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इकोनाॅमिक कॉरिडोर:बीकानेर से निकलेगा 200 किमी सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे, कांडला व जामनगर से सीधा जुड़ेगा

बीकानेर4 महीने पहले
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  • अमृतसर-जामनगर परियोजना में 1269 किमी एक्सप्रेस-वे का काम शुरू, अगस्त 2022 तक पूरा होगा
  • दो जगह कट होगा नोखा और जयपुर रोड पर
  • अमृतसर और जामनगर से सीधा जुड़ेगा बीकानेर

1269 किलोमीटर लंबे इकॉनोमिक कॉरिडोर सिक्स लेन एक्सप्रेस वे से बीकानेर को भी जोड़ा गया है। सामरिक दृष्टि से महत्पूर्ण इस मार्ग पर जरूरत पड़ने पर लड़ाकू विमान भी उतारे जा सकेंगे। अमृतसर-जामनगर परियोजना में 1269 किलोमीटर सिक्स लेन एक्सप्रेस वे का काम शुरू हो चुका है। राजस्थान में 635 किलोमीटर एरिया इससे जुड़ेगा।

बीकानेर का भाग 200 किलोमीटर है। अर्थ वर्क शुरू हो चुका है। जयपुर रोड और नोखा में दो कट होंगे, जहां से भारी वाहनों की एंट्री हो सकेगी। अगस्त 2022 तक इसे पूरा करना है। एक्सप्रेस-वे के लिए लूणकरणसर के 26, बीकानेर के 14 और नोखा के 6 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया गया है। कुछ गांवों में विवाद होने से एनएचएआई को अभी उन जमीनों पर कब्जा नहीं मिला है।

33 किमी पर विवाद: ज्यादा मुआवजा मांग रहे किसान
एक्सप्रेस वे के लिए राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण तो कर लिया, लेकिन लूणकरणसर में 15 और बीकानेर में 18 किलाेमीटर जमीन का कब्जा एनएचएआई काे अभी तक नहीं मिला है। किसान मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। एनएचएआई हनुमानगढ़ ने किसानों काे इसके लिए आर्बीट्रेटर में जाने की सलाह दी है।

गुड्स ट्रांसपोर्ट आसान हो जाएगा
एक्सप्रेस-वे से जुड़कर बीकानेर के औद्योगिक विकास को पंख लग जाएंगे। गजनेर में नया औद्याेगिक क्षेत्र विकसित हो रहा है। बीकानेर सीधे कांडला और जामनगर से जुड़ जाएगा। गुड्स ट्रांसपोर्ट सुगम होगा।
शहर में बंद हो जाएगी भारी वाहनों की एंट्री
एक्सप्रेस वे बनने से गुजरात से पंजाब जाने वाले भारी वाहनों को शहर से होकर राजमार्गों पर नहीं जाना होगा। एक्सप्रेस-वे से सीधे निकल सकेंगे। समय भी बचेगा।
लूणकरणसर, नोखा व बीकानेर से गुजरेगा
बीकानेर में 200 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे बनेगा। अर्जुनसर से लेकर नोखा तक तीन क्षेत्रों लूणकरणसर, बीकानेर और नोखा के कुल 46 गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है। बीकानेर संभाग में हनुमानगढ़ को मिलाकर एक्सप्रेस वे की लंबाई 225 किमी है।

एनएच पर लोड-हादसे घटेंगे
एक्सप्रेस-वे विदेशों की तर्ज पर बनाया जा रहा है। इस पर वाहनों की अलग-अलग लेन होगी। हादसों की गुंजाइश कम रहेगी। शहर के सटे नेशनल हाइवे पर भारी वाहन नहीं आएंगे तो वहां भी सड़क हादसों में कमी आएगी।

वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी मिलेगी इस राह में
एक्सप्रेस-वे विदेशों की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। इस पर स्पीड लिमिट 100 किमी प्रतिघंटे की रहेगी। पहला ऐसा कॉरिडोर होगा, जिसके दोनों तरफ पांच-पांच फीट ऊंची दीवार होगी। कोई मवेशी प्रवेश नहीं कर सकेगा। वाहन को आराम देने के लिए रेस्ट लाइन भी बनेगी। 12 काॅमर्शियल काॅम्पलेक्स बनाए जाएंगे, जिसमें नाश्ता-खाने की सुविधा रहेगी।

^इकोनाॅमिक काॅरिडाेर से बीकानेर का औद्याेगिक विकास हाेगा। इसका काम शुरू हो चुका है। जमीन काे लेकर काेई बड़ा विवाद नहीं है, इसे जल्द सुलझा लेंगे।
एएच गाैरी, एडीएम, प्रशासन

ये खूबियां होंगी
100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकेंगे वाहन। नेशनल हाइवे पर स्पीड लिमिट 80 किमी है।
50 किमी रेस्ट एरिया, जहां वाहन चालक आराम कर सकेंगे।
10 मीटर चौड़ी होगी सड़क, नेशनल हाइवे की चौड़ाई 7 मीटर होती है।
1 किमी पर अंडरपास
50 सेमी से ज्यादा रोड स्ट्रेंथ
46 गांव के एक हजार से अधिक किसानों की भूमि अवाप्त
80 स्माॅल व्हीकल अंडरपास
34 लाइट व्हीकल अंडरपास
5 इंटरचेंज
225 बाॅक्स कलवर्ट
12 रिसाइड एमेनेटीज

मजबूती ऐसी..फाइटल प्लेन भी उतार सकेंगे
एक्सप्रेस-वे की सड़क इतनी मजबूत होगी कि उस पर फाइटर प्लेन भी उतारे जा सकेंगे। आर्मी मूवमेंट के लिए यह एक्सप्रेस वे वरदान साबित हो सकेगा। बीकानेर के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां सैनिक छावनी और वायुसेना का हवाई अड्‌डा है।

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