्ष 2017-18 की डीपीसी निर्धारित समय पर नहीं होने से अधिकतर चयनित प्रिंसिपल सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

ऐसे में पदोन्नत प्रिंसिपल को पोस्टिंग के बाद राज्य में केवल 47 सरकारी कॉलेजों को ही स्थाई प्रिंसिपल मिल पाए है। यानी लगभग 85 फीसदी महाविद्यालय बिना प्राचार्य के है। कॉलेज शिक्षक वर्ष 2018-19 व 2019-20 सहित 2020-21 की प्राचार्य पद की डीपीसी जल्द करवा कर पदों को भरने की मांग कर रहे हैं।

राज्य में 327 कॉलेज, सिर्फ 47 में स्थाई प्राचार्य
इस शिक्षा सत्र में खोले गए 37 नए कॉलेजों के साथ राज्य में अब सरकारी कॉलेजों की संख्या 327 हो चुकी है। वर्ष 2017 -18 की डीपीसी में 32 कॉलेजों को नए प्राचार्य मिले है। पदोन्नत प्रिंसिपल की पोस्टिंग के बाद भी केवल 47 कॉलेजों में स्थाई प्राचार्य है। अभी भी 280 कॉलेजों में प्राचार्य के पद रिक्त है।

118 वाइस प्रिंसिपल चयनित 71 सेवानिवृत्त
कॉलेज शिक्षा में वर्ष 2017-18 की डीपीसी 118 पदों पर उप प्राचार्य का चयन भी किया गया। इनमें भी 71 चयनित उप प्राचार्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं। केवल 47 उप प्राचार्य को पोस्टिंग मिली है। इन सभी को प्राचार्य के पद विरुद्ध रिक्त पदों पर पोस्टिंग दी गई है।

^लम्बे इंतजार के बाद प्राचार्य पदों पर डीपीसी होकर पदस्थापन से कालेजों के शैक्षिक वातावरण अच्छे होने की आशा है। संगठन राज्य सरकार से अपेक्षा करता है कि बकाया वर्षों की भी डीपीसी करवाकर रिक्त पदों को तत्काल भरने की कार्यवाही करें।
डॉ. दिग्विजय सिंह, प्रदेशाध्यक्ष, रुक्टा (राष्ट्रीय)

^वर्ष 2017-18 की डीपीसी हो चुकी है। वर्ष 2018-19 और 2019-20 की डीपीसी भी प्रोसेस में है, जिससे सभी पदों को भर दिया जाएगा।
भंवर सिंह भाटी, उच्च शिक्षा मंत्री

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- यह समय विवेक और चतुराई से काम लेने का है। आपके पिछले कुछ समय से रुके हुए व अटके हुए काम पूरे होंगे। संतान के करियर और शिक्षा से संबंधित किसी समस्या का भी समाधान निकलेगा। अगर कोई वाहन खरीदने क...

और पढ़ें