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दिल्ली में हुई हाई-पावर कमेटी की बैठक:नहर से बीकानेर सहित 10 जिलों में जाता है केमिकल वाला पानी, प्रदूषण बोर्ड व बीबीएमबी करेंगे जांच

बीकानेरएक महीने पहले
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दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत के साथ बैठक करते राजस्थान के प्रतिनिधि और अधिकारी। - Dainik Bhaskar
दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत के साथ बैठक करते राजस्थान के प्रतिनिधि और अधिकारी।

इंदिरा नहर से राजस्थान में सप्लाई हा़े रहे केमिकल युक्त पानी काे राेकने के लिए पंजाब में ऐसी फैक्ट्रियों काे बंद किया जा सकता है, जिनके ट्रीटमेंट प्लांट नहीं है। केंद्रीय हाई पावर कमेटी की गुरुवार काे दिल्ली आयोजित बैठक में नहर में आ रहे कैमिकल युक्त पानी काे गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड काे निर्देश जारी किए गए।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि पंजाब की फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी राजस्थान काे दिया जा रहा है। 70 दिन की नहरबंदी खत्म हाेने पर सतलज नदी के रास्ते राजस्थान काे पानी दिया गया। पिछले दाे सप्ताह से राजस्थान के लाेग गंदा पानी पी रहे हैं। पंजाब की सैकड़ों डेयरियों का मलबा इसी पानी के साथ राजस्थान के 11 जिलाें तक पहुंचता है।

कमेटी की बैठक में राजस्थान के प्रतिनिधियों की शिकायत के बाद केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नाराजगी जताते हुए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड काे निर्देश देते हुए कहा कि एेसी फैक्ट्रियाें बंद कर दिया जाना चाहिए।

लुधियाना, जालंधर समेत आधा दर्जन शहराें की फैक्ट्रियाें से निकलने वाला जहरीला कैमिकल और डेयरियाें का मलबा इंदिरा गांधी नहर के जरिए राजस्थान में सप्लाई हाे रहा है। इस बड़ी समस्या काे लेकर गुरुवार काे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया की अगुवाई में दाे केन्द्रीय मंत्री, एक सांसद, छह विधायक समेत दाे दर्जन नेताओं ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से साथ बैठक की।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड के चेयरमैन नरेशपाल गंगवार, केन्द्रीय जल आयोग के अध्यक्ष एस.के.हलधर, भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बाेर्ड के चेयरमैन एस.के.श्रीवास्तव, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सचिव पंकज कुमार, आईएएस देवाश्री मुखर्जी, राजस्थान जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव नवीन महाजन अाैर पंजाब जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव बैठक में मौजूद थे।

नहरी पानी पर ये हुए निर्णय
इस साल नहरबंदी के दाैरान 70 दिन तक एकत्र गंदा पानी राजस्थान काे दिया गया। इसके लिए संबंधित अधिकारी अाैर विभाग की जिम्मेदारी तय हाेगी। इसकी जांच प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड और भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बाेर्ड संयुक्त रूप से करेंगे। प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड काे निर्देश दिए हैं कि कैमिकल छाेड़ने वाली फैक्ट्रियाें ने यदि ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाए हैं ताे उनकाे तत्काल बंद किया जाए।

पंजाब के प्रमुख सचिव काे डेयरियों के बड़े कलस्टरों का स्थान बदलने काे कहा गया है। गंदे पानी काे एस्केप में निकाला जाए। श्रीगंगानगर सांसद निहाल चंद ने पंजाब की एक शुगर फैक्ट्री पर लगाए गए 50 कराेड़ जुर्माने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एनजीटी ने इस फैक्ट्री काे बंद करने के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक चालू है।

41 किमी में हाेनी थी मरम्मत, सिर्फ 23 किमी में हुई : बैठक में नहर की मरम्मत का मुद्दा भी उठा। राजस्थान के प्रतिनिधियाें ने कहा कि 2018 में नहरबंदी के दाैरान मरम्मत के लिए दाे हजार कराेड़ रुपए दिए गए थे। मरम्मत 41 किमी में से 23 किमी तक ही की गई है। कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए गए। शेखावत ने प्राेजेक्ट की जांच के आदेश दिए हैं।

बैठक में केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, कृषि राज्य मंत्री कैलाश चाैधरी, नाेखा विधायक बिहारी लाल बिश्नाेई, लूणकरणसर विधायक सुमित गाेदारा, अनूपगढ़ विधायक संतोष बावरी, सांगरिया विधायक गुरुदीप, रायसिंह नगर विधायक बलवीर लूथरा, एससी माेर्चा के कैलाश मेघवाल, किसान माेर्चा के हरिराम रिणवा,श्रीगंगानगर भाजपा अध्यक्ष आत्माराम तर्ड, हनुमानगढ़ अध्यक्ष बलवीर बिश्नोई मौजूद थे।

पंजाब से गंदा पानी आ रहा है। पश्चिमी राजस्थान के सांसद-विधायकाें में गंदे पानी काे राेष है। जनता परेशान है। लाेग दूषित पानी पीकर बीमार हा़े रहे हैं। पंजाब की दूषित राेक नहीं रहा। भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बाेर्ड में पंजाब हमारा सदस्य भी नहीं बनने दे रहा। सभी मुद्दे केन्द्रीय जल शक्ति के समक्ष रखे हैं। 15 दिन बाद आदेशों की फिर समीक्षा हाेगी। सीएम अशाेक गहलाेत काे भले ही राजस्थान के लाेगाें की चिंता ना हाे पर हमने अपनी ओर से ये कदम उठाया है और गंदा पानी रुकवाकर रहेंगे।-सतीश पूनिया, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

नहर में गंदा पानी काे लेकर बैठक में चिंतन हुआ है। गंदे पानी लेकर पंजाब की फैक्ट्रियों से आ रहे कैमिकल, डेयरियाें के मलबे के मुद्दे सामने आए। सभी ने आपस में विचार विमर्श कर गंदे पानी काे राेकने पर चर्चा की है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने विचार विर्मश के बाद अधिकारियाें काे निर्देश जारी किए हैं। इसका समय-समय पर रिव्यू किया जाएगा।-अर्जुनराम मेघवाल, केन्द्रीय मंत्री

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