सिस्टम लाचार:निगम में 1450 सफाईकर्मी; 35 अफसरों के दफ्तर व घर में ड्यूटी दे रहे, 31 बाबू और 60 जमादार बने बैठे

बीकानेर10 दिन पहलेलेखक: लोकेन्द्रसिंह तोमर
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  • शहर में 800 सफाई कर्मचारियों की कमी फिर भी दूसरे कामों में लगा रखे हैं लोग, कई इतने रसूखदार कि मेयर-अफसरों की नहीं सुनते

सात लाख की आबादी वाले शहर काे 2800 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। जबकि नगर निगम में सफाई कर्मचारियों के 1661 पद ही स्वीकृत हैं। निगम के पास 1450 सफाई सफाई कर्मचारियों की टीम है। इसमें से 35 कर्मचारी माैखिक आदेश पर सरकारी अफसरों की काेठियाें पर लगा रखे हैं। 31 सफाई कर्मचारियों से निगम के दफ्तर में बाबुओं का काम कराया जा रहा है जबकि 60 काे जमादार बना दिया। यदि ये सभी कर्मचारी फील्ड में रहते ताे करीब 33 हजार की आबादी काे स्वच्छता का लाभ मिलता।

निगम के जिन अधिकारियों पर शहर काे साफ रखने की जिम्मेवारी है वही लापरवाह बने हुए हैं। नियमानुसार सरकारी अफसरों की काेठियाें पर निगम से सफाई कर्मचारी लगाने का काेई प्रावधान नहीं है। लेकिन यहां कलेक्टर, संभागीय आयुक्त, एसीबी एसपी, एडीएम सिटी, सीएडी, चुनाव शाखा सहित कई सरकारी काेठियाें पर 35 सफाई कर्मचारी लगा रखे हैं। सफाई कर्मचारियों काे जाेन के अनुसार वार्डाें में लगाने का काम निगम की स्वास्थ्य शाखा का है।

बताया जा रहा है कि अफसरों के मोखिक आदेश पर फील्ड से कुछ कर्मचारियों काे हटाकर अफसराें की काेठियाें पर लगाया गया है। इसी प्रकार 31 सफाई कर्मी निगम की विभिन्न शाखाओं में काम कर रहे हैं। जबकि आधे शहर में लाेगाें ने प्राइवेट सफाई कर्मचारी लगा रखे हैं। माेहल्ले वाले मिलकर उसे पैसा भी देते हैं।

पार्षदों का कहना है कि वार्डाें में सफाई कर्मचारियाें की कमी है। किसी वार्ड में 15 सफाई कर्मी की ड्यूटी है ताे वहां माैके पर 13 ही मिलते हैं। बहुत सारे एवजी लगे हुए हैं। यानी मूल कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आते। अपनी जगह भाड़े का कर्मचारी रखा हुआ है। महापाैर और आयुक्त से कई बार कहा चुके, लेकिन काेई समाधान नहीं है। निगम ने 60 सफाई कर्मचारियाें काे जमादार बना रखा है। इनका काम हाजिरी रजिस्टर मेनटेन करना है। शहर की आबादी काे देखते हुए करीब 800 सफाई कर्मचारी और चाहिए।

इन अफसरों की कोठियों और घरों में काम करते हैं निगम के सफाई कर्मी

2 संभागीय आयुक्त 1 कलेक्टर आवास 2 कलेक्टर कार्यालय 2 एसपी कार्यालय 2 आईजी कार्यालय 4 एडीएम सिटी 4 एसीबी कार्यालय 2 चुनाव शाखा

पहले नियम पढ़िए
पालिका एक्ट के तहत 1000 की आबादी पर चार सफाई कर्मचारी हाेने चाहिए। शहर में सबसे छाेटा वार्ड 4000 और सबसे बड़ा 12 हजार आबादी का वार्ड है। यानी वार्डों में न्यूनतम 16 से 30 सफाई कार्मिक हाेने चाहिए लेकिन अभी अधिकतम 10 से 12 सफाई कर्मी ही वार्डाें में हैं। अधिकारियों के यहां सफाई करने वालाें का अलग से प्रावधान है। नगर निगम के सफाई कर्मचारी इन अधिकारियों के यहां काम करने के लिए पाबंद नहीं है। महापाैर सुशीला कंवर ने बीती जुलाई में ही सभी अधिकारियों के यहां से सफाईकार्मिकाें काे वापस बुलाया था लेकिन निगम अधिकारियाें ने फिर उन्हें धीरे-धीरे अधिकारियों की काेठी पर भेज दिया। निगम आयुक्त पंकज शर्मा से इस संबंध में बात की ताे वे टाल गए।

