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10 जिलों के लिए सौगात:60 दिन की बंदी, 400 करोड़ रुपए खर्च और बदल गई इंदिरा गांधी नहर की 70 किमी तस्वीर, 300 क्यूसेक पानी बचेगा

बीकानेर/हनुमानगढ़23 दिन पहले
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हनुमानगढ़ पहुंचा राहत का पानी। - Dainik Bhaskar
हनुमानगढ़ पहुंचा राहत का पानी।
  • हरिके से 6 हजार क्यूसेक छोड़ा पानी, 2 जून को बीकानेर पहुंचेगा
  • बांधों में पानी की आवक बढ़ने पर मानसून अवधि में अतिरिक्त पानी भी राजस्थान को मिल सकेगा

60 दिन की बंदी में इंदिरा गांधी नहर परियोजना की 70 किलोमीटर तस्वीर बदल गई है। 400 करोड़ रुपए की लागत से पंजाब और राजस्थान क्षेत्र में रीलाइनिंग का काम हुआ है। डैमेज लाइनिंग का निर्माण दुबारा करवाए जाने से करीब 300 क्यूसेक पानी का सीपेज कम होगा। वहीं, मानसून अवधि में बांधों में आवक अच्छी होने की स्थिति में राजस्थान को अतिरिक्त पानी भी मिल सकेगा।

इसका फायदा इंदिरा गांधी नहर परियोजना से जुड़े 10 जिलों के लाखों किसानों को होगा। इंदिरा गांधी नहर परियोजना का निर्माण होने के बाद पंजाब क्षेत्र में पहली बार रीलाइनिंग का काम हुआ है। हालांकि इस बार पंजाब में निर्माण कार्य लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो पाया है। यहां 41 किलोमीटर का टार्गेट था और करीब 20 किलोमीटर ही रीलाइनिंग हुई है। इस पर लगभग 150 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। पंजाब क्षेत्र में कार्य शुरू करने के लिए 29 मार्च को हरिके से पानी की आपूर्ति बंद की गई।

राजस्थान में इस बार 28 दिनों में रिकॉर्ड 49 किलोमीटर रीलाइनिंग हो चुकी है। कोरोना संक्रमण के बीच राजस्थान में जल संसाधन विभाग के 150 अभियंताओं की देखरेख में दिन-रात काम चला। 28 मई को हरिके से इंदिरा गांधी नहर में पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई। शनिवार को हरिके से 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था जो रविवार को राजस्थान की सीमा में हनुमानगढ़ जिले में प्रवेश कर गया। 2 जून की रात नहर का पानी बीकानेर पहुंचने की संभावना है।

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