बिग कंट्राेवर्सी / कमेटियों पर घमासान, महापाैर ने अपने साइन से जारी की प्राेसिडिंग, कमिश्नर असहमत, डीएलबी काे लिखा

Arguing over the committees, Mahapair issued the press with his sign, the commissioner disagreed, wrote DLB
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Arguing over the committees, Mahapair issued the press with his sign, the commissioner disagreed, wrote DLB

  • नगर निगम की 17 तरह की कमेटियों को लेकर गहराया विवाद कांग्रेसी पार्षदों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की कार्रवाई की मांग

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:39 AM IST

बीकानेर. नगर निगम में नंदी गाेशाला काे लेकर विवाद अभी थमा भी नहीं था कि कमेटियों के गठन काे लेकर घमासान शुरू हा़े गया है। महापाैर सुशीला कंवर राजपुरोहित ने साधारण सभा की राज्य सरकार के पास लंबित प्रोसिडिंग जारी कर दी। कमिश्नर ने इस पर असहमति जताते हुए स्वायत्त शासन विभाग काे लिख दिया।

उधर, कांग्रेसी पार्षदों ने महापाैर के फैसले काे गलत बताते हुए मुख्यमंत्री काे लिखा है। निगम में बाेर्ड गठन के साै दिन पूरे हाेने पर महापाैर ने साधारण सभा की रुकी हुई प्रोसिडिंग जारी की है। प्रोसिडिंग में निगम में गठित 17 तरह की कमेटियों के गठन का भी प्रस्ताव था। प्रोसिडिंग जारी करने के साथ ही महापाैर ने हाई काेर्ट में कैवियट भी दायर की है।

जबकि निगम कमिश्नर डाॅ. खुशाल यादव ने महापाैर के इस फैसले से असहमति जताते हुए डीएलबी काे पत्र लिखा है। उन्होंने डीएलबी से इस मामले में आगामी कार्रवाई काे लेकर दिशा निर्देश मांगे हैं। 
कहां फंसा है पेंच
निगम की कमेटियों काे लेकर एक पेंच फंसा हुआ है, जिसका फायदा महापाैर ने उठाया है। कांग्रेसी पार्षदों की आपत्ति पर तत्कालीन आयुक्त डाॅ. प्रदीप गवांडे ने प्रोसिडिंग जारी नहीं की। उन्होंने नाेट ऑफ डिसेंट लगाने के बजाय डीएलबी से मार्ग दर्शन मांग लिया।

मामला राज्य सरकार तक गया। नियमानुसार 90 दिन में कमेटियों का गठन नहीं हाेने पर राज्य सरकार काे इसके गठन के अधिकार हाेते हैं। वह अवधि भी पूरी हा़े गई। साै दिन का समय गुजरने पर आयुक्त डाॅ. खुशाल यादव ने मार्ग दर्शन के लिए रिमांइडर भेजा। वहां से जवाब आता इससे पहले महापाैर ने हाई काेर्ट में कैवियट दायर करते हुए खुद के साइन से ही प्रोसिडिंग जारी कर दी। 

  • महापाैर के इस फैसले का डीएलआर से परीक्षण कराया था। चूंकि प्रोसिडिंग जारी करने के संबंध में डीएलबी काे मार्ग दर्शन के लिए रिमांइडर भेजा हुआ है। ऐसे में महापाैर काे इंतजार करना चाहिए था। अब डीएलबी से आगामी कार्रवाई के लिए दिशा निर्देश मांगे हैं।

डाॅ. खुशाल यादव, आयुक्त, नगर निगम

  • कानून की परिभाषा में मार्ग दर्शन का काेई स्थान नहीं हाेता। तत्कालीन आयुक्त काे नाेट ऑफ डिसेंट लगाना था, जाे उन्होंने नहीं लगाया। अब यदि सरकार घोषणा नहीं करेगी ताे क्या निगम में काम नहीं हाेगा। आयुक्त एक्ट पढ़ें। हमें गलत साबित करने के लिए के लिए काेर्ट खुला है।

सुशीला कंवर राजपुराेहित, महापाैर
कांग्रेसी पार्षद ने सीएम काे लिखा पत्र 
नगर निगम महापाैर सुशीला कंवर पर क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर कमेटियां गठित करने का आराेप लगाते हुए पार्षद जावेद पड़िहार ने मुख्यमंत्री काे पत्र लिखा है तथा कार्रवाई की मांग की है। पत्र में लिखा है कि संयुक्त विधि परामर्शी ने सात फरवरी काे साधारण सभा में घटित घटनाक्रम काे लेकर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी थी, जाे अभी प्रक्रियाधीन है।

उसके बावजूद महापाैर ने प्रोसिडिंग जारी कर दी। जबकि बाेर्ड गठन के 90 दिवस के अंदर यदि बाेर्ड कमेटियां गठित नहीं कर पाता है ताे सरकार इसका फैसला करती है। सरकार की बिना अनुमति ही महापाैर ने धारा 49(7) के प्रावधानों का हवाला देकर कमेटियों का गठन कर दिया, जाे विधि सम्मत नहीं है।

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