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एक दिन की हड़ताल:बस ऑपरेटर्स कल रहेंगे हड़ताल पर, नहीं चलेगी प्राइवेट बसें, 50 हजार यात्री हाेंगे परेशान

बीकानेर13 दिन पहले
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  • एक साल का टैक्स माफ करने व 25% किराया बढ़ाने की कर रहे हैं मांग

एक साल का टैक्स माफ करने और किराया में बढ़ाेतरी करने की मांग काे लेकर जिले के निजी बस ऑपरेटर्स गुरुवार काे एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। बसाें का संचालन सुबह सात से शाम सात बजे तक पूरी तरह बंद रहेगा। दूसरे राज्याें से आने वाली बसाें काे भी हड़ताल में शामिल करने के प्रयास यहां के बस ऑपरेटर्स करेंगे। बसाें के नहीं चलने से ऑपरेटर्स काे जहां करीब 70 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हाेगा। दूसरी ओर 50 हजार से ज्यादा यात्रियाें काे परेशानी झेलनी पड़ेगी।

बीकानेर बस ऑपरेटर्स एसाेसिएशन के अध्यक्ष समुंद्रसिंह राठाैड़ ने बताया कि डीजल के रेट डेढ़ साल में दाेगुने हाे गए हैं, जबकि किराए में वृद्धि पांच-छह साल से नहीं हुई है। राेडवेज काे सरकार सालाना सब्सिडी दे रही है, जिस वजह से वह किराया नहीं बढ़ा रही। प्राइवेट बस ऑपरेटर्स काे अगर सब्सिडी मिलेगी ताे वह भी किराया नहीं बढ़ाएगा। अन्यथा प्राइवेट बस ऑपरेटर्स काे मजबूरन किराए में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि करनी पड़ेगी।

ऑपरेटर्स ने मांगाें काे लेकर परिवहन मंत्री और परिवहन आयुक्त के नाम जिले वार आरटीओ व डीटीओ काे ज्ञापन सौंपा था, लेकिन उस पर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। मजबूरन अब आंदोलन शुरू किया जा रहा है। ऑपरेटर्स ने चेतावनी दी है कि फिलहाल एक दिन का चक्का जाम किया जा रहा है।

यदि सरकार फिर भी मांगों को नहीं मानती है तो प्रदेशभर में निजी बस संचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। हड़ताल काे सफल बनाने के लिए हुई मीटिंग में शिवसिंह, धरमाराम पारीक, कैलाश, मनाेज बिश्नाेई, भागसिंह, हिम्मतसिंह, बलवीरसिंह आदि माैजूद थे।

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प्राइवेट बस ऑपरेटर्स का कहना है कि डीजल का रेट 42 रुपए प्रति लीटर था। तब सरकार की ओर से 85 पैसे प्रति किलोमीटर किराया तय किया गया था। अब डीजल का रेट 100 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा हाे गए हैं। बावजूद प्रदेश में किराया नहीं बढ़ाया गया है। टोल टैक्स, बीमा और स्पेयर पार्ट्स की दरें भी बढ़ गई हैं।

इसे देखते हुए अन्य राज्यों ने 40 प्रतिशत तक किराया बढ़ाया है। गाैरतलब है कि जिले में प्राइवेट, लाेक परिवहन, ग्रामीण व नाइट सर्विस काे मिलाकर करीब एक हजार बसाें का संचालन हाेता है। हड़ताल के चलते ये बसें नहीं चल पाएंगी।

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