डेंगू का डर:508 का आउटडोर, 140 बेड के बच्चा हॉस्पिटल में 295 भर्ती

बीकानेरएक महीने पहले
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एमसीएच के बच्चा वार्ड में भर्ती मरीज। - Dainik Bhaskar
एमसीएच के बच्चा वार्ड में भर्ती मरीज।

पीबीएम हॉस्पिटल में डेंगू मरीजों के भर्ती होने का सिलसिला जारी है। पीबीएम के बच्चा हॉस्पिटल में गुरुवार रात 12 बजे तक 295 बच्चे भर्ती थे, जबकि यहां के 5 वार्डों में कुल बेड की संख्या 140 ही है। यानी यहां एक बेड पर दो-दो बच्चों का उपचार किया जा रहा है। शुक्रवार को बच्चा हॉस्पिटल का आउटडोर 508 मरीजों का रहा, इसमें अधिकतर वायरल बुखार से पीड़ित बच्चे थे। इसी प्रकार मेडिकल ओपीडी में 900 सौ से अधिक मरीजों ने डॉक्टरों को दिखाया।

वहीं जिला हॉस्पिटल में करीब 600 सौ और सैटेलाइट गंगाशहर में 500 सौ से अधिक मरीजों का ओपीडी रहा। यहां दिखाने वाले भी अधिकतर मरीज डेंगू और वायरल बुखार से पीडि़त थे। शुक्रवार को पीबीएम के ई वार्ड में एडमिशन डे के दिन सौ से अधिक मरीज भर्ती हुए। वहीं एच वार्ड से करीब 60 मरीजों को एमसीएच में रेफर किया गया।

बीछवाल में श्रमिक की मौत, डेंगू की आशंका: बीछवाल औद्योगिक क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से बुखार पीडि़त एक श्रमिक की गुरुवार को मौत हो गई। हालांकि इसकी मौत के कारणों का फिलहाल पता नहीं लगा है, लेकिन ऐसी आशंका जताई जा रही है कि उसे डेंगू फीवर था। कुछ दिन से बीछवाल में स्थानीय डॉक्टर से इलाज करवाने के बावजूद जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उसके परिजन गुरुवार को पीबीएम हॉस्पिटल लेकर गए थे, लेकिन उसकी वहां मौत हो गई।

बीछवाल उद्योग संघ के पूर्व अध्यक्ष बेगराज नागपाल ने बताया कि क्षेत्र में गंदगी के कारण डेंगू मच्छरों की भरमार है, लेकिन रीको प्रशासन इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा है। यहां की अधिकतर औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिक वायरल बुखार और डेंगू फीवर से पीडि़त हैं।

600 सौ मरीजों की जांच, पॉजिटिव एक भी नहीं
हैरानी की बात है कि जिले में डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या के बावजूद शुक्रवार को डेंगू की रिपोर्ट निल आई है। जबकि जिला हॉस्पिटल और पीबीएम हॉस्पिटल में गुरुवार के दिन डेंगू की 600 सौ से अधिक जांचें हुई थी। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. लोकेश गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज से मिली रिपोर्ट में जांच और रिपोर्ट निल मिली है। गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को शहर के विभिन्न स्थानों पर फॉगिंग करवाई गई थी। वहीं सीएमएचओ टीम ने घर-घर जाकर एंटी लार्वा गतिविधियां करवाई।

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