पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बीकानेर में पहली बार ऐसा सर्वे:बीकानेर में दिखी दुर्लभ चिड़िया एबराेड बूशचैट, अब इस पर होगी स्टडी

बीकानेर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
जोड़बीड़ में वल्चर। - Dainik Bhaskar
जोड़बीड़ में वल्चर।
  • वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की दस टीमें गूगल अर्थ पर मैपिंग के जरिए कर रही है सर्वे

वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की टीम को डेजर्ट एरिया में एक व्हाइट एबरोड़ बूशचैट (चिड़िया) नजर आई है। पक्षी विशेषज्ञों का दावा है कि इस चिड़िया पर अब तक स्टडी नहीं हो सकी। इसी प्रकार छत्तरगढ़ में भेड़िया देखा गया है। इंस्टीट्यूट की टीम ने रविवार को जोड़बीड़ क्षेत्र में सर्वे किया। वहां पांच अलग-अलग दल बनाकर पूरे क्षेत्र की गूगल अर्थ से मैपिंग की गई। इसके आधार पर पता लगाया जा रहा है कि जोड़बीड़ में हर साल कितने प्रवासी पक्षी आते हैं।

बीकानेर के पक्षियों की संख्या कितनी है। दल ने पास के कोटड़ी गांव में भी सर्वे किया। श्रीडूंगरगढ़, नोखा और देशनोक का सर्वे अभी बाकी है। जिले में 14256 स्क्वायर किमी. एरिया में ट्रांजिट सर्वे किया जाएगा। इन दस दलों में ही आउट रीच टीम भी शामिल हैं। इस दल का काम गांवों में लोगों से पक्षियों और वन्य जीवों के बारे में पूछताछ करना है। ग्रामीणों को पक्षियों के फोटो दिखाकर पूछा जा रहा है कि ऐसा पक्षी गांव में कभी नजर आया है या नहीं।

जोड़बीड़ से विदा होने लगे हैं परिंदे

जोड़बीड़ से प्रवासी परिंदे विदा होने लगे हैं। सिनेरियस वल्चर, यूरोशियन ग्रेफॉन, हिमालयन ग्रेफॉन प्रजाति के गिद्ध कजाकिस्तान, अफगानिस्तान की ओर रवाना हो चुके हैं। जोड़बीड़ में इजिप्शीयन प्रजाति के गिद्ध बड़ी तादात में हैं। इनकी नेस्टिंग यहीं होती है। इसके अलावा स्टेपी ईगल सहित विभिन्न प्रजाति के शिकारी पक्षी भी विदेशों से आते हैं। जंगली सूअर, लोमड़ी, जैकाल, हिरन, खरगोश आदि वन्य जीवों का यहां स्थायी बेसरा है।

हॉट स्पॉट सर्वे भी होगा

जिले में ट्रांजिट सर्वे के साथ ही अंत में छत्तरगढ़, लूणकरणसर, आरडी 750, गजनेर, दियातरा जैसे स्थानों का हॉट स्पॉट सर्वे भी होगा। ये वे स्थान हैं, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी और वन्य जीव पाए जाते हैं। भारत-अमेरिकी सेना के युद्धाभ्यास के कारण दल को महाजन क्षेत्र में सर्वे की अनुमति नहीं मिल सकी।

^मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरमेंट के कहने पर यह सर्वे किया जा रहा है। बीकानेर की वाइल्ड लाइफ पर यह एक तरह का स्टेटस सर्वे है। इससे यह पता चल जाएगा कि जिले में कहां-कहां कितने पक्षी और वन्य जीव हैं। उनकी प्रजातियों की जानकारी मिल सकेगी। लुप्त हो रही प्रजातियों के संरक्षण के क्षेत्र में यह सर्वे मील का पत्थर साबित होगा। गोडावण यहां काफी संख्या में थे। हमारी टीम अब भी उनकी तलाश में है। यदि एक भी नजर आ जाए तो उसका संरक्षण किया जा सकेगा।
-सुत्रिथा दत्ता, सर्वे प्रभारी

एक्सपर्ट व्यू; पहली बार हो रहा वाइल्ड लाइफ का साइंटिफिक एनालिसिस, दुर्लभ पक्षियाें के लुप्त हाेने के कारण सामने अाएंगे
(प्रताप सिंह एसाेसिएट प्राेफेसर डूंगर काॅलेज)

बीकानेर में पहली बार वाइल्ड लाइफ का साइंटिफिक एनालिसिस किया जा रहा है। यह सर्वे बीकानेर से लुप्त हो चुके और दुर्लभ पक्षियों की दशा और दिशा को तय करेगा। मसलन गोडावण नोखा दैया में 2009 में अंतिम बार देखा गया था। गोडावण के यहां से लुप्त हो जाने के कारणों की जानकारी मिलेगी। उसके लिए वातावरण निर्माण में यह अध्ययन उपयोगी साबित होगा। व्हाइट एबरोड़ बूशचैट डेजर्ट में नजर आई है। इस चिड़िया की नेस्टिंग का अब तक पता नहीं चल सका, इसलिए इसका अध्ययन नहीं हो पा रहा है। एक बात स्पष्ट हुई है कि यहां का भौगोलिक वातावरण प्रवासी पक्षियों के अनुकूल है। इसमें यह बात पता चलेगी कि जो प्रवासी पक्षी देश और प्रदेश की वाइल्ड लाइफ साइट्स पर नजर नहीं आते वे यहां क्यों आ रहे हैं।

यह है सर्वे का फार्मूला

इंस्टीट्यूट के दल ने बीकानेर में प्रवासी पक्षियों और वन्य जीवों का सर्वे करने के लिए फार्मूला बनाया है। ग्लोबल इंफाॅर्मेशन सिस्टम की मदद से गूगल अर्थ पर बीकानेर की मैपिंग की गई है। 12x12 स्क्वायर किलोमीटर के 99 सेल बनाए हैं। 144 स्क्वायर किमी का एक सेल है। एक दिन एक ही समय पर एक साथ 10 जगह ट्रैकिंग हो रही है। सभी दल गूगल मैप पर बनाए नक्शे के अनुसार कच्चे रास्तों पर जा रहे हैं। गाड़ियों की स्पीड 10 किमी प्रति घंटा रहती है।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- इस समय ग्रह स्थिति पूर्णतः अनुकूल है। बातचीत के माध्यम से आप अपने काम निकलवाने में सक्षम रहेंगे। अपनी किसी कमजोरी पर भी उसे हासिल करने में सक्षम रहेंगे। मित्रों का साथ और सहयोग आपकी हिम्मत और...

    और पढ़ें