पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सीवरेज सिस्टम चोक:डेमेज हुई 33 साल पुरानी 78 किमी सीवर लाइन, 60 करोड़ से दूर हो सकती है डेढ़ लाख घरों की परेशानी

बीकानेर3 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
सड़क पर बहते नर्क से परेशान दुकानदारों ने रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया। - Dainik Bhaskar
सड़क पर बहते नर्क से परेशान दुकानदारों ने रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया।
  • कोटगेट पर 3 दिन से बह रहा गंदा पानी, व्यापारियों ने लगाया जाम
  • लेकिन दो साल से प्रस्ताव अटकाए है सरकार, अमृत योजना में भी मंजूरी नहीं मिली इस प्रोजेक्ट को

33 साल पुरानी सीवर लाइन एक बार फिर कोटगेट के पास डैमेज हो गई है। नगर निगम की टीम तीन दिन मशक्कत के बाद भी उसे सुधार नहीं सकी। सड़क पर बहते नर्क से परेशान दुकानदारों ने रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया।

कोटगेट रेलवे क्रॉसिंग के पास सीवर चैंबर से पानी ओवरफ्लो होकर तीन दिन से पटरियों पर फैल रहा है। लेकिन निगम की टीम रुकावट को दूर नहीं कर पा रही। कोटगेट से लेकर केईएम रोड तक करीब ढाई सौ दुकानदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। दुकानदारों का दर्द है कि गंदा पानी दुकान के आगे जमा होता है। इसकी दुर्गंध के कारण सांस लेना दूभर हो गया है। ग्राहक तक दुकान पर नहीं आ रहे हैं। तीन दिन से व्यापार ठप पड़ा है। लॉकडाउन के कारण लंबे समय बाद बाजार खुला है, लेकिन अब सीवरेज का पानी बड़ी समस्या बना हुआ है।

कोटगेट पर जाम की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। व्यापारियों को समझाकर जाम खुलवाया। निगम उपायुक्त पंकज शर्मा और सीवर प्रभारी ज्ञान प्रकाश बारासा ने विचार विमर्श के बाद रेलवे क्रॉसिंग के पास चैंबर से ओवरफ्लो हो रहे पानी का बहाव एक बारगी नाले में देने का फैसला किया।

उपायुक्त ने बताया कि यह टेम्परेरी इलाज है। बाजार में दिनभर भीड़ रहती है। इसलिए रात के समय पानी को बंधा लगाकर रोका जाएगा। उसके बाद चैंबर साफ कराए जाएंगे। व्यापारी चंद्रभान रोचवानी, सोनूराज आसूदानी का कहना है कि नगर निगम को इस समस्या का स्थायी हल निकालना चाहिए। यह पूरा पानी फड़ बाजार में जाकर इकट्‌ठा होता है। इसका असर व्यापार पर पड़ रहा है।

इंफाॅर्मेशन टू इनसाइट

शहर के 40 पॉइंट पर रोज उफनते हैं चैंबर

पीएचईडी ने 1972 से लेकर 1988 तक अलग-अलग चरण में बड़ा बाजार से लेकर अंबेडकर सर्किल तक 78 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन डाली थी। डेढ़ लाख से अधिक घरों का पानी इसके माध्यम से शहर के बाहर जाता है। इस लाइन को काफी सारी गलियों से निकाला गया। अब कचरे से बार-बार चोक हो जाती है। सीवर लाइन कई जगह से डेमेज हो चुकी है। इसकी वजह से 40 पॉइंट पर रोजाना चैंबर चोक हो रहे हैं।

इन चैंबरों को लेकर हर दिन शिकायतें आती हैं। लेकिन सभी चैंबर एक दिन में साफ नहीं हो पाते। इस पूरी लाइन को बदलने के लिए निगम ने 2019 में करीब 60 करोड़ के प्रस्ताव तैयार किए थे, लेकिन सरकार से बजट नहीं मिला। इससे पूर्व अमृत योजना में इसे शामिल करने के प्रस्ताव भेजे गए। उसे भी मंजूरी नहीं मिल सकी।

सीवरेज में दे दिए नालों के कनेक्शन, इसलिए चोक हो रहे चैंबर

सीवरेज लाइन में कई जगहों पर नालों के कनेक्शन दे रखे हैं। नालों में डाला जाने वाली कचरा बहकर सीवर लाइन में चला जाता है। इससे आए दिन सीवरेज चोक हो रही है। सीवर प्रभारी ज्ञान प्रकाश ने बताया कि लोग प्लास्टिक और कांच की खाली बोतलें, बोरी के टुकड़े तक डाल देते हैं, जो आगे जाकर रुकावट पैदा करते हैं। सफाई के दौरान हर बार खाली बोतलें चैंबर से निकालनी पड़ती हैं। जनता को यह समझना चाहिए कि सीवर लाइन उनके घर के वेस्ट पानी की निकासी के लिए है।

भुट्‌टों के चौराहे पर भी सीवर चोक, घरों में जा रहा पानी

भुट्टों के चौराहे पर भी सीवर लाइन पंद्रह दिन से चोक है। पाइप लाइन छोटी होने के कारण निगम ने चैंबर के पानी को नाले में डायवर्ट किया है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। सीवर लाइन चोक होने से अमरसिंह पुरा मोहल्ले में लोगों के घरों में गंदा पानी जा रहा है।

शहर में सीवरेज का नया नेटवर्क बनाना होगा। इसके लिए नए सिरे से एस्टीमेट बनाने के निर्देश निर्माण शाखा को दिए हैं। पुराना नेटवर्क कई जगह से डेमेज हो चुका है। शहर में ऐसे करीब 40 पॉइंट हैं, जहां रोजाना सफाई करानी पड़ती है। प्रेमजी पॉइंट से पब्लिक पार्क तक नई लाइन डालने का काम दो-तीन महीने में शुरू हो जाएगा।
एएच गौरी, आयुक्त

भास्कर इम्पैक्ट : प्रेमजी पॉइंट से पब्लिक पार्क तक डाली जाएगी नई सीवरेज लाइन

प्रेमजी पॉइंट पर आए दिन सीवर लाइन जाम होने की समस्या को देखते हुए पब्लिक पार्क तक नई सीवर लाइन डाली जाएगी। इस पर करीब 92 लाख रुपए की लागत आंकी गई है। डेढ़ किमी लंबी यह पाइप लाइन 600 एमएम की होगी। इसे सीधे पब्लिक पार्क स्थित निगम के पंप हाउस से मिलाया जाएगा। इससे शहर से आने वाली पानी बिना किसी रुकावट के पंप हाउस तक जा सकेगा। सीवर लाइन चोक होने का झंझट नहीं रहेगा। पुरानी सीवर लाइन प्रेमजी पॉइंट से मॉडर्न मार्केट होते हुए आंबेडकर सर्किल तक है।

इस मार्ग में मोड ज्यादा होने के कारण कचरा फंस जाता है। इससे आए दिन सीवर लाइन चोक होती है। पिछले दिनों वकीलों की गली में सीवर लाइन चोक होने से 50 घरों में गंदा पानी आने लगा था। सफाई कराने के लिए पार्षदों को निगम में धरना देना पड़ा। भास्कर ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उसके बाद निगम ने नई सीवरेज लाइन डालने का फैसला किया।

खबरें और भी हैं...