पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मंडे पॉजिटिव:बीएसएफ का कोविड मैनेजमेंट, 221 जवान कोरोना से जीतकर फिर बॉर्डर पर तैनात

बीकानेर25 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
दीपक दास, राजूराम चाेयल और कुंदन सिंह। - Dainik Bhaskar
दीपक दास, राजूराम चाेयल और कुंदन सिंह।

देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। हमने हजारों लोग खो दिए। लाखों बीमार पड़े हैं। ऐसे हालत में हौसला-जज्बा और देश की मिसाल बना सीमा सुरक्षा बल। राजस्थान फ्रंटियर बीकानेर सेक्टर के करीब 221 जवान कोरोना पॉजिटिव हुए थे, जो आज बिल्कुल ठीक होकर वापस हमारी सरदह की रक्षा कर रहे हैं।

राजस्थान की पश्चिमी सीमा को भी कोरोना ने नहीं बख्शा। लेकिन ऐसी महामारी में भी सीमा प्रहरियों के हौसले नहीं टूटे। सीमा पर लगातार ड्यूटी दी। कोरोना पॉजिटिव भी हुए। बीएसएफ कैंपस के कोविड केयर सेंटर में भर्ती रहे। ठीक होने के बाद वापस सरहद पर जा पहुंचे। कोरोना ने अप्रैल में रफ्तार पकड़ी थी। इन दो महीनों में बीएसएफ के करीब 221 जवान भी संक्रमित हो गए। राहत की बात ये थी कि हार्ड एक्सरसाइज करने के कारण जवान पूरी तरह फिट रहते हैं। इसलिए कोरोना इन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सका। किसी जवान को पीबीएम हॉस्पिटल में भर्ती होने की भी जरुरत नहीं पड़ी। तीन कंपनियां बंगाल चुनाव कराकर भी लौटीं, लेकिन वे सभी सुरक्षित हैं। उन्हें 15 दिन क्वारेंटाइन सेंटर में रहना पड़ा। वर्तमान में छह जवान सेक्टर के कोविड केसर सेंटर में भर्ती हैं। उन्हें भी जल्द ही डिस्चार्च करने की तैयारी है।

आर्मी और एयरफोर्स में पांच मौतें हो चुकी हैं

कोरोना के कारण आर्मी और एयर फोर्स में पांच मौतें हुई हैं। आर्मी के दो सैनिक और एक की पत्नी को कोरोना ने छीन लिया। जबकि एयर फोर्स के एक अधिकारी के माता-पिता की जान चली गई। दोनों ही जगह अब हालात काबू में हैं। आर्मी के करीब 40 जवान संक्रमित हुए थे। उनमें भी ज्यादातर पूर्व सैनिक थे।

दीपक दास : सात अप्रैल काे काेराेना पाॅजिटिव आए थे। 23 अप्रैल काे निगेटिव रिपाेर्ट आने पर वापस ड्यूटी जॉइन की।
ऐसे हराया कोरोना को: लंबी सांसें लेतेे, ताकि फेफड़े मजबूत बने रहें : दीपक राेजाना 5 किमी दाैड़ते हैं। काेराेना की चपेट में आए ताे दिन में कई बार लंबी सांसें लेकर फेफड़ाें काे मजबूत करते रहे।

राजूराम चाेयल : 29 अप्रैल काे पाॅजिटिव। 10 मई से वापस बाॅर्डर पर।
ऐसे हराया: योग पर फोकस किया: राजूराम बाहर से लाैटे थे। जांच कराई ताे काेराेना पाॅजिटिव पाए गए। दस दिन बैरिक में ही क्वारेंटाइन कर दिया गया। पांच दिन का काेर्स लिया। अनुशाासन में रहे, योग किया, फेफड़ों से जुड़े एक्सरसाइज किए। निगेटिव हाेने के दूसरे दिन ही ड्यूटी जाॅइन की।

कुंदन सिंह : 27 मई काे पाॅजिटिव आए और 14 जून काे रिपाेर्ट निगेटिव भी आ गई। वापस बॉर्डर पर तैनात हुए।
काेराेना काे ऐसे हराया: अनुशासन में रहे, प्राणायाम किया : कुंदन सिंह ने बीएसएफ कैंपस में ही काेविड केयर सेंटर में भर्ती रहका काेराेना काे हराया। नियमित दवाई लेने के साथ ही प्रणायाम भी करते रहे।

यदि जवान ही कमजोर पड़ जाएंगे तो देश की रक्षा कौन करेगा। बीएसएफ के जवान प्राकृतिक आपदा में भी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की रक्षा करते आए हैं। सीमा के प्रहरी किसी भी आपदा से डरने वाले नहीं है। हर चुनौती को स्वीकार करेंगे और डटकर मुकाबला करेंगे।
पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, डीआईजी, बीएसएफ

खबरें और भी हैं...