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  • 550 Quintals Of Sugar Worth Rs 22 Lakh Given To Antyodaya Families Is Getting Spoiled In KVSS Godowns For Five Years, Now The Decision Will Be Taken After Testing

आंखें मूंदे बैठे रहे अफसर:अंत्योदय परिवारों को देने वाली 22 लाख रुपए की 550 क्विंटल चीनी पांच साल से केवीएसएस के गोदामों में हो रही खराब, अब टेस्टिंग के बाद होगा निर्णय

बीकानेर20 दिन पहले
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  • नतीजा गरीबों के घर पहुंचने से पहले ही खराब हो गई 550 क्विंटल चीनी
  • रसद विभाग की अनदेखी, पांच साल बाद अफसरों की आंखें खुली तो याद आई चीनी, सीएमएचओ को पत्र भेजा

रसद विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के कारण बीकानेर जिले के अंत्योदय परिवारों को बांटी जाने वाली सैकड़ों क्विंटल चीनी बांटने से पहले ही खराब हो गई। चीनी की मात्रा करीब साढ़े पांच सौ क्विंटल है, जिसका बाजार खुदरा मूल्य करीब 20 से 22 लाख रुपए बताया जा रहा है। असल में वर्ष 2016-17 में विभाग को जिले के अंत्योदय परिवारों को चीनी बांटने के लिए दी गई।

इसके बाद चीनी जिले के क्रय-विक्रय सहकारी समितियों तक तो पहुंची लेकिन वहां से अधिकतर उचित मूल्य दुकानदारों ने चीनी का उठाव ही नहीं किया। जिन्होंने उठाव किया, उन्होंने चीनी को बांटने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। ऐसे में जिनको चीनी रियायती दरों में मिलनी थी, वह उन्हें नहीं मिल पाई। मजबूरन गरीबों को करीब 40 रुपए प्रति किलो बाजार मूल्य के हिसाब से खरीदनी पड़ी।

राशन डीलर को चीनी पर बहुत कम मिलता है मार्जिन, एक डिपो पर अंत्योदय कार्ड की संख्या कम होने से नहीं दिखाते रुझान

  • चीनी का बाजार खुदरा मूल्य 38 से 40 रुपए प्रति किलो
  • उचित मूल्य दुकानों पर चीनी विक्रय 24.50 रुपए प्रति किलो
  • उचित मूल्य दुकानदारों को चीनी वितरण पर मिलता है नाममात्र का कमीशन
  • रसद अधिकारियों ने नहीं की प्रोपर मॉनिटरिंग
  • रियायती दर पर मिलने वाली चीनी की गुणवत्ता अच्छी नहीं होना भी उठाव नहीं होने का कारण
  • अंत्योदय परिवारों की संख्या कम होने के कारण उचित मूल्य दुकानदार नहीं करते चीनी का उठाव

सबसे ज्यादा बीकानेर में और सबसे कम नोखा में पड़ी है चीनी

नोखा - 2.07 क्विंटल लूणकरनसर - 134.70 क्विंटल श्रीडूंगरगढ़ - 151.44 क्विंटल श्रीकोलायत - 34.46 क्विंटल बीकानेर - 185. 96 क्विंटल खाजूवाला - 24.32 क्विंटल छतरगढ़ - 13.43 क्विंटल पूगल - 5.19 क्विंटल

चीनी की लैब टेस्टिंग के लिए सीएमएचओ को लिखा पत्र

वर्षों पुरानी चीनी के खराब होने की आशंका को देखते हुए अब रसद विभाग के अधिकारियों ने सीएमएचओ को पत्र लिखकर चीनी की लैब टेस्टिंग करवाने के लिए लिखा है। हालांकि अभी तक चीनी की लैब टेस्टिंग नहीं हुई है। चीनी के खराब होने से पहले अगर इसका समुचित वितरण होता तो इसका लाभ जिले के करीब 12 हजार अंत्योदय परिवारों को होता। रसद विभाग के अधिकृत उचित मूल्य दुकानों पर रियायती दरों में चीनी का वितरण होता है। हैरानी की बात यह रही कि चीनी आवंटन के चार-पांच साल बाद भी सैकड़ों क्विंटल चीनी अधिकारियों और उचित मूल्य दुकानदारों के कारण वितरित नहीं हो पाई, इसके बावजूद किसी भी अधिकारी या उचित मूल्य दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई तक नहीं हुई।

एक साल से नहीं मिल रही चीनी : विभागीय अनदेखी के चलते जिले की उचित मूल्य दुकानों में पिछले एक वर्ष से चीनी का वितरण ही नहीं हो रहा। करीब तेरह माह पूर्व चीनी का वितरण उचित मूल्य दुकानदारों के माध्यम से किया गया था, उसके बाद चीनी का आवंटन ही नहीं हुआ। बाजार में फिलहाल 40 रुपए प्रति किलो चीनी मिल रही है, जबकि उचित मूल्य दुकानों पर चीनी 24.50 रुपए किलो पर मिलती है मगर इसमें डीलर का कमीशन बहुत कम है। इस कारण वे इसे बेचने में दिलचस्पी तक नहीं लेते।

रसद विभाग ने क्रय-विक्रय सहकारी समितियों और उचित मूल्य दुकानदारों के यहां पड़े चीनी के स्टॉक की लैब टेस्टिंग के लिए लिखा है। जल्द ही चीनी की लैब टेस्टिंग करवाई जाएगी। अक्सर चीनी दो साल में अपना रंग और स्वाद बदलने लगती है। फिर भी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - महमूद अली, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, बीकानेर

चीनी को लेने में ग्राहकों ने ही रुचि नहीं ली। यही कारण है कि चीनी का आवंटन होने के बावजूद इसका उठाव नहीं हो पाया। इसे अन्य स्थान पर भेजने या ग्राहकों को बांटने से पहले इसकी लैब टैस्टिंग के लिए सीएमएचओ को लिखा है। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगामी निर्णय लिया जाएगा। - भागूराम महला, डीएसओ (द्वितीय), बीकानेर

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