रसूखदार कर्मचारी सफाई नहीं करते
निगम में रसूखदार सफाई कर्मचारियाें काे लगाया जाता है। एक दर्जन से ज्यादा सफाईकर्मियाें ने ताे कभी झाडू तक पकड़कर नहीं देखी हाेगी। वजह, किसी पर विधायक मेहरबान हैं ताे किसी पर अफसर। कुछ काे सफाईकर्मी नेताओं का वरदहस्त है। सड़क पर पसरे कचरे की दुर्गंध से भले ही जनता का दम निकले, लेकिन निगम के अफसराें ने इन कर्मचारियाें काे कभी बाहर नहीं निकलने दिया।

60 सफाई कार्मिकाें काे जमादार का काम दे दिया : जरूरत से आधे सफाईकर्मी हाेने के बाद भी नगर निगम ने ही 60 सफाईकर्मियाें के हाथ से झाडू छीनकर उन्हें जमादार का काम दे दिया। वैसे अब शहर में 80 जमादाराें के पद हाेने चाहिए लेकिन पहले से 60 पद ही सृजित हैं। उसमें से सिर्फ 12 ही भरे हैं।

महापाैर सुशीला कंवर बोलीं-मुझसे बिना पूछे कर्मियों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया

Q शहर में जनसंख्या के अनुरूप सफाई कर्मचारियों की कमी है। फिर भी अधिकारियों की काेठियाें पर लगा रखे हैं। ऐसा क्याें?
A सरकारी काेठियाें पर कर्मचारी लगाने का काेई नियम नहीं है। डीएलबी पांच बार नगर निगम आयुक्त काे पत्र लिख चुका है कि सफाई कर्मचारियाें से उनका मूल काम ही लिया जाए। हमने जुलाई में सभी सफाईकर्मियाें काे फील्ड में लगाया था, लेकिन हमसे बिना पूछे सफाई कर्मी दूसरी जगह लगा दिए।

Q अगर गलत है ताे आपने क्या किया।
A हमने डीएलबी के आदेश काे आधार बना कर दाे बार यूओ नाेट निगम अधिकारियाें काे दिया। कागजाें में आर्डर नहीं किया ताे पता नहीं लगता। अब एक-एक सफाईकर्मी का हिसाब ताे नहीं रखेंगे लेकिन जाे भी सफाईकर्मी अपना मूल काम नहीं कर रहे या जाे अधिकारी उनकाे शह दे रहे हैं वे जनता का हक मार रहे हैं।

Q फिर आगे आप क्या करेंगे।
A अब मैने तय कर लिया कि जिस अधिकारियाें के यहां जाे सफाई कार्मिक काम कर रहा है उसका वेतन राेकेंगे। सफाई कर्मी अब उन्हीं लाेगाें से पैसा ले जिनके यहां काम कर रहे हैं। निगम से हम उनका वेतन इसी माह से राेकने जा रहे हैं। मैने कई बार सफाईकार्मिकाें काे माैका दिया कि वे मूल काम पर लाैटें पर अब कठाेर कदम उठाने हाेंगे।

Q निगम कार्यालय में ही सफाईकर्मियाें ने कभी झाडू नहीं पकड़ी, पूरी नाैकरी यहां बिता दी।
A ऐसे कर्मचारियाें की लिस्ट तैयार की है। नेताओं से लेकर प्रशासनिक अधिकारियाें की सिफारिश आती है।

Q वार्डाें मेंं मूल कार्मिक की जगह एवजी रखे हुए हैं और निगम का कर्मचारी दूसरी जगह काम कर रहा है, क्या आपकाे जानकारी है?
जवाब- हमें सब खबर है। एक एक गाेपनीय सर्वे करा रहे हैं। ऐसे सफाईकर्मियाें का पता लगा रहे हैं जिनकाे नाैकरी सफाईकर्मी की मिली लेकिन वे कुछ पैसा देकर दूसरे से सफाई करा रहे हैं।

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