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  • CCTV Cameras Were Made At The Railway Station, The Watchmen Of The Vehicles Standing At Night, If The Vehicle Is Stolen, Thieves Will Be Seen In The Camera, No One To Stop

कोरोना के बाद सवा साल से नहीं मिल रहा ठेकेदार:रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे बने रात को खड़े वाहनों के चौकीदार, वाहन चोरी हुआ तो कैमरे में दिखाई देंगे चोर, रोकने वाला कोई नहीं

बीकानेर16 दिन पहले
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पम्प ठीक करते कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
पम्प ठीक करते कर्मचारी।
  • रात दस से सुबह छह बजे तक वाहन मालिक अपनी रिस्क पर खड़े करते हैं वाहन

बीकानेर रेलवे स्टेशन पर पार्किंग में वाहन खड़े करने वाले मालिक अलर्ट हो जाएं, क्योंकि रात दस बजे से लेकर सुबह दस बजे तक वाहन की निगरानी यहां कैमरों के भरोसे है। वजह कोरोना काल में बंद हुई ट्रेनों को रेलवे ने भले ही शुरू कर दिया है। मगर बीकानेर रेलवे स्टेशन को वाहन पार्किंग के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिल रहा है। रेलवे ने यह व्यवस्था भी तब कर रखी जब शहर में बाइक चोरों की वारदातों का सिलसिला निरंतर जारी है।

दिन के समय खानापूर्ति के लिए रेलवे खलासी से लेकर टीटीई तक की ड्यूटी लगा रहा है ताकि अर्निंग आती रहे। हैरानी की बात यह है कि वाहन मालिक को पार्किंग की पर्ची देने के बावजूद अभी रेलवे ने एक रजिस्टर भी लगवाया है ताकि उसमें एंट्री हो सके कि कौन-सा वाहन कब आया।

उधर मुख्य जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट शशि किरण ने बताया कि वाहन पार्किंग के लिए रेलवे को ठेकेदार नहीं मिल रहा तो पब्लिक के वाहनों की सुरक्षा के लिए रेलवे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा सकती है। रात में भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए।

एक साल में होती थी 30 लाख से ज्यादा की इनकम : रेलवे की ओर से रिजर्वेशन ऑफिस, फर्स्ट और सैकंड एंट्री के पास बने पार्किंग स्थल को हर साल तीन-तीन महीने के लिए ठेके पर दिया जाता है। सालभर में ठेकेदार से रेलवे को करीब 30 लाख रुपए से अधिक की आय होती थी, जो करीब सालभर से नहीं हो रही है। रेलवे प्रशासन अब तक ठेकेदार नहीं ढूंढ पाया है, जबकि ठेके को रिवाइज करने तक के लिए चर्चा हो चुकी है।

ठेकेदारों के मन में यह सवाल है कि कोविड के बाद स्टेशन पर सिर्फ यात्रियों की अावाजाही रह गई है। पहले की तरह लोग रिश्तेदार व मिलने वालों को अब छोड़ने नहीं आते। उसकी एक बड़ी वजह प्लेटफार्म टिकट का रेट 30 रुपए होना है। एेसे में ठेकेदार पार्किंग का काटेंक्ट नहीं लेना चाह रहे।

शहर में आए दिन चोरी होती हैं बाइक : पीबीएम हाॅस्पिटल परिसर, केईएम रोड, म्यूजियम सर्किल, कोठारी हाॅस्पिटल के आसपास व कचहरी परिसर समेत कुछ अन्य जगह ऐसी हैं, जहां से आए दिन बाइक चोरी की वारदात होती है। इस मामले में पुलिस की ओर से रिपोर्ट बहुत ही कम या फिर से देरी से दर्ज की जाती है। हालांकि 29 अगस्त को सदर पुलिस ने दो बाल अपचारियों को पकड़कर पूछताछ के बाद पांच बाइक बरामद की थी। ऐसे ही नयाशहर पुलिस ने 27 अगस्त को चोरी की 21 बाइक बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

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