एक ही ट्रक के दाे चालान:वर्कशाॅप में खड़े एक्सीडेंटल ट्रक का बनाया साढ़े तीन लाख व पिकअप का साै टन का चालान

बीकानेर2 महीने पहले
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ई-रवन्ना चालान काे लेकर भास्कर ने जब मामले की पड़ताल की ताे बहुत से चाैंकाने वाले मामले सामने आए। - Dainik Bhaskar
ई-रवन्ना चालान काे लेकर भास्कर ने जब मामले की पड़ताल की ताे बहुत से चाैंकाने वाले मामले सामने आए।

वर्कशाॅप में खड़े एक्सीडेंटल ट्रक का चालान बनाना हाे या फिर पिकअप में साै टन की लाेडिंग। एक ही ट्रक के डेढ़ घंटे में दाे चालान, जबकि इतने समय में गाड़ी खाली करना तक संभव नहीं है। बारह चक्के की गाड़ी के नंबर का चालान बनाकर भेजा, जबकि माल ढुलाई 22 चक्के की गाड़ी में हुआ है। ऐसा में साफ है नंबर किसी और वाहन का गाड़ी काेई और।

ई-रवन्ना चालान काे लेकर भास्कर ने जब मामले की पड़ताल की ताे बहुत से चाैंकाने वाले मामले सामने आए। पता चला कि ई-रवन्ना के चालान टाेल नाकाें, धर्मकांटे समेत ठेकेदार आदि से पता करके अंदाज से वाहनाें के नंबर भरकर किए जाते हैं। वाहन संबंधित कामकाज के लिए जब मालिक परिवहन विभाग में संपर्क करता है तब उसे पता चलता है कि गाड़ी के कितने चालान हाे गए है।

उसके वाहन काे ब्लाॅक कर दिया गया है। परिवहन विभाग के अधिकारी यह कहकर बचने का प्रयास करते नजर आए कि चालान माइनिंग डिपार्टमेंट ने किए हैं, उन्हें सिर्फ जुर्माना वसूलने का अधिकार है। उधर ट्रक ऑपरेटर्स ने कहा कि वाहन का फिटनेस, परमिट और आरसी संबंधित कामकाज नहीं हाेने से परेशान है।

सभी काे अवगत करवाने के बावजूद काेई हल नहीं निकला है। ऐसे में ऑपरेटर्स गाड़ी कैसे चलाए। गाैरतलब है कि प्रादेशिक परिवहन विभाग ने संभाग के चार जिलाें ई-रवन्ना के मार्च 20 से लेकर 20 दिसंबर 20 तक 1843 चालान बनाए हैं, जिसमें बीकानेर की 847 भार वाहन शामिल हैं। इनसें करीब सात साै कराेड़ से अधिक का जुर्माना वसूला जाना है।

आरटीओ की टेबल पर रखी गाड़ियांे की चाबी, मामला गरमााया

ट्रक ऑपरेटर्स मामले के निस्तारण काे लेकर आरटीओ ऑफिस में धरना लगाकर बैठ चुके है। मंगलवार काे इसी विषय में ऑपरेटर्स केशराम कूकड़ा, रामनारायण गाेदारा, माेहनराम, महेश, गिरधारी, चैनसिंह आदि आरटीओ ओमप्रकाश मारू से मिलने पहुंचे। ऑपरेटर्स ने गाड़ियां की चाबी जैसे आरटीओ की टेबल पर रखी।

मामला गरमा गया। आरटीओ ने ऑपरेटर्स से कहा कि यह मामला कलेक्टर, परिवहन कमिश्नर, परिवहन मंत्री तक का अवगत करवाया हुआ है। जैसे ही काेई दिशा-निर्देश मिलेंगे। मामले का निस्तारण करवा दिया जाएगा। हां अगर चालान गलत हुए है ताे आकर अलग से वाहन की लिस्ट सबूत दे। माइनिंग विभाग के साथ मिलकर चेक करवा लेंगे। तीन दिन में निस्तारण करवाया दिया जाएगा।

परिवहन विभाग की नजर कराेड़ाें की इनकम पर

बीकानेर रीजन के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर व चूरू जिले काे मिलाकर 2500 वाहनाें काे ई-रवन्ना चालान के तहत लाॅक किया हुआ है। इसमें 666 का टैक्स, 723 की फिटनेस, परमिट व वाहन संबंधी कामकाज बाकी है। अगर सरकार मामले का निस्तारण कर देती है ताे टैक्स और फिटनेस तथा परमिट के जरिए आरटीओ ऑफिस काे कराेड़ाें रुपए के राजस्व की प्राप्ती हाेगी।

यहां से समझे केस वाइज गड़बडियां

​​​​​​​केस 1

ट्रक नंबर आरजे 07-जीसी 7583 का काेलायत का चानी गांव में 15 दिसंबर 20 में एक्सीडेंट हुआ। आग लग गई। ट्रक ठीक हाेने के लिए वर्कशाॅप में गया। गाड़ी दुरुस्त हाेकर 27 दिसंबर काे वर्कशाॅप अाई, लेकिन परिवहन विभाग उस ट्रक के चार चालान कर दिए, जिसका जुर्माना 3 लाख 44 हजार रुपए है।

केस 2

पिकअप आरजे 07-जीबी 5453 की लाेडिंग क्षमता डेढ़ क्विंटल है। विभाग ने 100 क्विंटल का चालान करके 80 हजार जुर्माना लगाकर गाड़ी काे ब्लाॅक कर दिया। यह पिकअप दूध के व्यवसाय में चलती है। मालिक फिटनेस करवाने आया तब उसे बाेला कि पहले सूजानगढ़ जाकर चालान भराे, फिर काम हाेगा।

केस 3

ट्रक आरजे-07 जीबी 5529 के डेढ़ घंटे में दाे चालान किए गए। इतने समय में गाड़ी खाली तक नहीं हाेती। एेसे ही12 चक्के की गाड़ी का चालान 14 मार्च काे किया गया, जबकि गाड़ी 22 चक्के की लाेड़ हुई है।

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