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सरोकार पर राजनीति:4 विधायक बोले-यूनिवर्सिटी सबकी, फिर पैसा उच्चशिक्षा मंत्री के क्षेत्र में ही क्यों

बीकानेर2 महीने पहले
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महाराजा गंगासिंह विवि में एक महीने पहले हुए नैक निरीक्षण में सामाजिक सरोकार के मामले में विवि को कमजोर माना। इधर, काेराेना की दूसरी लहर आई तो विवि ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए कोलायत विधानसभा क्षेत्र के दो चिकित्सालयों के लिए स्वयं के स्राेत से 20 लाख रुपए देने का ऐलान किया लेकिन इससे जिले के दूसरे विधायकाें में विवि के प्रति गुस्सा बढ़ गया।

विधायकाें ने कहा, उच्च शिक्षा मंत्री काेलायत से विधायक हैं। विवि मंत्री के अधीन हैं इसलिए विवि ने वहां पैसा दिया जबकि विवि काे पूरे जिले की है। और भाी विधानसभा क्षेत्राें में विवि काे मदद करनी चाहिए थे। मंत्री की विधानसभा में पैसा देकर विवि राजनीति करने लगा है।

खाजूवाला विधायक गाेविंद मेघवाल ने कहा कि मैं इस मामले में कुलपति काे पत्र लिखूंगा कि क्या विवि सिर्फ कोलायत में ही सरोकार दिखाएगा। इस संकट की घड़ी में जिले में और भी जगह वही तकलीफें हैं जो कोलायत में हैं। कोलायत से तो मंत्री हैं वहां प्रशासन भी पूरी मदद में जुटा है।

लूणकरणसर विधायक सुमित गोदारा ने विवि के इस कदम की तारीफ की कि विवि ऐसे संकट में आगे आया लेकिन सरोकार अपने विभाग के मंत्री की विधानसभा में दिखाने पर वे भडक गए और बोले, विवि राजनीति पर उतर आया है। सबकाे बराकर मदद देनी चाहिए थी। विवि का जितना हक काेलायत का है उतना ही लूणकरणसर, खाजूवाला, श्रीडूंगरगढ़,नाेखा और बीकानेर शहर की दाेनाें विधानसभाओं का है। गाेदारा बाेले, इस मामले काे राज्यपाल तक ले जाऊंगा।

टोटल रिकॉल: पीबीएम को 1 करोड़ देने पर नाराज हुए थे मंत्री भाटी

महाराजा गंगासिंह विवि ने कुछ समय पहले ही पीबीएम अस्पताल काे भी एक कराेड़ रुपए दिए थे, जिसमें विवि के कार्यवाहक वित्त नियंत्रक संजय धवन की भूमिका थी क्योंकि धवन पीबीएम में भी वित्तीय कामकाज देख रहे हैं। जैसे ही विवि ने राज्यपाल से अनुमति लेकर एक करोड़ रुपए दिए तो खबर उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी को लगी। उन्होंने इस बात पर ऐतराज किया कि मुझसे बिना पूछे कैसे पैसे दिए।

बाद में पैसे देने मामले में मंत्री को भी तवज्जो दी गई थी। प्रदेश के बाकी विवि भले ही आर्थिक तंगी से गुजर रहे हाें लेकिन चार जिलाें के छात्राें की फीस की दम पर महाराजा गंगासिंह विवि का खजाना भरा हुआ है। करीब 250 कराेड़ रुपए की विवि की बैलेंस शीट है। जबकि बीते सालाें में विवि ने सवा साै कराेड़ खर्च भी कर दिए हैं।

एमजीएसयू के कुलपति प्राे.वीके सिंह से बातचीत

Q- एमजीएस विवि ने काेलायत विधानसभा में 20 लाख रुपए की मदद की, इससे दूसरे विधायक नाराज हाे गए।
A- मैं राजनीति नहीं करता। मैने देशनाेक, काेलायत में 20 लाख रुपए की मदद की है। इस वक्त महामारी है। हमें नहीं पता कि देशनाेक किसकी विधानसभा का क्षेत्र है। हमने पीबीएम काे एक कराेड़ रुपए दिए हैं। राज्यपाल से अनुमति लेकर हमने वाे सब किया जाे कर सकता हूं।

Q- पर बाकी विधायक ताे नाराज हैं क्याेंंकि जिन तीनाें जगह आपने पैसा दिया वाे उच्च शिक्षा मंत्री का विधानसभा क्षेत्र है।
A- अगर बाकी विधायक मुझे पत्र लिखते हैं ताे हमने जाे पीबीएम काे कराेड़ रुपए दिए हैं उसमें बाकी विधानसभा में भी चिकित्सा सुविधा बहाल करने के लिए मैं पीबीएम प्रशासन काे पत्र लिखूंगा। मदद में राजनीति मैं नहीं करता और ना किसी और काे करना चाहिए।

Q- तीन विधायक आपकाे पत्र भेजने वाले हैं।
A- हां, मुझे इंतजार है उनके पत्राें का। अगर पत्र आते हैं ताे मैं बिलकुल मदद के लिए तैयार हूं।

विधायक बोले- कुलपति अपने विभाग के मंत्री के विधानसभा में रुपए देंगे तो सवाल उठेगा ही, मदद के लिए हम भी पत्र लिखेंगे

ऐसे संकट में आर्थिक मदद करना बहुत अच्छी पहल है लेकिन ये पहल अपने ही विभाग के मंत्री की विधानसभा में करना सही नहीं है। विवि सारी विधानसभाओं को थोड़ी-थाेडी मदद करता ताे अच्छा हाेता। इससे ऐसे लग रहा है जैसे सरकारी मदद से विवि अपने मंत्री काे राजी करना चाहता है। -सुमित गाेदारा, विधायक लूणकरणसर

विवि ने काेलायत विधानसभा में 20 लाख रुपए देकर सामाजिक सराेकार दिखाया है। अच्छी बात है पर खाजूवाला विधानसभा में इस वक्त सबसे ज्यादा हालत खराब है। विवि काे सबकाे बराबर राशि देनी चाहिए। अपने विभाग के मंत्री की विधानसभा में पैसा देंगे ताे सवाल उठेगा। मैं कुलपति काे पत्र लिखूंगा।-गाेविंद मेघवाल, विधायक खाजूवाला

भले काेई मंत्री हो या विधायक। विवि को ये सोचना चाहिए वो क्या कर रहा है। आज कोलायत विधायक उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री हैं लेकिन यूनिवर्सिटी पर तो सबका बराबर का हक है। मदद करना सराहनीय है लेकिन एक विधानसभा में मदद करना इसमें राजनीति है। -गिरधारी महिया, विधायक श्रीडूंगरगढ़

ग्रामीण क्षेत्र के नोखा और खाजूवाला में सबसे ज्यादा संक्रमण है। विश्वविद्यालय को ऐसे इलाके चिह्नित करने चाहिए थे जहां ज्यादा जरूरत है। विवि ने कहा पैसे दिए वो इश्यू नहीं है तो अब नाेखा काे भी पैसा मिलना चाहिए। इसके लिए मैं विवि प्रशासन काे पत्र लिख रहा हूं। मेरे एरिये को भी मदद करे यूनिवर्सिटी।-बिहारी लाल बिश्नाेई, विधायक नाेखा

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