कंपनी ने फीस देकर बेचने की अनुमति नहीं:14 साल बाद 83 लाख टन के ओवरबर्डन क्ले को बिजली बना रही कंपनी को बेचने की छूट

बीकानेर14 दिन पहले
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​​​​​​​डंप किए क्ले से सरकार को करीब 80 करोड़ रु. का नुकसान - Dainik Bhaskar
​​​​​​​डंप किए क्ले से सरकार को करीब 80 करोड़ रु. का नुकसान

कोलायत तहसील के गुड़ा लिग्नाइट बेस पावर प्लांट में प्राइवेट कंपनी 14 साल तक ओवरबर्डन के रूप में निकलने वाले बॉल क्ले को डंप करती रही जिससे 83 लाख टन माल का पहाड़ खड़ा हो गया। इस दौरान खान महकमे ने क्ले को नहीं संभाला और करीब 80 करोड़ रुपए का नुकसान होने के बाद अब अचानक बिजली बना रही कंपनी को बिना कीमत केवल रायल्टी और डीएमएफटी देकर बेचने की छूट दे दी।

कोलायत तहसील के गुड़ा में वीएस लिग्नाइट पावर लि. को वर्ष, 08 में 135 मेगावाट बिजली बनाने के लिए 1241.25 हेक्टेयर क्षेत्र में लिग्नाइट का खनन पट्‌टा जारी किया गया है। लिग्नाइट 70 मीटर की गहराई पर है। उसके ऊपर ओवरबर्डन के रूप में खनिज बॉल क्ले, फेरोंजीनियस, सेंडस्टोन वेस्ट, येलो ऑकर निकलते हैं। ओवरबर्डन की जिम्मेदारी खान महकमे के पास रही, कंपनी को बेचने की इजाजत नहीं दी गई।

शासन स्तर पर 28 अगस्त, 08 को आदेश दिया गया कि खनिज क्ले, मुल्तानी मिट्‌टी निकलने पर पट्‌टेधारी सरकार को सूचना देगा और उसे ओवरबर्डन से दूर अलग से डंप किया जाएगा। लेकिन, कंपनी ने अपनी लागत बचाने के लिए इसकी अनदेखी करते हुए 14 साल तक क्ले के साथ मिक्स ओवरबर्डन डंप किया जिससे मौके पर 83.27 लाख टन क्ले व अन्य खनिज का पहाड़ खड़ा हो गया। इस संबंध में कार्यवाहक अधीक्षण अभियंता राजेन्द्र बलारा ने बताया कि ओवरबर्डन क्ले का निस्तारण करने की अनुमति कंपनी को दे दी गई है।

निदेशालय से आई टीम ने क्ले का निरीक्षण किया, रिपोर्ट बनाएगी : खान निदेशालय की एक टीम बीकानेर आई और स्थानीय अधिकारियों के साथ गुड़ा पहुंचकर 83 लाख टन क्ले के पहाड़ का निरीक्षण किया। ओवरबर्डन में क्ले की गुणवत्ता, अन्य खनिज की गुणवत्ता की जांच की। बाजार में किस भाव बिक सकती है, इसका अनुमान लगाया। अब टीम रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को सौंपेगी। निदेशक डॉ. कुंजबिहारी पंडिया ने गुड़ा में क्ले का निस्तारण करने के लिए पिछले माह एक टीम गठित की थी जिसमें बीकानेर के अतिरिक्त निदेशक भूविज्ञान, बीकानेर वृत्त के एसएमई, उदयपुर केन्द्रीय कार्यालय के वरिष्ठ रासायनिक अभियंता और लेखाधिकारी को शामिल किया था।

अनुमति पत्र में पूरी 83 लाख टन क्ले बेचने के लिए नहीं कहा: वीएस लिग्नाइट पॉवर लि. को क्ले बेचने की अनुमति तो दे दी गई, लेकिन अनुमति पत्र में यह नहीं कहा गया कि उसे पूरी 83 लाख टन क्ले बेचने होगी और उसकी रायल्टी और डीएमएफटी खान विभाग को देनी होगी। आशंका जताई जताई जा रही है कि कंपनी ओवरबर्डन के ढेर से अच्छी क्वालिटी का क्ले बेचकर मुनाफा कमाएगी और शेष माल को बेचेगी ही नहीं। या फिर डंप ओवरबर्डन की आड़ में लगातार की जा रही माइनिंग से निकलने वाले क्ले को बेचने लगे। सवाल खड़ा होता है कि डंप किया गया पूरा क्ले कंपनी को सौंपकर उससे रायल्टी, डीएमएफटी और विशेष परमिट फीस वसूलने के बाद ही बेचने की अनुमति की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही।

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