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पीबीएम में इलाज वेंटिलेटर पर:300 रेजिडेंट हड़ताल पर + 250 इंटर्न भी तैयारी में; आईसीयू और सोनोग्राफी सेंटर मर्ज, 10% गंभीर मरीजों के ही ऑपरेशन

बीकानेरएक महीने पहले
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सोनोग्राफी के लिए गंभीर रोगी भी 3-4 घंटे वेटिंग में - Dainik Bhaskar
सोनोग्राफी के लिए गंभीर रोगी भी 3-4 घंटे वेटिंग में

हॉस्पिटल के ई वार्ड में भर्ती रिश्तेदार की भंवराराम की डॉक्टर ने सोनोग्राफी करवाने के लिए लिखा था। लेकिन यहां पहुंचा तो पता लगा आज सोनोग्राफी नहीं होगी। मरीज की स्थिति खराब है, लेकिन रेजिडेंट्स डॉक्टरों की हड़ताल का हवाला देकर अधिकतर मरीजों को बैरंग लौटाया जा रहा है। 22 नंबर कक्ष में अपने रिश्तेदार की सोनोग्राफी करवाने पहुंचा पूनमचंद उदाहरण मात्र है।

पीबीएम में पिछले आठ दिन से चल रही रेजिडेंट्स डॉक्टरों की हड़ताल के चलते अब तक करीब 1500 मरीजों को बगैर सोनोग्राफी किए लौटाया जा चुका है। ट्रोमा, गाइनी तथा यूरोलॉजी हॉस्पिटल की चार सोनोग्राफी मशीनों में तीन मशीनें बंद हैं, क्योंकि यहां रेजिडेंट्स डॉक्टरों ने ही जिम्मेदारी संभाल रखी थी।

सबसे अधिक परेशानी गाइनी, कैंसर, यूरोलॉजी, ट्रोमा और आईसीयू के मरीजों को उठानी पड़ रही है, यहां भर्ती मरीजों को सोनोग्राफी के लिए 22 नंबर कक्ष में आना पड़ रहा है। पीबीएम की जनाना हॉस्पिटल में सोनोग्राफी मशीन के बंद होने से गर्भवती महिलाओं को भी मर्दाना हॉस्पिटल के 22 नंबर कक्ष में सोनोग्राफी के लिए पहुंचना पड़ रहा है।

यहां हड़ताल से पहले रोजाना 125 से अधिक मरीजों की सोनोग्राफी की जाती थी, लेकिन अब एक सीनियर डॉक्टर के चलते 15-20 सोनोग्राफी मशीनें ही हो रही है। सोनोग्राफी मशीनों के बंद होने से जिन महिला मरीजों को आगामी डेट दी थी, उन्हें भी वापस लौटाया जा रहा है।

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1. इलाज के लिए 5 घंटे भटकी गर्भवती
सुबह नौ बजे हॉस्पिटल में गर्भवती को लाए थे, लेकिन कभी सोनोग्राफी कक्ष तो कभी लेबर रूम के चक्कर काटते-काटते दो घंटे हो गए। गर्भवती महिला बिदामीदेवी के रिश्तेदार लक्ष्मण राम ने बताया कि पांच घंटे बाद भी गर्भवती महिला को कोई राहत नहीं मिली है। सीनियर डॉक्टरों से बात की तो उन्होंने हड़ताल का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए। लक्ष्मण राम के अनुसार मरीज की आर्थिक स्थिति कमजोर है, प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाना पड़ा तो कर्ज तले दब जाएंगे।

2. अटेंडेंट बोले-धर्म निभाएं डॉक्टर
देशनोक के दिनेश कुमार को यूरोलॉजी डिपार्टमेंट से सोनोग्राफी करवाने के लिए जनाना हॉस्पिटल आना पड़ा। लेकिन यहां लगी मरीजों की लंबी कतार के कारण उनकी करीब डेढ़ घंटे बाद सोनोग्राफी हो सकी। मरीज दिनेश कुमार ने कहा कि डॉक्टरों को अपना धर्म निभाना चाहिए। कोरोना और डेंगू वायरस के मरीजों की संख्या दिनों-दिन बढ़ रही है। ऐसे में अगर डॉक्टर हड़ताल लंबी खिंचती है तो संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

ऑपरेशन: 700 रोगी हड़ताल खत्म होने के इंतजार में
हड़ताल का असर अब पीबीएम में रोजाना होने वाले ऑपरेशन पर भी पडऩे लगा है। यहां के ट्रोमा, हार्ट, गाइनी, बच्चा, सर्जरी, ईएनटी और यूरोलॉजी वार्डों में हड़ताल से पहले रोजाना सौ से अधिक ऑपरेशन होते थे, लेकिन अब ऑपरेशन का ग्राफ घटकर दस फीसदी रह गया है।

मंगलवार से स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। यहां सौ से अधिक रेजिडेंट्स डॉक्टर थे, जिन्होंने पूर्णतया कार्य बहिष्कार कर दिया है। अब हॉस्पिटल में सीनियर रेजिडेंट्स, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर तथा इंटर्न डॉक्टरों ने मरीजों की देख-रेख की जिम्मेदारी उठा रखी है, लेकिन तीन सौ रेजिडेंट्स डॉक्टरों की हड़ताल के चलते चिकित्सा व्यवस्था अब बेपटरी होने लगी है।

आईसीयू वार्ड खाली करवाया
हॉस्पिटल के डी वार्ड स्थिति मेडिसिन आईसीयू वार्ड को इसलिए खाली कर दिया गया क्योंकि यहां भर्ती मरीजों की अच्छी तरह से देखभाल नहीं हो रही थी। डी वार्ड में भर्ती मरीजों को दूसरे आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। मेडिसिन, पोस्ट कोविड और डीआईसीयू आईसीयू के भी बुरे हाल हैं। यहां भर्ती 45 मरीजों को सीनियर डॉक्टर और एसोसिएट प्रोफेसर देख रहे हैं।

आज से इंटर्न भी जा सकते हैं हड़ताल पर
रेजिडेंट्स डॉक्टरों के बाद अब मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप करने वाले 250 डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की चर्चाएं शुरू हो चुकी है। अगर ऐसा होता है तो अकेले पीबीएम में हड़ताल करने वाले डॉक्टरों की संख्या 550 हो जाएंगी। इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार रेजिडेंट्स डॉक्टरों की हड़ताल के कारण उनका वर्कलोड बहुत ज्यादा बढ़ गया है, वे अधिकतर मरीजों की अच्छे से देखभाल भी नहीं कर पा रहे हैं।

सीनियर डाॅक्टर बोले-गंभीर मरीज पहली प्राथमिकता
सीनियर सर्जन डॉ. भूपेन्द्र शर्मा के अनुसार रेजिडेंट्स की हड़ताल के चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है, सामान्य ऑपरेशन को छोड़कर जटिल ऑपरेशन किए जा रहे हैं। उधर रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. रिद्धिमा गुप्ता ने बताया कि यह सही है कि तीन हॉस्पिटल के काम एक सोनोग्राफी मशीन से किए जा रहे हैं, लेकिन अत्यंत आवश्यक सोनोग्राफी सीनियर डॉक्टरों द्वारा की जा रही है।

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